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सुप्रीत फाइटर है, वो लड़ेगी भी और जीतेगी भी: आदित्य

सुप्रीत
सुप्रीत रायपुर छत्तीसगढ़ में एक निजी चैनल में एंकर हैं।

साथीकी ख़ूबी
सुप्रीत फाइटर है, वो लड़ेगी भी और जीतेगी भी: आदित्य

सुप्रीत कौर, वो पत्रकार जो अपने जज़्बे और अदम्य साहस के बलबूते देश व विदेश में चर्चा में हैं। विश्वभर के पत्रकारों की संवेदना उनके साथ है। महज़ 2 रोज पहले ही सुप्रीत के पति का निधन हो गया और उनको लाइव बुलेटिन में अपने पति के मौत की खबर पढ़नी पड़ी। कितना धैर्य और साहस का परिचय दिया होगा सुप्रीत ने। सुप्रीत रायपुर छत्तीसगढ़ में एक निजी चैनल में एंकर हैं।

मीडिया मिरर ने सुप्रीत के खास मित्र और शुभचिंतक डीडी न्यूज़ भोपाल के एंकर आदित्य श्रीवास्तव से बात की और आग्रह किया की वो सुप्रीत के बारे में बताएं। आदित्य ने जो लिखा हूबहू आपके सामने कोई सम्पादन नहीं।

आदित्य श्रीवास्तव के शब्दों में सुप्रीत:-
सुप्रीत फाइटर है, वो लड़ेगी भी और जीतेगी भी:
यार 3 बार लिखने की कोशिश की लेकिन आंखों में आंसू आजाते हैं फिर मिटा देता हूँ लिखा हुआ। सोचता हूँ जब थोड़ा भी वो वो सम्भलेगी ओर अगर वो मुझे पढ़ेगी तो और कमज़ोर पड़ेगी। क्योंकि मैं हमेशा सुप्रीत के सामने समस्या का समाधान बनकर खड़ा रहा। उसे जब भी लगता कि वो किसी भी परेशानी में है (व्यक्तिगत हो या प्रोफेशनल) तुरंत फ़ोन करती और बिना हाल चाल जाने सीधे परेशानी बताती ओर समाधान सुनने के बाद बोलती अच्छा ठीक है ऐसा कर लेती हूं और ये बोलकर फ़ोन काटती की मेरी बुलेटिन है में फ्री होकर लगाती हूँ कॉल। आज वो इतनी बड़ी परेशानी में है कि मुझे फोन नहीं कर पा रही। और न में उससे बात करने की हिम्मत जुटा पा रहा। सीखने की चाह ओर भोलापन ही हैं उसका जिसने आज उसे एक एंटरटेनमेंट एंकर से कोर न्यूज़ का एंकर बना दिया। बहुत ही रिज़र्व नेचर की लड़की, बहुत कम लोगों से बात करना और जो लोग उसे नहीं जानते वो उसे उसके कम घुलने मिलने वाले स्वभाव को उसका घमंड मानने लगते हैं। लेकिन उस लड़की में एक पैसे का घमंड नहीं। ऑफिस में घंटों किसी सिस्टम पर बैठकर अपनी स्क्रिप्टिंग करती रहेगी, चुपचाप उठकर अपना बुलेटिन पढ़ने चली जायेगी…यही उसका स्वभाव है.. में इस हादसे पर इसलिए कुछ नहीं लिखना चाहता क्योंकि में हमेशा उसका समाधान दोस्त रहा हूँ..उसे लगता है कि मैं उसकी हर समस्या का जवाब हूँ और अगर मैं भी कुछ लिखूंगा तो वो जब पढ़ेगी तो और जमज़ोर होगी। बस इतना ही कहूंगा वो बहुत बहादुर लड़की है…कठिन समय से बाहर निकलना उसे आता है…उसने जीवन में कई बार कठिन समय से लड़ा है और वापस अपने ट्रैक पर लौटी है… उसने इस प्रोफेशन को चुनने ओर इसे बरकरार रखने के लिए भी एक लंबी लड़ाई लड़ी है। सुप्रीत की जब भी बात होती है तो यही बात होती है कि उसने समय के साथ अपने परफॉर्मेंस में बहुत सुधार लाया है…कोर इंटरटेंमेंट का एंकर कोर न्यूज़ का कैसे बन सकता है ये कोई सुप्रीत से सीखे। वो फाइटर है…उसे लड़ना आता है…और कोई उसकी कितनी भी परीक्षा ले वो लड़ेगी…ओर जीतेगी भी…ये मैं जानता हूँ… फिर चाहे वो भगवान ही क्यों न हों।

नोट: आदित्य के इस निजी आलेख का कहीं भी उपयोग करने से पहले उनकी स्वीकृति अनिवार्य है।

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