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इंडिया न्यूजः 2 कोरोना पॉजिटिव निकले फिर भी चालू है काम

कोरोना
कोरोना की जांच करते चिकित्सक

एक पत्र हमें इंडिया न्यूज की तरफ से मिला है। चूंकि संस्थान की आंतरिक राजनीति या द्वेष से संबंधित पत्रों को छापने में मिरर को कोई दिलचस्पी नहीं होती लेकिन ये मामला संवेदनशील है और कोरोना से जुड़ा हुआ है। इन मामलों पर मीडिया संस्थानों का रवैय्या चिंताजनक है। इसलिए कर्मचारी के इस पत्र को मीडिया मिरर शब्दशः प्रकाशित कर रहा है। निजता के लिए और प्रेषक की नौकरी पर कोई खतरा न आए इसलिए नाम काल्पनिक लिखा जा रहा है। 

पत्र पढ़ें

 

पत्रकारों को मौत के मुंह में धकेला ITV नेटवर्क ने, बिल्डिंग में दो कोरोना पॉजिटिव मामले आने के बाद भी इंडिया न्यूज और NewsX में काम जारी
क्या आप किसी ऐसी बिल्डिंग में काम करेंगे जहां पिछले दो दिनों में कोरोना के दो पॉजिटिव मामले निकल आए हों? सवाल है क्या ऐसी जगह सरकार काम जारी रहने देगी? आपका जवाब जो भी हो लेकिन एक प्रमुख मीडिया हाउस ऐसा कर रहा है। हैरानी की बात है कि इसके मालिक प्रधानमंत्री के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हो चुके हैं। हम बात कर रहे हैं आईटीवी नेटवर्क द्वारा संचालित होने वाले चैनल इंडिया न्यूज और न्यूज एक्स की। दिल्ली के ओखला में स्थित इनके दफ्तर में दो कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद भी पत्रकारों से जबरन काम करवाया जा रहा है। जब हमने पुष्टि के लिए इंडिया न्यूज में काम कर रहे अपने एक साथी को फोन लगाया तो उन्होंने जो बताया वो हैरान करने वाला है। उन्होंने बताया कि पहले एक ड्राइवर के कोरोना पॉजिटिव निकलने की बात सामने आई तो कंपनी ने यह कहकर मामला रफा-दफा कर दिया कि वो कॉन्ट्रेक्ट पर था और उसे हटा दिया गया है। इसकी कोई जांच नहीं हुई कि उसके संपर्क में कितने लोग आए थे। इसके बाद चैनल के ही एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने की बात सामने आई तब भी चैनल ने काम बंद नहीं किया। एक दिन कैंटीन को बंद रखा गया लेकिन अगले दिन सेनेटाइज कर के उसे भी खोल दिया गया। इंडिया न्यूज में कार्यरत पत्रकार साथी ने बताया कि चैनल आनन-फानन में अपने रीजनल ऑफिस में सारा सेटअप तैयार कर रहा है ताकि अगर बड़ी संख्या में यहां लोग कोरोना पॉजिटिव निकलते हैं या सरकार बिल्डिंग को सील करती है तो भी काम बंद न हो। यह सब कार्यरत पत्रकारों को अंधेरे में रखकर किया जा रहा है। यह जानलेवा लापरवाही का नहीं बल्कि षड़यंत्र का मामला है। सोचिए इन पत्रकारों के साथ-साथ इनके परिवार, पड़ोस सभी की जान जोखिम में डाल रहा है आटीवी नेटवर्क।
किसकी शह पर ITV नेटवर्क की जानलेवा लापरवाही हो रही नजरअंदाज
आईटीवी नेटवर्क अपने कर्मचारियों का शोषण लंबे समय से कर रहा है। चार-चार महीने से लोगों को सैलरी नहीं मिली है। कई लोगों को फोन पर कह दिया गया कि आपको नौकरी से निकाला जा रहा है। कई लोगों से जबरन कॉन्ट्रेक्ट साइन कराए गए और उन्हें अपनी सैलरी घटाने पर बाध्य किया गया। जैसे ये आर्थिक और मानसिक शोषण काफी नहीं था कि अब चैनल अपने ही कर्मचारियों की जान का दुशमन बन गया है। आटीवी नेटवर्क के मालिक कार्तिकेय शर्मा ने प्रधानमंत्री के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बैठक में भाग लिया था। इस मुश्किल वक्त में लोगों को नौकरी से न निकालने, उनकी सैलरी न काटने के प्रधानमंत्री के आग्रह की धज्जियां तो इन्होंने उड़ाई हीं अब तो सीधे उन्हें कोरोना के मुंह में झोंका जा रहा है। इंडिया न्यूज रीजनल में कार्यरत अन्य साथियों ने भी मामले की पुष्टि की है। दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार को इस मामले में त्वरित एक्शन लेना चाहिए। मौत के खतरे के बीच इंडिया न्यूज और न्यूज एक्स के पत्रकार काम कर रहे हैं। इस चैनल पर कार्रवाई होनी चाहिए जो अपने पत्रकारों को मौत के मुंह में धकेल रहा है। चैनल मालिक के प्रभाव में आकर अगर इस मामले में तुरंत कार्रवाई नहीं होती है तो तैयार रहिए इंडिया न्यूज और न्यूज एक्स में कार्यरत अपने कई पत्रकार साथियों की मौत की खबर सुनने के लिए। सभी वरिष्ठ पत्रकारों, पुलिस अधिकारी, वकीलों, दिल्ली के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री से हमारा आग्रह है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करें वरना बहुत देर हो जाएगी।  दिल्ली में नीति आयोग, बीएसएफ और सीआरपीएफ के हेडक्वार्टर, कानून मंत्रालल के दफ्तर शास्त्री भवन के दो फ्लोर, ऊर्जा मंत्रालय के दफ्तर श्रम शक्ति भवन, लोकसभा के सचिवालय का एक हिस्सा, एयर इंडिया का दफ्तर वगैरह किसी कर्मचारी के कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने पर बंद या कुछ समय के लिए सील हो सकता है. फिर एक कमर्शियल बिल्डिंग से इतनी मुरव्वत क्यों हो रही है. इंडिया न्यूज, न्यूज एक्स और पता नहीं कैसे-कैसे मुखौटे से लोगों का शोषण करने वाले इस कंपनी को किसका संरक्षण मिल रहा है. कोरोना वायरस संकट के समय इसका सबसे संदिग्ध चरित्र सामने आया है. कर्मचारियों की सैलरी पचा लेने की कोशिश के बाद ये उनकी जान लेने की कोशिश में भी लग गए हैं.
सादर
रमेश कुमार
चीफ सब एडिटर
इंडिया न्यूज़
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