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मिलिए देश की सबसे छोटी फिल्म मेकर बच्ची से

वैभवी खैमरिया।
वैभवी खैमरिया।

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्लीः 

पत्रकारों के परिवार की उपलब्धि को दर्शाने वाले मीडिया मिरर के इस सेक्शन में हम आपको मिलवाते हैं देश की सबसे छोटी फिल्म मेकर बच्ची से… वह शूट करती है, एडिटिंग करती है, स्पेशल इफ़ेक्ट देती है। साउंड एडिटिंग और म्यूजिक कम्पोजीशन की जानकार है। पंद्रह तरह के कैमरे ऑपरेट करना जानती है और फिल्मों को बनाने की सभी आर्ट जानती है। जी हाँ यह है इंडिया की सबसे छोटी फिल्मकार… और नाम है वैभवी खेमरिया।

वैभवी अपने पिता वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार खैमरिया के साथ
वैभवी अपने पिता वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार खैमरिया के साथ

उसकी उम्र सुनकर आप चौंक जायेंगे, वह अभी सिर्फ 8 साल की हैं और क्लास थर्ड की स्टूडेंट हैं । वैभवी जर्नलिज्म में पिछले 21 साल से सक्रिय और वर्तमान में नईदुनिया इंदौर में कार्यरत राजकुमार खेमरिया की बेटी हैं। राजकुमार हिस्टोरिकल इंडिया, क्रिकेट सम्राट, राजस्थान पत्रिका, जागरण समूह आदि में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं और शौकिया तौर पर शार्ट फिल्म मेकिंग भी करते हैं।

हाल ही में वैभवी चर्चा में तब आयी जब उसकी बनाई ट्रेवल डॉक्युमेंट्री ‘माय ट्रेवल स्टोरी’ यूएस बेस्ड पोर्टल और चैनल ‘ट्रेवल चैनल’ ने स्पांसर की और अपने प्राइम स्पॉट पर दिखाने की अनाउंसमेन्ट की। वैभवी ने इस डाक्यूमेंट्री के लिए एक यूनिक थीम तैयार की और अपनी माँ (अम्बिका खेमरिया ) की ट्रेवल एक्सपीडिशन को ही रोचक अंदाज में फिल्माने का डिसीजन लिया। बकौल वैभवी, ” मैंने अभी तक आई बाकी ट्रेवल डॉक्युमेंट्रीज़ से थोड़ा डिफरेंट थीम डिसाइड की।

अभी तक किसी ने भी अपने दो किड्स के साथ घूमते हुए अपने ट्रेवल एक्सपीरयंस शेयर करती मदर को सेंटर में रख वर्ल्डक्लास ट्रेवल फिल्म प्रेजेंट नहीं की है। इसी यूनिक थीम ने स्पोंसर्स और ब्रॉडकास्ट प्लेटफॉर्म को तेजी से अट्रैक्ट किया। मदर को लीड रोल के लिए तैयार करना भी चेलेंज था। काफी मनाने के बाद वह तैयार हुईं.” वैभवी के अनुसार ”इस फिल्म के एक पर्सनल ट्रेवल फिल्म की तरह दिखने का खतरा भी था, पर हाई क्लास प्रोडक्शन इक्विपमेंट और कैंडिड एडिटिंग से यह सब दूर हो गया और वर्ल्ड क्लास प्रेजेंटेशन के साथ यह सीरीज अब 12 एपिसोड के साथ प्रदर्शन के लिए तैयार है।” वैभवी के इस शौक की शुरुआत छोटे-छोटे वीडियो शूट कर उन्हें एडिट कर मीम में कन्वर्ट करने से हुई। उसके जर्नलिस्ट पिता को भी फिल्में बनाने का शुरू से पैशन था, इसलिए घर में फिल्म मेकिंग के सारे इक्विपमेंट पहले से मौजूद थे। हाई एन्ड एडिटिंग सिस्टम पर काम करते हुए वैभवी ने फिल्ममेकिंग के सबसे इम्पोर्टेन्ट और कठिन काम एडिटिंग में महारत हासिल की। जब वह एडोबी के वर्ल्ड क्लास एडिटिंग सॉफ्टवेयर प्रीमियर प्रो और आफ्टर इफ़ेक्ट जिन्हें हॉलीवुड के फिल्म एडिटर्स इस्तेमाल करते है, पर किसी मंझे हुए एडिटर्स की तरह उंगलिया चलाती है तो देखते ही बनता है।

वैभवी की उपलब्धि

इसके अलावा वह एडोबी ऑडिशन, डा विन्ची रेसॉल्व, स्पीडग्रेड, फाइनल कट प्रो आदि सॉफ्टवेयर में भी एक्सपर्ट है। वैभवी अब तक 11 बड़े ब्रांड्स की कॉर्पोरेट फिल्म्स की मेकिंग कर चुकी है और 22 शॉर्ट कमर्शियल भी खुद ही थीम, कांसेप्ट डिसाइड कर बनाये है। हिंदी फिल्मों के जाने माने निर्देशक अनुराग कश्यप द्वारा टेलेंट सर्च के लिए शुरू किये गए इनिशिएटिव ‘तुम भी डॉट कॉम’ में वैभवी को यंगेस्ट फिल्ममेकर ऑफ़ इंडिया आंका गया था। ‘शो टुडे टीवी डॉट कॉम’ ने उसे विश्व के सबसे छोटे फिल्ममेकर्स की फेहरिश्त में शामिल किया। अपने यंगर ब्रदर वैभव के साथ बनाई गई शॉर्ट फिल्म ‘लवली ग्रैंड पेरेंट्स’ (हिंदी में ‘प्यारे दादा-दादी ‘) को तो फेमस इंटरनॅशनल प्लेटफॉर्म ‘प्राइज फाइंडर डॉट कॉम’ की ओर से ‘इयरली क्रिएशन’ अवार्ड भी मिल चुका है । गूगल सर्च में यंगेस्ट डाक्यूमेंट्री फिल्म मेकर ऑफ़ इंडिया ‘ की-वर्ड के साथ वैभवी हाल में सबसे ज्यादा सर्च की जाने वाली ट्रेंडिंग आइकॉन के रूप में उभरी। विश्व की करीब 118 वेबसाइट वैभवी की स्टोरी को और उसके क्रिएशन को अपने होमपेज पर शो कर रही हैं। भविष्य को लेकर वैभवी की योजना जल्द ही है कोई बड़ी मैनस्ट्रीम फिल्म से जुड़ने की है. बॉलीवुड के कुछ बिग प्रोडक्शन हाउस ने इस नन्ही फिल्म मेकर परी को जोड़ने को लेकर खासी उत्सुकता दिखाई है।

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