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पुलिस रेड के बाद बुर्का पहन कर घूम रही थी सलोनी

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कल्पेश याग्निक को ब्लैकमेल करने वाली पत्रकार सलोनी अरोरा मुंबई से गिरफ्तार

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्ली

   दैनिक भास्कर के समूह संपादक कल्पेश याग्निक को ब्लैकमेल कर रुपए मांगने वाली पत्रकार सलोनी अरोरा को पुलिस ने मुंबई से 4 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया है। वह वहां छिपी हुई थी। 12 जुलाई की रात याग्निक की मौत के बाद पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में सलोनी के खिलाफ केस दर्ज किया था।

इंदौर के डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया कि घटना के बाद से आरोपी सलोनी फरार थी। 20 दिन से टीम मुंबई व अन्य स्थानों पर उसकी तलाश कर रही थी। वह मुंबई छोड़कर दिल्ली, मेरठ, गोवा, पुणे व अन्य शहरों में फरारी काट रही थी। पुलिस टीम ने उक्त शहरों में दबिश भी दी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आई। वह बुर्का पहनकर घूमने लगी थी। उसने मोबाइल फोन और नंबर भी बदल लिए थे। उसके दोबारा मुंबई लौटने की जानकारी मिली तो एमआईजी पुलिस टीम ने शनिवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। सलोनी को शिव सागर रेस्त्रां के बाहर से पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इंदौर पुलिस सलोनी को मुंबई से इंदौर रविवार को ले आई। जहां उसे अदालत में पेश किया गया। सूत्रों से खबर है कि अदालत ने सलोनी अरोड़ा को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जहां पुलिस सलोनी अरोड़ा से पूछताछ करेगी।

कोर्ट में सलोनी के साथ कोई नहीं थी

इंदौर पुलिस ने जब सलोनी अऱोड़ा को अदालत में पेश किया तो उनके साथ उनके परिवार से कोई नहीं था। सलोनी से जब जज ने पूछा कि आपके साथ आपके परिवार से कोई है तो उन्होंने कहा कि मेरे रिश्ते सभी से खत्म हो चुके हैं। सलोनी ने जज से अपने लिए एक वकील की मांग की। इतना ही नहीं पुलिस गिरफ्त में सलोनी काफी थकी औऱ परेशान लग रही थीं।

अभी केस में पेंच, सलोनी के बयान पर लोगों की नजरें

हालांकि पुलिस रिमांड पर सलोनी क्या बयान दर्ज कराती हैं ये बड़ी बात होगी। सूत्रों की मानें तो कल्पेश यागनिक आत्महत्या मामले में अभी भी पेच हैं। सलोनी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगा है इसी आधार पर उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है पर पुलिस के पास अभीतक ऐसे पुख्ता सबूत नहीं है कि मामले की दोषी सलोनी को ठहरा दिया जाए। इसलिए सलोनी अरोड़ा पुलिस पूछताछ में क्या खुलासा करती हैं इस पर सभी की नजरें हैं। आखिर दैनिक भास्कर जैसे बड़े मीडिया समूह के ताकतवर सम्पादक को सलोनी किस आधार पर धमकाती रहीं। ये सब अभी तक समझ से परे है। सलोनी अरोरा के पास आखिर ऐसा क्या था जिससे कल्पेश इतने दबाव में आ गए कि उनको जान देनी पड़ी। ये सब सामने आना शेष है। क

टेप नहीं हैं पुलिस जांच का आधार 

हालांकि कुछेक मीडिया वेबसाईटों ने कुछ टेप जारी किए हैं जिसमें कल्पेश और सलोनी की बातचीत को सुनाया गया है पर पुलिस इन टेप को जांच का आधार कतई नहीं मानती। न ही इन टेपों की आधार मानकर पुलिस जांच कर रही है।

कौन है सलोनी अरोड़ा

सलोनी अरोड़ा मुंबई दैनिक भास्कर की सीनियर करसपोंडेंट रही हैं। भास्कर के खिलाफ उन्होंने लेबर कोर्ट में भी मामला दर्ज करवाया था मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर। इसके बाद 13 जुलाई को दैनिक भास्कर के समूह सम्पादक कल्पेश यागनिक की मौत के बाद उनका नाम चर्चा में आया औऱ पुलिस ने जब ये पुष्टि की कि कल्पेश ने आत्महत्या की है तो आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप सलोनी पर लगा। क्योंकि कल्पेश ने इंदौर पुलिस को मृत्यु से 10 दिन पहले एक पत्र लिखा था जिसनें सलोनी अरोड़ा का जिक्र करते हुए कहा गया था कि ये महिला मुझे झूठे केस में फसाना चाहती है।

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