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व्यंग्य लेखन के लिए ‘अट्टहास सम्मान’ पत्रकार व्यंग्यकार अनुज खरे को

नुज खरे।
अनुज खरे।

व्यंग्य लेखन के लिए दिया जाने वाला देश का प्रतिष्ठित ‘अट्टहास सम्मान’ पत्रकार व्यंग्यकार अनुज खरे को
शरद जोशी, शैल चतुर्वेदी और अशोक चक्रधर जैसे प्रसिद्ध रचनाकारों को पूर्व में मिल चुका है ‘अट्टहास शिखर सम्मान’

नई दिल्ली. प्रसिद्ध साहित्यिक संस्था ‘माध्यम’ की ओर से हर वर्ष देश के ख्यातनाम व्यंग्य रचनाकारों को दिए जाने वाले प्रतिष्ठित अट्टहास सम्मान की घोषणा कर दी गई है. वर्ष 2020 के लिए ‘अट्टहास युवा सम्मान’ देश की राजधानी में सक्रिय पत्रकार-संपादक और व्यंग्य रचनाकार अनुज खरे को दिया जाएगा. ‘अट्टहास युवा सम्मान’ पाने वाले अनुज खरे मूलतः भोपाल के निवासी हैं और अपने पत्रकारिता करियर में dainikbhaskar.com (DB Digital) के संपादक, दैनिक भास्कर मैगजीन सेक्शन के नेशनल हेड, ज़ी न्यूज़- क्लस्टर हेड जैसे पदों पर रहे और वर्तमान में TV Today Group के क्लस्टर हेड App & site हैं. वह ‘बातें बेमतलब’, ‘परम श्रद्धेय मैं’ जैसी उच्च स्तरीय व्यंग पुस्तकों के लेखक हैं और पिछले ढाई दशक से पत्रकारिता के साथ-साथ व्यंग्य लेखन के क्षेत्र में सक्रिय हैं. देश की समस्याओं को आधार बनाकर लिखा गया उनका कॉलम ‘घातक कथाएं’ व्यंग्य लेखन के क्षेत्र में खासा प्रसिद्ध रहा है.

कोरोना के वजह से पैदा हुई परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए विगत 2 वर्षों से इन प्रतिष्ठित सम्मानों की घोषणा नहीं हो पाई थी। अब इन सम्मानों की घोषणा एक साथ की गई है. अनुज खरे के अलावा
वर्ष 2020 का ‘अट्टहास शिखर सम्मान’ डॉ प्रेम जनमेजय को वर्ष 2019 के लिए ‘अट्टहास शिखर सम्मान’ वरिष्ठ व्यंग्य नाटककार पद्मश्री दयाप्रकाश सिन्हा को दिया जाएगा. पुरस्कार प्राप्त करने वाले इन रचनाकारों को 2 जनवरी 2022 को दिल्ली के हिंदी भवन में सम्मान से नवाजा जाएगा.

निधन से पहले कोहली लगा गए मुहर
माध्यम संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष कप्तान सिंह और महासचिव अनूप श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मान के लिए उपयुक्त व्यंग्यकारों का चयन करने वाली समिति में पद्मश्री अशोक चक्रधर, डॉ ज्ञान चतुर्वेदी और इस वर्ष अप्रैल माह में दिवंगत हुए डॉक्टर नरेंद्र कोहली जैसे बड़े नाम शामिल हैं. 2019 साल के शिखर सम्मान और युवा सम्मान के लिए उपयुक्त नामों की अनुशंसा तो नरेंद्र कोहली जी ने अपने निधन से पहले ही कर दी थी. निर्णायक समिति ने बस उनके निर्णय पर सहमति व्यक्त कर दी. निर्णायक समिति के सदस्यों में सुभाष काबरा (मुंबई), सुभाष चंदर (उत्तर प्रदेश), डॉ स्नेह लता पाठक (छत्तीसगढ़), अरुण अर्णव खरे (कर्नाटक), राम किशोर उपाध्याय (दिल्ली) और माध्यम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कप्तान सिंह व महासचिव अनूप श्रीवास्तव पदेन सदस्य के तौर पर शामिल थे.

व्यंग्यकारों में प्रतिष्ठा का पर्याय है ‘अट्टहास ‘
उल्लेखनीय है कि साहित्यिक संस्था ‘माध्यम’ द्वारा वर्ष 1990 में इन पुरस्कार को दिए जाने की शुरुआत की गई थी. उस वर्ष ख्यात रचनाकार मनोहर श्याम जोशी व जाने माने व्यंग्यकार शरद जोशी को इस सम्मान से नवाजा गया था. उसके बाद से यह सम्मान साहित्य जगत में प्रतिष्ठा का दूसरा नाम बन गया. इसे पाने वालों में हुल्लड़ मुरादाबादी, श्रीलाल शुक्ल, शैल चतुर्वेदी, अशोक चक्रधर, केपी सक्सेना, सुरेंद्र शर्मा सहित कई अन्य बड़े हास्य-व्यंग्य रचनाकारों का नाम शामिल है.

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