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जनवरी का मीडिया बुलेटिन

मीडिया मिरर जनवरी महीने पर परम्परागत तरीके से बंद था। इसलिए पूरे महीने का न्यूज बुलेटिन आपके लिए यहां संक्षेप में प्रस्तुत है। 

 

1- पंजाब केसरी दिल्ली के प्रधान सम्पादक अश्वनी कुमार का 18 जनवरी को गुड़गांव के अस्पताल मेदांता में निधन हो गया। श्री कुमार अपनी विशेष सम्पादकीय लेखन शैली के लिए जाने जाते थे। संघ और बीजेपी विचारधारा के अश्वनी कुमार अखबार के प्रधान सम्पादक रहते बीजेपी से 14वीं लोकसभा चुनाव भी जीते थे। पानीपत करनाल संसदीय सीट में सांसद भी रहे। उनके निधन के बाद अखबार का कामकाज उनके बड़े बेटे आदित्य चोपड़ा देखेंगे।

2- राष्ट्रीय पुस्तक न्यास का निदेशक सेना अधिकारी लेफ्टीनेंट कर्नल युवराज मलिक को केंद्र सरकार ने मनोनीत किया है। हालांकि इस नियुक्ति की काफी आलोचना हो रही है। साहित्य जानकारों का मानना है कि किताबों की दुनिया में सेना अधिकारी का क्या काम। बेहतर होता किसी लेखक या साहित्यकार को ये जिम्मेदारी सौंपी जाती।

3- देश में पत्रकारिता के प्रतिष्ठित अवार्ड रामनाथ गोयनका अवार्डों की गत दिनों दिल्ली में दिए गए। सभी विजेताओं को राष्ट्रपति ने अवार्ड दिए। राष्ट्रपति ने प्रिंट कैटेगरी में  गांव कनेक्शन की दिति बाजपेयी और बॉडकॉस्ट में द क्विंट के पत्रकार शादाब मोरजी को पुरस्कृत किया। रिपोर्टिंग फ्रॉम कन्फ्लिक्ट जोन कैटेगरी में इंडियन एक्सप्रेस के दीपांकर घोष (प्रिंट-डिजिटल), ब्राडकॉस्ट में दूरदर्शन के धीरज कुमार, दूरदर्शन के ही दिवंगत पत्रकार अच्युतानंद साहू, मोर मुकुट साहू को पुरस्कृत किया गया। रीजनल कैटेगरी में अल समय (प्रिंट-डिजिटल)  की अन्वेषा बनर्जी, ब्राडकॉस्ट में मनोरमा न्यूज के सनीश टीके शामिल रहे। पर्य़ावरण और विज्ञान कैटेगरी में स्क्राल डॉट इन की मृदुला चारी औऱ विनिता गोविंदराजन जबकि ब्राडकॉस्ट में बीबीसी हिंदी सर्विस की सर्वप्रिया सांगवान को पुरस्कृत किया गया। अनकवरिंग इंडिया इनविजिवल कैटेगरी (प्रिंट-डिजिटल) में इंडियन एक्सप्रेस की हिना रोहतकी, ब्राडकास्ट में द क्विंट की अस्मिता नंदी, द क्विंट के ही मेघनाद बोस को पुरस्क-त किया गया। कुल मिलाकर लड़कियों को दबदबा रहा।

 

4- दैनिक जागरण के साहित्य सम्पादक अनंत विजय को भारत सरकार द्वारा बेस्ट फिल्म क्रिटिक (हिंदी) का पुरस्कार दिया गया।

 

5- जाने माने शायर मुनव्वर राणा खुलकर सीएए के खिलाफ हुए और उनकी बेटियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

 

6- सीएए के विरोध में प्रदर्शन कर रही महिलाओं का प्रमुख स्थान शाहीन बाग जो चर्चा के केंद्र में है। वहां प्रसिद्ध टीवी पत्रकार दीपक चौरसिया को पीटा गया। जिसके चलते उन्हें एम्स में भी भर्ती करवाया गया। हालांकि वो फिर से शाहीन बाग कवरेज के लिए पहुंचे।

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