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मीडिया मिरर वीकली न्यूज बुलेटिन

इंडिया टुडे
प्रधानमंत्री पर लिखी किताब को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपते किताब के लेखक और इंडिया टुडे समूह के डिप्टी एडीटर व नव नियुक्त सूचना आयुक्त उदय महुरकर । साथ हैं प्रकाशक। फाइल फोटो।

मीडिया मिरर के वीकली न्यूज बुलेटिन में हम आपके लिए लाते हैं देश दुनिया में चल रही मीडिया जगत की प्रमुख सुर्खियां। आप इस बुलेटिन के लिए खबरें हमें  वेबसाइट पर दिए गए मेल पर भेज सकते हैं। 

 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किताब लिखने वाले उदय माहुरकर चुने गए देश के नए सूचना आय़ुक्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने किया उनका चयन। दिलचस्प ये है कि उन्होंने इस पद के लिए कोई आवेदन नहीं कियाजानकारी के मुताबिक इस पद के लिए 355 लोगों ने आवेदन किया था। बताते चलें कि श्री माहुरकर इंडिया टुडे में वरिष्ठ उप संपादक हैं औऱ मोदी सरकार औऱ उनके शासन के मंत्र पर किताब लिखी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो प्रोग्राम मन की बातों का संकलन भी किताब के रूप में लिखा है। जिसका नाम मार्चिग विद ए बिलियन- एनालाइज़िंग नरेन्द्र मोदी गवर्नमेंट एट मिडटर्म’ इसका विमोचन तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने किया था। इसके साथ ही देश को नया मुख्य सूचना आय़ुक्त के रूप में यशवर्धन कुमार सिन्हा मिलेंगे। जो कि भारतीय विदेश सेवा के पूर्व अधिकारी हैं। फिलहाल सूचना आयुक्त हैं। माहुरकर के अलावा सूचना आयुक्त के रूप में सरोज पुन्हानी को नियुक्त किया गया है। श्री पुन्हानी उपनियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक हैं। फिलहाल केंद्रीय सूचना आयोग में पांच सूचना आयुक्त हैं जबकि पद 11 हैं।

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भारत एवं दक्षिण व मध्य एशिया मामलों की फेसबुक की लोक नीति निदेशिका अंखी दास ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गौरतलब है कि अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की उस खबर के बाद जिसमें उसने दावा किया था कि अंखी दास ने भाजपा व उसके सहयोगी संगठनों व नेताओं की हेट स्पीच फेसबुक में चलने दीं। उन्होंने फेसबुक नियमों के विरुद्ध जाकर ऐसा किया। इसके बाद अंखी दास को लेकर भारतीय संसद की सूचना एवं प्रोद्योगिकी समिति एवं दिल्ली विधानसभा की सूचना मामलों की समिति ने फेसबुक को नोटिस दिया था। इस मामले में छत्तीसगढ़ के एक पत्रकार ने भी अंखी दास के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। अंखी दास ने भी उस पत्रकार व दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। उन्होंने जानमाल का खतरा भी खुद को बताया था। उसके बाद लगातार ये बात सामने आ रही थी कि उनपर फेसबुक इस्तीफे का दबाव बना रहा था। कहा जा रहा था कि उन्होंने फेसबुक के मुस्लिम कर्मचारियों के समक्ष माफीनामा भी प्रस्तुत किया था। औऱ अंततः अखी दास ने इस्तीफा दे दिया। अंखी दास के इस्तीफे को भाजपा की हेटस्पीच मामले से ही जोड़कर देखा जा रहा है। बताते चलें कि हेचस्पीच विवाद के बाद अंखी दास और बीजेपी के तार टटोलने की कोशिश खोजी पत्रकारों ने की थी औऱ पाया था कि अंखी दास भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी एप नमो की कन्ट्रीव्यूटर यानी सहभागी लेखिका रही हैं। वहां अब भी उनका आलेख सुरक्षित है। उसी दौर में अंखी दास और प्रधानमंत्री की तमाम निजी तस्वीरें भी वायरल होती रहीं।

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छत्तीसगढ़ सरकार मीडिया कर्मियों के लिए कानून लाने की तैयारी में। जिसमें मीडिया कर्मियों के संरक्षण के लिए समिति का गठन किया जाना है। समिति में तीन पत्रकार व एक पुलिस अधिकारी सदस्य होगा व अध्यक्ष हाईकोर्ट का पूर्व जज होगा। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित ये कानून छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पास किया जा सकता है।

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प्रसार भारती ने चंडीगढ़ दूरदर्शन केंद्र के लिए विभन्न रिक्तियां निकाली हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 16 नवम्बर है। ज्यादा जानकारी के लिए प्रसार भारती की वेबसाइट पर जाएं। अधिक जानकारी के लिए  Doordarshan News Chandigarh Recruitment 2020 पर क्लिक कर नोटिफिकेशन का पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।


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दूरदर्शन के एंकर और करसपोंडेंट अशोक श्रीवास्तव को प्रमोशन मिला है अब वो सीनियर कंसल्टिंग एडिटर की भी जिम्मेदारी निभाएंगे। वो तकरीबन 18 वर्षों से दिल्ली दूरदर्शन में सेवाएं दे रहे हैं। बताते चलें कि अशोक श्रीवास्तव ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नरेंद्र मोदी सेंसर्ड नाम की किताब भी लिखी है और धुर राष्ट्रवादी के रूप में विख्यात हैं।


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अर्नब गोस्वामी की रिपोर्टिंग शैली को मैं बर्दाश्त नहीं कर  सकता, बोले चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया अरविंद बोबड़े। अदालत महाराष्ट्र सरकार द्वारा दाखिल अर्णव के खिलाफ विशेष जांच के लिए अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान अर्नब के वकील ने जस्टिस बोबड़े से कहा कि मैं आपकी बातों से सहमत हूं लेकिन महाराष्ट्र सरकार द्वारा अर्णब समेत पूरे चैनल के कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज कराना ज्यादती है। चीफ जस्टिंस ने अर्नब के वकील हरीश साल्वे से कहा कि अदालत उनके मुवक्किल से जिम्मेदारी पूर्वक काम करने का आश्वासन चाहती है। वो बताएं कि आगे कैसे काम करेंगे।

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मीडिया संस्थानों ने  दिवाली पर दिए जाने वाले बोनस से किया किनारा

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