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माखनलाल विवि. पर खबर लिखी तो पत्रकार पर गुस्साए छात्र

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मीडिया मिरर न्यूज, दिल्ली।

पूरा मामला कुछ इस तरह समझिए कि दिल्ली में हिंदू धर्म सभा जो हाल ही में आय़ोजित की गई, उसके प्रचार के लिए पोस्टर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नोएडा कैम्पस की कक्षाओं में लगे पाए गए। इस घटना में उन्नति ये हुई कि कुछ छात्रों ने हिंदू धर्म सभा से जुड़े पोस्टर फाडकर उनमें लाल सलाम लिख दिया। और इन दोनों प्रकरणों को आधार बनाते हुए दैनिक भास्कर भोपाल के दैनिक अंग्रेजी अखबार डीबी पोस्ट ने खबर प्रकाशित की। खबर अखबार के संवाददाता अंतरिक्ष सिंह ने लिखी।

मीडिया मिरर खबर के संदर्भ में या विश्वविद्यालय में हुए इस घटनाक्रम पर कोई राय नहीं प्रकट करता। लेकिन डीबी पोस्ट में खबर प्रकाशित होने के बाद माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के छात्रों ने  खबर को लेकर रोष प्रकट करना शुरू कर दिया।

 

मिरर से बात करते हुए अंतरिक्ष ने साफतौर पर कहा कि मैं माखनलाल विवि का छात्र रहा हूं। मुझे इसको लेकर कोई पूर्वागृह नहीं। तमाम पूर्व छात्रों की तरह मैं भी अपने संस्थान को प्यार करता हूं। लेकिन संस्थान में इस तरह की घटनाओं की मैं निजी तौर पर निंदा करता हूं। शैक्षणिक संस्थान केवल शिक्षा के लिए हैं यहां किसी पार्टी विशेष या धर्म विशेष के प्रचार का कोई मतलब नहीं। अंतरिक्ष ने आगे कहा कि उन्हें निजी तौर पर कोई धमकी नहीं मिली लेकिन फेसबुक पर विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र आपत्तिजनक भाषा का उपयोग मेरे संदर्भ में कर रहे हैं जो निंदनीय है। उल्लेखनीय है कि माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के नोएडा और भोपाल परिसर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की गतिविधियों के लिए पूर्व से ही विवादों में रहे हैं।

विश्वविद्यालय के छात्र अभिजीत कुमार का बयान- 

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय-नोएडा परिसर में आए हुए 1 वर्ष से अधिक हो गए, सौरभ शेखर से पहला परिचय हुआ, सौरभ संघ से जुड़े रहे हैं पर हमारे बीच ये बातें कभी नही हुई… आज सुबह ही मैने एक खबर देखी जो नोएडा कैंपस को लेकर थी, मुझे उससे आपत्ति है.. मसलन मैं अपने 1 वर्ष के अनुभव के आधार पर कह सकता हूँ कि हमारे काॅलेज में कभी किसी चीज के लिए कोई दवाब नहीं रहता.. ना तो किसी संस्था से जुड़ने को लेकर ना किसी पार्टी से… हमारे शिक्षक कोशिश करते हैं कि हम अधिक से अधिक पत्रकारों से जुड़े… बाकी विश्वविद्यालय में हर कोई स्वतंत्र है अपनी बात रखने को लेकर.. मान लीजिए किसी ने पोस्टर चिपका दी तो इसका मतलब कतई ये नही है कि हमारा काॅलेज शाखा में तब्दील हो गया.. आलोचकों को ये बात समझनी चाहिए की आलोचना तथ्यों के आधार पर करें

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