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हिंदी में ही बोलना चाहता था, पर विदेशी हिंदी नहीं जानते ना: सतेंद्र त्रिपाठी

सियोल में कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते सतेंद्र त्रिपाठी
सियोल में कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते सतेंद्र त्रिपाठी

पंजाब केसरी दिल्ली के मुख्य संवाददाता सतेंद्र त्रिपाठी हाल में दक्षिण कोरिया सियोल गए थे एशियन पॉलिटिकल पार्टीज के मीडिया फोरम द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ़्रेन्स में। कांफ्रेंस से लौटकर उन्होंने मीडिया मिरर सम्पादक प्रशांत राजावत से चर्चा की।

सवाल: कोरिया कैसा लगा
जवाब: बहुत बढ़िया, बहुत ही बढ़िया। बहुत विनम्र लोग हैं वहां के। इतने प्यार से बोलते हैं की क्या कहने। हाँ जो शाकाहारी हैं उनके लिए ज़रूर थोड़ा परेशानी है।

सवाल: भारत से क्या और भी पत्रकार इस कॉन्फ़्रेन्स में गए थे
जवाब: नहीं, मैं और मेरे सहयोगी सज्जन चौधरी ही बतौर पत्रकार भारत से वहां थे।

सवाल: दरअसल क्या चर्चा हुई इस फ़ोरम में
जवाब: देखिए ये कांफ्रेंस एशियाइ समुदाय के निर्माण में मीडिया की भूमिका विषय पर थी। 25 देशों के पत्रकार इस कांफ्रेंस में थे। सबने अपनी बात रखी। मुझे भी अपने देश की ओर से बात रखने का अवसर मिला। ये मेरे लिए सम्मान की बात है।

सवाल: कांफ्रेंस में आपने क्या बात रखी
जवाब: मैंने अपने समूह पंजाब केसरी की ऐतिहासिक यात्रा का जिक्र किया। हमारे पूर्व सम्पादकों की शहादत को पूरे दुनिया के सामने रखा। भारतीय मीडिया के पक्ष को रखा।

सवाल: आप किस भाषा में बोले कांफ्रेंस में
जवाब: मैंने अंग्रेजी में भाषण दिया। क्योंकि दुनियाभर के लोग थे, अनुवादक की व्यस्वस्था नहीं थी। इसलिए अंग्रेजी में बोलना पड़ा, हालाँकि मन हिंदी में बोलने का था, और अंग्रेजी में थोड़ा सहज भी नहीं था, पर बोलना पड़ा। हालाँकि मैं हिंदी में अच्छा बोलता हूँ और मैं चाहता हूँ विदेश में हिंदी को बढ़ावा मिले।

अनिल शास्त्री के साथ सतेंद्र त्रिपाठी
अनिल शास्त्री के साथ सतेंद्र त्रिपाठी

सवाल: आपने वहां भारत के राजदूत और पाकिस्तान के उच्चायुक्त से मुलाकात की, अनिल शास्त्री से मुलाकात की।
जवाब: हाँ भारत के राजदूत दुरई स्वामी से मिलने के लिए तो हमने यही से मेल कर दिया था। पर देखिये बहुत बढ़िया इंसान हैं वो। हम व्यस्त हो गए तो वो खुद ही हमसे मिलने आ पहुंचे। और पाकिस्तान के उच्चायुक्त कांफ्रेंस में आये थे तो मुलाकात हो गई और अनिल शास्त्री (लाल बहादुर शास्त्री जी के बेटे) जी खाने की मेज पर साथ थे।

सवाल: आपको सबसे बढ़िया सम्बोधन किस पत्रकार का लगा।
जवाब: वहां टर्की की महिला पत्रकार थीं, उन्होंने शानदार तरीके से बात रखी।

सवाल: आपको एक विशेष सम्मान भी मिला है वहां
जवाब:हाँ कोरियाइ संसद के अध्यक्ष ने प्रतीक चिन्ह मुझे भेंट किया, ये मेरे लिए सम्मान की बात है।

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