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क्यों विदेशी दूतावासों पर भड़के डीएनए के प्रधान सम्पादक

यतीश राजावत
यतीश राजावत, प्रधान सम्पादक डीएनए

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्ली।

डीएनए अंग्रेजी समाचार पत्र के नव नियुक्त प्रधान सम्पादक यतीश राजावत विदेशी दूतावासों को लेकर कल नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उनकी नाराजगी क्या है। खुद उनके शब्दों में पढ़ लीजिए।

Do foreign embassies pay journalists in Delhi, to attend their conference/summits ? Genuine question as I got an invite from an embassy offering to pay me “transport allowance” !! I am so angry…and sad too !!

यतीश जी को शायद अब पता लगा है कि पत्रकारों को बुलाने के एवज में आयोजक क्या भुगतान करते हैं। यतीश जी ने जब सोशल साइट पर अपना गुस्सा जाहिर किया तो तरह तरह की प्रतिक्रिया आईं। किसी ने कहा कि जगुआर औऱ मर्सिडीज जैसी गाड़ियों का किराया अदा किया जाए आय़ोजकों द्वारा तो कोई दिक्कत नहीं। एक ने कहा कि ये यात्रा भत्ता दे रहे हैं इतना क्या कम है। पत्रकारों को तो बस निमंत्रण मिलता है और वो सस्ती लोकप्रियता और मंच की चाहत में दौड़े चले आते हैं। कुछ आयोजक जो यात्रा भत्ता देने की भी जहमत नहीं उठाते।

मिरर विचारः

हालांकि आयोजकों के लिए यतीश जी का गंभीर प्रश्न है। अगर आयोजक किसी वर्किंग जर्नलिस्ट को बुलाते हैं तो बेहद जरूरी है उसकी यात्रा का खर्चा, उसके लेक्चर के एवज में राशि का भुगतान किया जाए। माना कि दीपिका और कैटरिना का मामला अलग है। वो खूबसूरत भी हैं और नाचना भी आता है, तो आप करोड़ों अदा कर सकते हैं घंटे भर का। पर पत्रकार भी आपके लिए ही लड़ते मरते हैं हर रोज। अमा कुछ तो ख्याल रखो।

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