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यह फोटो बिहार चुनाव का पोस्टर है !

लालू यादव।
बिहार से दिल्ली जाते समय एक स्टेशन पर लोगों का अभिवादन स्वीकारते लालू यादव।

 एक तस्वीर का बढ़िया विश्लेषणः-

पहले जेल जाने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़े राष्ट्रीय जनता दल के नेता  के इलाज में कोताही बरती गई .फिर जब डाक्टरों ने उन्हें दिल्ली के एम्स में इलाज करने को कहा तो भाजपा सरकार ने उन्हें आधा भारत का दर्शन करा दिया .बीमार लालू यादव को रेलगाड़ी से दिल्ली भेजा .जी रेलगाड़ी से .जिन इलाकों से यह रेलगाड़ी गुजरी है उन इलाकों से संसद में सवा सौ से ज्यादा सांसद पहुंचते है .इन्ही के बूते भाजपा सत्ता में दोबारा आई है .इस संख्या को और इस पट्टी को समझना चाहिए ,याद भी रखना चाहिए . वे कोई राम रहीम जैसे बलात्कार के आध्यात्मिक अपराधी तो थे नहीं जो उन्हें आसमान के रास्ते दिल्ली भेजते .याद है न बलात्कार के आरोपी को हेलीकाप्टर से सरकार ने भिजवाया था जेल तक . सरकार की यह हरकत राजनीति में प्रतिशोध की भावना से फैसला किए जाने का नया पड़ाव है .
पता नहीं लोगों को याद रहता है कि नहीं पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किस तरह भाजपा के शीर्ष नेता अटल बिहारी वाजपेयी को इलाज के लिए विदेश भेजा उन्हें संसदीय दल में शामिल कर .इस बाक्त को वाजपेयी जैसे राजनेता कभी भूले नहीं और कहते भी रहे .
आज उनके राजनैतिक उतराधिकारी इतना नीचे गिरे कि एक पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री को इलाज के लिए भारत दर्शन करवा कर दिल्ली लाए .पर नतीजा क्या हुआ .हिंदी पट्टी की लालू की यह ट्रेन यात्रा राजनीति का नया एजंडा बना गई .हर स्टेशन पर स्वागत .बीमार लालू ट्रेन से बाहर आते ,हाथ जोड़ का अभिवादन का जवाब देते .इतने बीमार लालू यादव को देख गरीब तबका तो आहत हो ही गया है .दिल्ली स्टेशन पर जिस तरह कुलियों ने नारा लगाकर लालू यादव का स्वागत किया उसका एक राजनैतिक संदेश बिहार और देश में गया है .लालू जेल में हैं और बिहार जल रहा है .जलाया जा रहा है .वे ताकतें सर उठा रही हैं जीने लालू ने सत्ता में आने के बाद कुचल दिया था .
याद करिए सत्तर के दशक का बिहार .गांव ,खेत और खलिहानों में जब सामंत की कचहरी लगती थी और दलित पिछड़ी जातियों पर जुल्म होता था .लालू यादव के सत्ता में आने के बाद ही पिछड़ी जातियों को मान सम्मान और ताकत हासिल हो पाई .इस तथ्य को किसी घोटाले के पर्दे से ढक नहीं सकते .मुस्लिम यादव समीकरण ने बिहार की राजनीति बदल दी बिहार बदल दिया .सामंतों की कचहरी बंद हो गई .अगड़ों के जोर जुल्म का दौर ख़त्म हुआ .इस तथ्य को बिहार का गरीब जानता है .
लालू यादव की हाथ जोड़े जो फोटो सोशल मीडिया पर चल रही है यह बिहार में होने वाले अगले लोकसभा चुनाव का पोस्टर है .और इस पोस्टर का जमीनी असर बिहार ही नहीं यूपी झारखण्ड तक पड़ेगा .

वरिष्ठ पत्रकार अम्बरीश कुमार के ब्लॉग विरोध से साभारः

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