Home > नई किताब/फ़िल्म > शीला दीक्षित की आत्मकथा बोरिंग नहीं होगी, वरना वो कचरे में फेंक देतीं

शीला दीक्षित की आत्मकथा बोरिंग नहीं होगी, वरना वो कचरे में फेंक देतीं

“सिटीजन दिल्ली: माय टाइम्स, माय लाइफ”
“सिटीजन दिल्ली: माय टाइम्स, माय लाइफ”

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्लीः कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित की आत्मकथा पूरी हो चुकी है। 27 जनवरी को जयपुर साहित्य उत्सव में इसका विमोचन है। आत्मकथा अंग्रेजी में है। नाम है सिटीजन दिल्लीः माई टाइम्स-माई लाइफ। प्रकाशक है ब्लूम्सबरी।

3 साल लगे लिखने में

पूरे 3 साल में इस आत्मकथा को लिखा गया है। फरवरी 2015 में शीला दीक्षित ने इसे लिखना शुरू कर दिया था। शीला दीक्षित का मानना है कि जबरदस्त शोध के बाद ये किताब लिखी गई है। निश्चित है किसी आत्मकथा में पूरे 3 साल लगना इसी बात का परिणाम है।

आत्मकथा बोरिंग होगी तो कचरे में डाल दूंगी

आत्मकथा लिखने से पहले शीला दीक्षित ने कहा था मैं नहीं चाहती लोग एक बोरिंग आत्मकथा पढ़ें। उन्होंने कहा था वो लिखती जाएंगी और कहीं भी उन्हें लगेगा कि ये बोरिंग सी बन गई है वो इसे कचरे में फेंक देंगी। लेकिन अब आत्मकथा प्रकाशित हो गई है। विमोचन की तारीख तय हो गई है। तो तय है आत्मकथा बोरिंग नहीं होगी वरना प्रकाशित न होकर कचरे में ही होती।

आत्मकथा में क्या होगा

शीला कहती हैं कि ये मेरी नहीं दिल्ली की आत्मकथा है। पल पल बदलती दिल्ली की। बांग्लादेश युद्ध के समय की दिल्ली और बाद की दिल्ली। शीला खुद के बारे में कहती हैं कि कैसे साइकिल से चलने वाले लड़की दिल्ली की मुख्यमंत्री बन जाती है। दरअसल न तो वो राजनीति में आना चाहती थीं और न उन्होंने कभी ऐसा सोचा था। उनके पिता के बारे में भी किताब में जिक्र है। गांधी परिवार से भी रिश्तों का जिक्र है। हां आत्मकथा में कोई नकारात्मक बात नहीं है ये शीला दीक्षित ने सुनिश्चित किया।

कौन हैं शीलाः 

शीला दीक्षित का जन्‍म पंजाब के कपूरथला में हुआ । उनकी शादी यूपी के एक बड़े राजनीतिक घराने में हुई। उनके ससुर उमा शंकर दीक्षित उन्‍नाव के रहने वाले थे। वो बंगाल के गवर्नर थे। उनके बेटे विनोद दीक्षित से शीला दीक्षित की शादी  हुई थी। विनोद आईएएस अधिकारी थे। जब वह आगरा के डीएम थे, तब शीला समाजसेवा में सक्रिय थीं। बाद में वह राजनीति में आ गईं। वह 1984-89 के बीच कन्नौज से सांसद भी रह चुकी हैं।

Share this: