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3 भारतीय फोटोग्राफर्स को पुलित्जर पुरस्कार

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Six-year-old Muneefa Nazir, a Kashmiri girl whose right eye was hit by a marble ball shot allegedly by Indian Paramilitary soldiers on Aug. 12, stands outside her home in Srinagar, Indian controlled Kashmir, Sept. 17, 2019. (Mukhtar Khan)
कश्मीर
पुलित्जर से सम्मानित कश्मीर की फोटो

भारत के 3 फोटोग्राफर्स को प्रतिष्ठित पुलित्जर पुरस्कार सम्मान मिला है। तीनों जम्मू-कश्मीर के निवासी हैं। पिछले साल घाटी में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद की स्थितियों को अपने कैमरे के जरिए लोगों तक पहुंचाने वाले फोटोग्राफर्स यासीन डार, मुख्तार खान और चन्नी आनंद को पुलित्जर फीचर फोटोग्राफी पुरस्कार मिला है। यह सभी न्यूज एजेंसी असोसिएटेड प्रेस (एपी) के लिए काम करते हैं।

यासिन और मुख्तार श्रीनगर में रहते हैं, जबकि आनंद जम्मू जिले के निवासी हैं। चन्नू आनंद पिछले 20 सालों से एपी के साथ जुड़े हुए हैं। पुरस्कार जीतने पर बेहद खुश आनंद ने कहा, ‘मैं आश्चर्यचकित हूं। मुझे तो विश्वास ही नहीं हो रहा है।’ देर रात इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों की घोषणा हुई। इन तीनों ने घाटी के सामान्य जनजीवन के साथ ही प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की तस्वीरों को भी दुनिया तक पहुंचाया।

पिछले साल 5 अगस्त को भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधानों में संशोधन किया था। इसके बाद पूरे प्रदेश को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था। इससे पहले ही कश्मीर के प्रमुख नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। यहां महीनों तक कर्फ्यू लगा रहा और टेलिफोन के साथ-साथ इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगी रही।

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘एंकरेज डेली न्यूज’, ‘प्रो पब्लिका’ को पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। देर रात इन पुरस्कारों की घोषणा हुई। तीनों को अमेरिका में भ्रष्टाचार, लॉ इन्फोर्समेंट, यौन हिंसा और नस्लभेद जैसे विषयों पर पड़ताल करती रिपोर्ट्स के लिए पुरस्कार मिले। न्यूयॉर्क टाइम्स की झोली में 3 अवॉर्ड आए।

इनके अलावा ‘द न्यू यॉर्कर’, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’, ‘असोसिएटेड प्रेस’, ‘द लॉल एंजिलिस टाइम्स’, ‘द बाल्टिमोर सन’, ‘द फीलिस्तीन हेराल्ड प्रेस’ को भी अलग-अलग खबरों के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से पिछले महीने बोर्ड ने पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा स्थगित कर दी थी।

पुलित्जर पुरस्कार की शुरुआत 1917 में की गई थी। यह अमेरिका का एक प्रमुख पुरस्कार है, जो समाचार पत्रों की पत्रकारिता, साहित्य एवं संगीत रचना के क्षेत्र में

पुलित्जर
पुलित्जर से सम्मानित तस्वीर

उल्लेखनीय कार्य करने वालों को दिया जाता है। पिछले साल यह पुरस्कार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके परिवार से संबंधित जानकारियां सामने लाने के लिए दिया गया था।

कोरोना वायरस संकट के बीच इस साल के पुलित्जर पुरस्कार के विजेताओं की घोषणा हो गई है। सोमवार की देर को हुई इस घोषणा के अनुसार, द न्यू यॉर्क टाइम्स ने सबसे अधिक तीन पुरस्कार जीते हैं। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’, ‘एंकरेज डेली न्यूज’, ‘प्रो पब्लिका’ को पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पुलित्जर पुरस्कार सोमवार को उन समाचार संगठनों को प्रदान किए गए, जिन्होंने भ्रष्टाचार, कानून प्रवर्तन और अमेरिका में नस्लवाद जैसे मुद्दे को उजागर किया। इन तीनों को इन्हीं मुद्दें पर रिपोर्ट के लिए पुरस्कार मिले हैं।

पुरस्कार बोर्ड के प्रशासक डाना कैनेडी ने न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय में एक समारोह की बजाय यूट्यूब पर लाइवस्ट्रीम के माध्यम से विजेताओं की घोषणा की। न्यूयॉर्क टाइम्स टाइम्स की झोली में जहां सबसे अधिक तीन, वहीं द न्यूयॉर्कर ने दो और प्रो पब्लिका की झोली में एक अवार्ड आए और दूसरे को शेयर किया।

द टाइम्स की झोली में तीन पुरस्कार आए, जिनमें ब्रायन एम. रोसेंथल की न्यूयॉर्क शहर के टैक्सी उद्योग में खोजी रिपोर्ट भी शामिल है, जिसमें खुलासा किया गया था कैसे कमजोर ड्राइवरों का लाभ उठाकर लोन का बाजार फल रहा है। इसने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शासन की कहानियों की एक श्रृंखला के लिए अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्टिंग पुरस्कार भी जीता।

पुलित्जर
पुलित्जर से सम्मानित फोटो

अलास्का में यौन हिंसा की पड़ताल करती इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट्स के लिए ‘एंकरेज डेली न्यूज’ और ‘प्रो पब्लिका’ को संयुक्त रूप से सबसे प्रतिष्ठित माना जाने वाला पब्लिक सर्विस अवॉर्ड मिला। इसके अलावा, ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’, ‘असोसिएटेड प्रेस’, ‘द लॉल एंजिलिस टाइम्स’, ‘द बाल्टिमोर सन’, ‘द फीलिस्तीन हेराल्ड प्रेस’ को भी अलग-अलग खबरों के लिए पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

रॉयटर्स ने हांगकांग के विरोध प्रदर्शन की तस्वीरों के लिए ब्रेकिंग न्यूज फोटोग्राफी पुरस्कार जीता। कश्मीर घाटी की स्थिति को दर्शाने के लिए एसोसिएटेड प्रेस से जुड़े 3 भारतीय फोटोग्राफर्स को भी फीचर फोटोग्राफी कैटिगरी में अवॉर्ड मिला है।

दरअसल, पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में दिया जाने वाले पुलित्जर पुरस्कार के विजेताओं के नाम की घोषणा पिछले महीने कोरोना वायरस की वजह से स्थगित कर दी थी। यह पुरस्कार वितरण समारोह 20 अप्रैल को होना था। पुलित्जर पुरस्कार देने वाली संस्था ने कहा था कि उस वक्त ज्यादातर पत्रकार महामारी की रिपोर्टिंग करने में लगे हुए थे।

क्या है पुलित्जर पुरस्कार
दरअसल, पुलित्जर पुरस्कार अमेरिका का एक प्रतिष्ठित पुरस्कार है, जो पत्रकारिता, साहित्य एवं संगीत रचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को दिया जाता है। पुलित्जर पुरस्कार की शुरुआत 1917 में की गई थी।

 साभारः न्यूज एजेंसी, एनबीटी और एचटी से
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