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माखनलाल विवि. में लगे नारे ‘ तेल लगाओ डाबर का नाम मिटाओ बाबर का’

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय लगातार सुर्खियों में रहता है। कभी गौशाला के कारण कभी संघ के प्रभाव के कारण, कभी अनियमितताओं के कारण। बहरहाल इस बार वजह अलग है। पत्रकारिता विश्वविद्यालय में राम मंदिर आंदोलन पर कार्यक्रम हुआ। लोगों का कहना है विश्वविद्यालय में शिक्षा होना चाहिए न कि इसे राजनीति का अड्डा बनाना चाहिए। 

इससे पहले भी विश्वविद्यालय के भोपाल परिसर में छात्र छात्राओं को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखने के लिए बाध्य करने की खबरें सामने आई थीं।

पढ़िए क्या हुआ विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस में.. गौरव श्रीवास्तव बता रहे

 

 

एक खास विचारधारा की लैबोरेट्री में तब्दील हो रहे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नोएडा कैम्पस में 6 दिसम्बर यानी कल एक सेमिनार ‘राम मंदिर आंदोलन’ पर हुआ। उसमें बाहर से एक मात्र वक्ता के तौर पर किसी संघ के प्रचारक को बुलाया गया। उस सेमिनार में क्या हुआ वहीं एक पत्रकारिता के एक छात्र अनुभव शेयर कर रहा हूँ। पढ़िए और तय कीजिये कि कितनी खतरनाक खेती हो रही है!

‘कि टोपी वाला भी सर झुका के जय श्री राम बोलेगा, माखनलाल में आज बजने वाले गाने के बोल हैं यह । माखनलाल में अयोध्या मामले के 25 साल पूरे होने पर एक प्रोग्राम में रखा गया जिस में पहली बार मैं ने परिसर में हिन्दू ताक़त का अहसास किया।सभी छात्र अजीबो गरीब से नारे लगा रहे थे,तेल लगाओ डाबर का नाम मिटाओ बाबर का और परिसर जय श्री राम के नारों से गूंज रहा था।प्रोग्राम अयोध्या मामले पर था पर वक्ताओं का सब से ज़्यादा ज़ोर घर वापसी पर था कि ये मुस्लिम (जो कि असल में हिन्दू हैं)रास्ता भटक गए हैं उन को प्यार से और ज़रूरत पड़ने पर ज़बरदस्ती वापस लाया जाए। भक्ति,आस्था समझ आती है,अपने धर्म का प्रचार प्रसार भी समझ आता है पर इस तरह किसी धर्म,जाती को टारगेट करना ये कहाँ तक उचित है। अफसोस इस बात का है कि ये प्रोग्राम पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हो रहा था और पत्रकार बंधु (मासूम) इस में बढ़ चढ़ कर चिल्ला रहे थे,पत्रकारिता विश्वविद्यालय में इस तरह के प्रोग्राम करने हैं तो इस का नाम बदल कर धार्मिक स्थल या पाठशाला रख दो। ये शिक्षा स्थल है यहां पढ़ाई ही होने दो,राजनीति, घर वापसी,वंदे मातरम,तीन तलाक़, भारत माता की जय,राम मंदिर का निर्माण हर हाल में करेंगे और जय श्री राम के नारे बाहर तक रहने दो क्योकि हमें नोकरी भक्ति से नहीं पढ़ने और काम सीखने से मिलेगी।’
जय हिंद जय भारत

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