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प्रोफेसर दिलीप मंडल औऱ मुकेश कुमार की वि.वि. में एंट्री बैन

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय

भोपाल: 

टीवी पत्रकार मुकेश कुमार और बहुचर्चित दिलीप मंडल कुछ महीने पहले ही एडजंक्ट प्रोफेसर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रतकारिता विवि भोपाल में बनाए गए थे। पर कुछ ही माह में हालात ये बन गए कि दोनों माननीयों की विश्वविद्यालय में एंट्री बैन कर दी गई है। मुद्दा ये है कि दिलीप मंडल और मुकेश कुमार पर छात्रों ने जातिगत टिप्पणियां करने और भेदभाव का आरोप लगाया है। दिलीप मंडल की सोशल मीडिया पर सक्रियता और मुद्दे किसी से अपरिचित नहीं हैं। ऐसे में छात्र बुधवार से उग्र हैं। प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को प्रदर्शन इस कदर बढ़ा कि कुलपति को कैंपस में पुलिस बुलानी पड़ी।

हालांकि अब जांच कमेटी बन गई है। जिसमें पांच छात्र भी शामिल हैं। 15 दिनों में जांच कमेटी रिपोर्ट देगी। तब तक दोनों प्रोफेसर्स को विश्वविद्यालय प्रशासन ने बैन कर दिया है।

एनडीटीवी की भोपाल से ये रिपोर्ट भी पढ़ लीजिएः

मध्य प्रदेश की राजधानी स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में दो शिक्षकों पर छात्रों ने जातिगत नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की है. छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में एडजंक्ट फैकल्टी प्रोफेसर दिलीप मंडल और मुकेश कुमार वहां का माहौल खराब कर रहे हैं. इसको लेकर यूनिवर्सिटी के छात्रों ने गुरुवार को भी धरना दिया था और तोड़फोड़ की. शुक्रवार को भी कुलपति के कार्यालय के बाहर छात्र धरने पर बैठे थे. प्रशासन के समझाने पर भी जब ये छात्र नहीं माने तो पुलिस को सूचना दी गई.

छात्रों का आरोप है कि प्रशासन के निर्देश पर आई पुलिस ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों को घसीटकर पांचवीं मंजिल से तीसरी मंजिल पर उतारा. पुलिस के आने को लेकर कुछ देर तक यूनिवर्सिटी में हंगामे की स्थिति रही. हंगामे के दौरान 3 छात्र बेहोश हो गए, जिन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा. विश्वविद्यालय ने इस मामले में जांच के लिये एक समिति बनाई है, जो 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देगी.

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