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मीडिया मिरर वीकली न्यूज बुलेटिन

ये एचटी समूह से जुड़े कार्टूनिस्ट मनोज सिन्हा की कृति है, जो उन्होंने राजीव कटारा को श्रद्धांजलि स्वरूप अर्पित की है।

27 नवम्बर को यूपी के बलरामपुर में  घर में आग लगने से एक दैनिक अखबार में काम करने वाले  पत्रकार राकेश सिंह की मौत की खबर है। हालांकि परिजन इसे हत्या बता रहे हैं औऱ जांच की मांग कर रहे हैं। जबकि पुलिस इसे एक हादसा ही बता रही है। मामले में 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है। परिजनों का कहना है कि बेटा घर में था, कुछ लोग पहुंचे उन्होंने घर को बाहर से बंद कर दिया और घर में धमाके किए। आग लगाकर चले गए।

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दिल्ली के वरिष्ठ और प्रिय पत्रकारों में से एक राजीव कटारा का कोरोना से गत दिनों निधन हो गया। उनके जाने से मीडिया जगत में शोक व्याप्त है। श्री कटारा लम्बे समय तक हिंदुस्तान समूह की लोकप्रिय पत्रिका कादम्बिनी के सम्पादन करते रहे। या कहें कि कादम्बिनी के बंद होने तक वही इसका सम्पादन देख रहे थे। राजीव कटारा आजतक में भी शुरुआती दौर में रहे औऱ खेल मामलें में भी गहरी समझ रखते थे।

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लखनऊ नवभारत टाइम्स के संपादक सुधीर मिश्र भी कोरोना की चपेट में

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एनडीटीवी के कार्य़कारी संपादक प्रियदर्शन भी जूझ रहे कोरोना से

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देश के जाने माने टीवी पत्रकार प्रभु चावला के बारे में खबरें आ रही हैं कि उनकी टीवी टुडे नेटवर्क में पुनः वापसी हो रही है। वो आजतक में अपने पुराने शो सीधी बात को होस्ट करेंगे। आजतक से जाने के बाद प्रभु चावला कुछेक छोटे संस्थानों से जुड़े रहे लेकिन उन्हें कोई विशेष तवज्जो नहीं मिली औऱ न उनका काम लोकप्रिय बन सका। यहां तक कि वो फिलहाल अपना यू ट्यूब चैनल चला रहे हैं। वो भी बहुत सफल नहीं है। हालांकि उम्र और करियर के बिल्कुल अंतिम पड़ाव में बिग लगाकर दाढ़ी वाले प्रभु चावला क्या करिश्मा दिखा पाएंगे, ये देखने लायक होगा।

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भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एनडीटीवी के प्रमोटर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय पर दो साल के लिए प्रतिभूति बाजार में कारोबार करने पर रोक लगा दी है. सेबी ने यह कार्रवाई प्रणय और राधिका रॉय के इनसाइडर ट्रेडिंग (भेदिया कारोबार) में संलिप्तता की वजह से की है. सेबी ने दोनों को 12 साल पहले के इनसाइडर ट्रेडिंग गतिविधियों से अवैध तरीके से कमाए गए 16.97 करोड़ रुपये भी लौटाने को कहा है. कई बार कंपनियां अपने बारे में सही जानकारी न देकर फर्जी सूचनाओं के आधार पर शेयर बाजार में कारोबार करती है. इससे सरकार को तो नुकसान होता ही, आम लोगों का पैसा भी डूब जाता है. कुछ कंपनियां कीमतों से जुड़ी जानकारी छिपाकर कारोबार करती हैं. इस तरह के कारोबार को इनसाइडर ट्रेडिंग कहा जाता है  (सोर्स द वायर)

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सुप्रीम कोर्ट ने अर्णव गोस्वामी की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अर्णब गोस्वामी मामले में अपने फैसले में कहा कि भारत की अदालतों में लंबित जमानत याचिकाओं का समाधान जल्द से जल्द निकाला जाना चाहिए. यह एक संस्थागत समस्या बन गई है जहां या तो इन याचिकाओं को सुना नहीं जा रहा है या फिर जल्दबाजी में खारिज कर दिया जाता है.

शीर्ष अदालत ने 2018 के आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में शुक्रवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णय के चार सप्ताह बाद तक के लिए टीवी रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी और दो अन्य की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ा दी. न्यायालय ने कहा कि न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि फौजदारी कानून चयनात्मक तरीके से उत्पीड़न का हथियार न बने. ( सोर्स द वायर)

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मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने कहा कि केबल ऑपरेटरों को यह सुनिश्चित होगा कि केबल सेवा पर आने वाले कार्यक्रमों में महिलाओं का चित्रण ‘सौंदर्यमय और सुरुचिपूर्ण’ तथा ‘शालीनता के स्थापित मानदंडों के भीतर’ हो.

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 विदेशी सामग्री के अनियमित सर्कुलेशन को गैरजरूरी बताते हुए भारतीय प्रेस परिषद (पीसीआई) ने कहा है कि भारतीय अखबार विदेशी प्रकाशनों के जिन हिस्सों को प्रकाशित करना चाहते हैं उसे पहले सत्यापित कर लें.25 नवंबर को जारी एक मीडिया एडवाइजरी में पीसीआई ने कहा कि यह फैसला विदेशी सामग्री प्रकाशित करने में भारतीय समाचार पत्रों की जिम्मेदारी के बारे में सरकार के विभिन्न विभागों से प्राप्त अनुरोधों पर आधारित है.एडवाइजरी में आगे कहा गया कि स्रोत दिए जाने के बावजूद भारतीय अखबारों में प्रकाशित कंटेंट के लिए रिपोर्टर, संपादक और प्रकाशक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा. वॉशिंगटन पोस्ट, न्यूयॉर्क टाइम्स और द इकोनॉमिस्ट सहित विदेशी प्रकाशनों के संपादकीय अक्सर भारतीय समाचार पत्रों में प्रकाशित किए जाते हैं  ( सोर्स द वायर)

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अमेरिकी डिजिटल मीडिया कंपनी हफ़पोस्ट के भारतीय डिजिटल प्रकाशन हफ़पोस्ट इंडिया ने भारत में अपना काम बंद कर दिया, जिससे उनमें कार्यरत 12 पत्रकारों की नौकरी भी चली गई। हफपोस्ट इंडिया 6 सालों से भारत में काम कर रही थी। हफपोस्ट इंडिया के बंद होने के पीछे सरकार की डिजिटल मीडिया में विदेशी निवेश के नए कानून को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। जिसकी सीमा निर्धारित कर दी गई है।

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किसान आंदोलन में शामिल पंजाब मूल के किसानों को कुछेक मीडिया समूहों द्वारा खालिस्तानी बताने पर मीडिया का जमकर विरोध किया जा रहा है।

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प्रसिद्ध लेखक, विचारक व अनुवादक मंगलेश डबराल कोरोना के चलते गंभीर हालत में हैं। ऐसी पुष्टि की जा रही है।

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1.88 मिलियन एंगेजमेंट के साथ दीपक चौरसिया ट्वीटर के सबसे लोकप्रिय पत्रकार बन गए हैं। ये जानकारी उन्हींने दी पोस्ट करके और लोगों का शुक्रिया किया। वैसे वास्तविक मीडिया जगत में दीपक चौरसिया की साख गर्त में है। वो अब किसी गिनती में शामिल नहीं हैं।

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टाइ्म और न्यूयार्क टाइम्स ने विश्व की लोकप्रिय किताबों की सूचियां जारी कर दी हैं। जिनमें अंग्रेजी भाषा के भारतीय लेखकों की 2-2 किताबें भी शामिल हैं।

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