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मीडिया में इंटर्नशिप नहीं मिल रही थी, समय बदला तो बन गईं मंत्री

राखी बिरला
दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिरला
राखी बिरला
राखी बिरला

आम आदमी पार्टी से दिल्ली की विधायक व दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिरला की कहानी पूरी फिल्मी है। अभी केवल 30 साल की हैं और विधायक, मंत्री और अब विधानसभा उपाध्यक्ष हैं। ये तमाम पद पाने में अच्छे अच्छे राजनेता उम्र गुजार देते हैं पर राखी को सौगात में मिले। दिल्ली के बेहद गरीब दलित परिवार से वास्ता रखने वाली राखी को तनिक भी अहसास नहीं था कि उनकी जिंदगी में कभी ऐसा होगा, जब आईएएस और आईपीएस उन्हें सैल्यूट करेंगे। आपको आश्चर्य़ होगा कि दिल्ली सरकार में मंत्री बनने से महज कुछ महीनों पहले राखी दिल्ली के एक छोटे से न्यूज चैनल में इंटर्नशिप के लिए दर दर भटक रही थीं। राखी ने दिल्ली के एक निजी कॉलेज से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वो पत्रकार बनना चाहती थीं।

पर किस्मत बदली, राखी विधायक बनीं, फिर मंत्री बनीं और अब दिल्ली विधानसभा की उपाध्यक्ष हैं। उनका खुद का एक प्रोटोकॉल है, सरकारी आवास है। मुख्यमंत्री से भी ऊंचा उनका आसन है विधानसभा में। लोग उनकी तुलना मायावती से करते हैं। हालांकि भविष्य तय करेगा राखी कितना ऊपर तक जाती हैं। पर वो अब भी जहां हैं ऐसा फिल्मों में ही हम देखते सुनते आए हैं। 

कहानी पूरी फिल्मी है, आप भी पढ़िए

 

मैं दिल्ली के एक निजी चैनल में काम करता था, एक दिन दफ्तर से बाहर निकल रहा था तो देखा एक लड़की काफी परेशान लगभग रोने जैसी सूरत बनाए खड़ी थी। उसने मुझसे नमस्ते बोला तो मैंने नमस्ते किया और पूछा क्या दिक्कत है। तो लड़की बोली सर चैनल के संस्थान से ही मैंने पढ़ाई की है और अब ये मुझे नौकरी तो छोड़िए इंटर्नशिप भी नहीं दे रहे और रोने लगी।

मुझे जाना तो दफ्तर से बाहर की ओर था लेकिन उसका दुख देखकर मैं अंदर लौट गया और वहां एक वरिष्ठ अधिकारी से बोला कि यार इन लोगों को इंटर्नशिप तो दे दे कम से कम। अपने संस्थान से पढ़ी लड़कियां हैं तो कुछ प्रशिक्षण तो दो। जब मैंने अधिकारी से ये बोला तो अधिकारी साब बोले आप नहीं जानते सर क्या क्या प्रोब्लम हैं किन किनको इंटर्नशिप दें। सबको इंटर्नशिप दे पाना संभव नहीं है। आप क्यों परेशान हो रहे हैं। जिसको देखना होगा वो देख लेगा।

मैंने फिर जोर डाला कि इस लड़की को इंटर्नशिप करा दो और मैं चला गया। उस लड़की को इंटर्नशिप मिल गई। इसी बीच मैं उस चैनल से अलग हो गया। ये अन्ना आंदोलन का वक्त था। फिर मैं दिल्ली से बाहर चला गया। जब दिल्ली लौटा तो यहां दिल्ली विधानसभा के चुनाव नतीजे आ रहे थे।  एक अखबार पढ़ रहा था उसमें इसी लड़की की फोटो पहले पेज पर थी और लिखा था राखी विरला बनी मंगोलपुरी विधायक, दिग्गज कांग्रेसी मंत्री राजकुमार चौहान को हराया।

राखी बिरला
राखी बिरलाः कभी मीडिया में नौकरी की चाहत थी आज मीडिया उनके आगे पीछे

मुझे यकीन ही नही हुआ। मुझे लगा कुछ अखबार वालों से गड़बड़ हुई है। चूंकि जब राखी मुझसे इंटर्नशिप के लिए कह रही थी उसी वक्त उसने अपना नम्बर दिया था कि सर कहीं इंटर्नशिप हो तो बताइएगा। तो उसी नम्बर पर मैंने कॉल किया और पूछा ये अखबार में क्या लिखा है तुम विधायक बन गई हो। तो सामने से आवाज आई हां सर आपने बिल्कुल सही पढ़ा मैं मंगोलपुरी से आम आदमी पार्टी की विधायक बन गई हूं। आपका आशीर्वाद चाहिए, समय दीजिए आपके घर आना है।

मैंने कहा ठीक है आ जाना और मैंने फोन रख दिया। एक हैरान परेशान आर्थिक रूप से तंग लड़की अचानक अर्श से फर्श पर मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा था। बमुश्किल कुछ महीनों पहले तो मैंने उसे इटर्नशिप दिलवाई थी और उसे टीवी रिपोर्टर बनना था। किस्मत कैसे बदलती है मुझे पता लग रहा था। दफ्तर के बाहर मात्र इंटर्नशिप के लिए रोने वाली लड़की आज देश की राजधानी की सरकार में विधायक थी। फिर मंत्री बनी और अब विधानसभा उपाध्यक्ष।

बाद में मैं राखी से मिला और जाना कैसे ये करिश्मा हुआ। तो राखी ने बताया कि आपने इंटर्नशिप दिलवाई थी। उसी चैनल ने मुझे अन्ना आंदोलन कवर करने के लिए जिम्मेदारी दी थी। मैं अन्ना आंदोलन कवर करने लगी। यहां लोगों की नजर मुझ पर पड़ी और मुझे भी अन्ना मूवमेंट पसंद आया। तो मैं यहां अन्ना जी के साथ आंदोलन से जुड़ गई। यहां अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, कुमार विश्वास जी आदि के साथ प्रदर्शन, धरने करने लगी। अन्ना आंदोलन समाप्त हुआ तो आम आदमी पार्टी ने चुनाव लड़ने पर विमर्श किया। मुझसे पूछा गया कि तुम चुनाव लड़ोगी और ऐसे मुझे मंगोलपुरी से टिकट मिल गया और मुझे जरा भी एहसास नहीं था कि मैं विधायक बनने वाली हूं। और अब सबकुछ बदल गया।

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