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इंदौर में सम्पादकों से मिले राहुल गांधी, पत्रकार की घड़ी उतरवाई

राहुल गांधी
पत्रकारों से मिलते राहुल गांधी।

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्ली।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज मप्र के इंदौर में पत्रकारों से मुलाकात की। इससे पूर्व राहुल गांधी दिल्ली में भी हाल ही टीवी सम्पादकों से मिले थे और अपने प्रवक्ताओं के चैनल में समय कम दिए जाने का आरोप लगाया था। इसी क्रम में उन्होंने महिला पत्रकारों से भी मुलाकात की थी। पत्रकारों से मेल मुलाकात में राहुल की मध्यस्थता कर रही हैं प्रियंका चतुर्वेदी, रणदीप सुरजेवाला व शोभा ओझा। निजी तौर पर पत्रकारों से मेल मुलाकात के क्या मायने हो सकते हैं, ये कांग्रेस जाने। पर हालिया मुलाकात पर ये बढ़िया विश्लेषण है। 

 भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार व निजी चैनल के प्रधान सम्पादक डॉ.राकेश पाठक  राहुल की सम्पादकों से मुलाकात के दौरान मौजूद थे। पूरा विश्लेषण उनकी कलम से…

 

बेशक यह मोदी-युग का देश है और देश का मोदी-युग..लेकिन अब नरेंद्र मोदी की “लार्जन देन लाइफ” या कि महामानव की छवि के क्षरण का समय है…!
समय और इतिहास अपनी तरह से न्याय करता है।

अगर आप देख सकते हैं तो देखिये कि आपके आसपास एक ऐसा लीडर बन रहा है जिसे कल तक एक समूह टका सेर नहीं पूछता था।
आज वही शख़्स अपनी सहजता और बेबाकी से सबकी आंखों में आंखें डाल कर हर सवाल का जवाब दे रहा है..! नाम है राहुल गांधी।
यह राहुल गांधी बड़े बड़े तीरंदाज संपादकों, पत्रकारों के कंधे पर हाथ रखकर ठहाके लगा रहे है। अपनी भूलों और गलतियों से सबक सीखकर यह राहुल गांधी चंद महीने पहले वाले राहुल गांधी नहीं है।

राजनीति की कठिन डगर पर राहुल कब और कितना कामयाब होंगे यह तो वक्त बतायेगा लेकिन आज वे हाशिये से उठकर मुख्य धारा में आ गए हैं इससे कौन इनकार कर सकता है !

आज आज सोमवार को इंदौर के पांच सितारा होटल रेडिसन में जब सियासत का यह सितारा खांटी और खुर्राट संपादकों, पत्रकारों के बीच उतरा तो अपनी साफगोई और बेबाकी से उम्मीद की रोशनी छोड़ गया।
ऐसा कौन सा सवाल था जिसका राहुल ने जवाब नहीं दिया..! संपादकों के लाख जतन करने पर भी राहुल गांधी कहीं अटके नहीं…रुके नहीं… ,झिझके नहीं।
पहले तय हुआ था कि राहुल राउंड टेबल्स पर बैठे संपादकों के बीच हर टेबिल पर बैठेंगे। लेकिन एक टेबल के बाद ही राहुल ने माइक थाम लिया और हर टेबल के पास खड़े होकर बात की।
ताकि बाक़ी सब भी सुन सकें।

★ राफेल में जेल जायेंगे नरेंद्र मोदी…

राहुल गांधी ने राफेल पर आक्रामक हैं तो यहां भी मौका नहीं छोड़ा। “चौकीदार चोर है ” से आगे बढ़ कर राहुल ने कहा कि जब राफेल मामले में नरेंद्र मोदी जेल जायेंगे। उन्होंने कहा कि इस घोटाले के जब कागज निकलेंगे तब उन पर सिर्फ नरेंद्र मोदी और अनिल अंबानी के नाम होंगे।

एक संपादक की घड़ी उतरवा ली...

एक साथी ने सवाल किया सरकार के खैरात बांटने पर। उनका सवाल था कि इधर सरकार टेक्स लेती है और उधर गरीबों को राहत बांटती है। राहुल ने जवाब देने के बजाय पत्रकार से कहा– जरा अपनी कलाई पर बंधी घड़ी दीजिये। घड़ी मिलने पर कुछ पल बाद वापस करते हुऐ कहा- लीजिये मैंने आपको घड़ी दी है। बस सरकार यही कर रही है।

★ पनामा पेपर्स वाली गलती पर रफू..

एक दिन पहले आमसभा में राहुल गलती से पनामा पेपर्स में शिवराज सिंह के पुत्र कार्तिकेय का नाम ले गये थे। जबकि नाम रमन सिंह के बेटे का लेना था।
आज संपादकों के सामने ग़ज़ब की अदा से इस गलती पर रफू किया। राहुल ने कहा कि बीजपी के सभी राज्यों में इतना भ्रष्टाचार है कि कन्फ्यूजन हो जाता है। असल में यहां तो व्यायाम और ई टेंडरिंग घोटाले हुये हैं।

★ मंदिर RSS, BJP की प्रॉपर्टी नहीं हैं..

राहुल गांधी आजकल मंदिर मंदिर घूम रहे हैं। सो सवाल लाज़िमी था।
जवाब उतना ही मुखर होकर दिया। राहुल ने कहा– मोदी, शाह मंदिर जाते हैं तब किसी को दिक्कत नहीं। मैं जाता हूँ तो बड़ी शिकायत है। क्या मंदिर आरएसएस या बीजेपी की प्रॉपर्टी हैं।उन्होंने कहा कि मैं मंदिर ,मस्ज़िद, गुरुद्वारा,चर्च सब जगह जाता हूँ। मैं सिर्फ हिंदुओं का नेता नहीं हूं ।मैं हर धर्म,जाति, वर्ग का नेता हूँ। मुझे किसी के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है।

★ हिंदूवाद में नफरत और क्रोध नहीं है..

कांग्रेस पार्टी के सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ बढ़ने पर राहुल ने खूब खुलकर बात की। उन्होंने कहा- बीजेपी के हिंदुत्व की अवधारणा में नफरत, क्रोध, वैमनस्य है जबकि असली हिंदूवाद ऐसा है ही नहीं । उसकी महान परंपरा है। हिंदुत्व पर बीजपी का ठेका हो सकता है हिंदूवाद पर नहीं।राहुल ने एक दफा खुद को
राष्ट्रवादी भी कहा।

★ एम पी का सीएम जनता तय करेगी..

राहुल से पूछा गया कि एमपी में किसी को CM कैंडीडेट घोषित क्यों नहीं किया गया.?
जवाब में राहुल ने कहा– पार्टी को कमलनाथ के तजुर्बे की ज़रूरत है तो सिंधिया का डायनामिक चेहरा भी चाहिये। (इस बात पर जोर का ठहाका लगा )
राहुल ने कहा कि सब मिलकर लड़ेंगे तब पार्टी जीतेगी। सीएम कौन होगा यह जनता और विधायक तय करेंगे।

★ राजनीति को अपराधियों से बचाना है..
राजनीति में अपराधियों की आमद पर हुये सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने साफ कहा कि ऐसे लोगों से राजनीति को बचाना है। मप्र में दागी छवि वाले नेताओं को टिकिट नहीं देने के सवाल पर राहुल ने कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की आवाज़ देकर आगे कर दिया। कमलनाथ ने कहा कि अगर किसी के खिलाफ राजनैतिक विद्वेष से मुकदमे दर्ज हैं तो उस पर विचार किया जा सकता है। अन्यथा गम्भीर अपराध वालों को पार्टी टिकिट नहीं देगी।

#अपनी बात- कई मित्रों ने पूछा है कि जिस तरह राहुल गांधी सहजता के साथ खबरनवीसों से बतियाये क्या कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ऐसे मिल सकते हैं…?
अपनी मंशा यह है कि हाँ.. उन्हें भी मिलना चाहिये..! उन्होंने साढ़े चार साल में एक भी प्रेस कांफ्रेंस नहीं की है।
जिस दिन नरेंद्र मोदी इस तरह हम खबरनवीसों से मिलेंगे उस दिन उनका ख़ाका भी खींचेंगे जैसा लगेगा।

आइये हम दुआ करें कि कि हमारे देश के सत्ताधारी इतने सहज हो सकें कि कभी किसी मॉल में तफरीह करते या मल्टीप्लेक्स में अपने परिवार के साथ सिनेमा देखते अचानक मिल जायें।
कभी कोई बड़ा नेता किसी बुक स्टॉल पर किताबें तलाशते यकायक मिले या कभी कॉफी शॉप में दोस्तों के साथ ठहाके लगाते दिख जाये।…
काश…!

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