मीडिया मिरर

द डायरी ऑफ अ यंग जर्नलिस्ट-भाग-3

प्रशांत राजावत-सम्पादक मीडिया मिरर   आज मैं चित्रा मुद्गल जी का साक्षात्कार पढ़ रहा था। उनसे पत्रकार प्रश्न करता है कि आप अपने बारे में कुछ कब लिखेंगी। चित्रा जी कहती हैं। लिखूंगी। थोड़ा ठहरकर। खुलासे करूंगी। निश्चित ही चित्रा जी अपनी आत्मकथा लिखने के बारे में बात कर रही थीं। अमूमन होता भी यही है कि लोग अपने जीवन के अंतिम चरण में आत्मकथा लिखते हैं। जिसमें जीवन की पूरी यात्रा आ जाती है। आत्मकथा किसी की भी देखिए उम्रदराज होकर ही लोगों ने लिखी हैं। दरअसल कम उम्र में कहने को ज्यादा कुछ होता कहां हैं। लेकिन मैंने चित्रा जी का फार्मूला नहीं अपनाया। मुझे लगता है मेरी... Read more
बीबीसी

लाइव टीवी शो के दौरान सपा-बीजेपी प्रवक्ता में मारपीट

नई दिल्ली: लाइव टीवी डिबेट शो के दौरान समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के प्रवक्ता और बीजेपी (BJP) प्रवक्ता आपस में भिड़ गए. नोएडा के सेक्टर 16-A में एक टीवी चैनल जी न्यूज के लाइव शो के दौरान उस समय अफरातफरी मच गई जब सपा प्रवक्ता अनुराग भदौरिया (Anurag Bhadoria) ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया (Gaurav Bhatia) को धक्का दे दिया. बाद में भदौरिया को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.  घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. एसएसपी अजय पाल शर्मा ने बताया नोएडा के सेक्टर 16-A स्थित एक टीवी चैनल में लाइव डिबेट शो के दौरान आपस में भिड़ गए. उन्होंने बताया कि गौरव भाटिया... Read more
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मोदी ने साढ़े चाल में पीसी क्यों नहीं की, नहीं बता पाए शाह

नई दिल्ली, एजेंसी प्रधानमंत्री ने साढ़े चार साल में एक भी प्रेसवार्ता नहीं की, क्यों? इस सवाल पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जब सीधा जवाब देने के बजाय टाल-मटोल करने लगे तो कांग्रेस ने शुक्रवार को फिर सवाल किया, "क्या मोदी और शाह खुद को जवाबदेही से ऊपर मानते हैं?" कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के उठाए इस सवाल पर कि मोदी ने अब तक एक भी प्रेसवार्ता क्यों नहीं की, भाजपा अध्यक्ष ने पहले तो इस सवाल को टालने की कोशिश की, उसके बाद कहा कि भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा इसका जवाब देंगे. यह वाकया भाजपा मुख्यालय में हुई प्रेसवार्ता का है. जब पत्रकार ने इस बारे में जोर... Read more
बगड़ स्थित पीरामल दरवाज़ा.

ईशा अम्बानी की ससुराल बगड़ की मीडिया को खबर नहीं

भारतीय पत्रकारिता का पतन तो 1990 के आसपास तभी हो गया था जब टाइम्स ऑफ इंडिया के मालिक समीर जैन ने कहा था कि अख़बार एक उत्पाद है और उनके लिये अख़बार और साबुन की बट्टी में कोई फ़र्क़ नहीं है । पिछले तीस सालों में जो साबुन की बट्टी थी वह भी घिस गई, अब तो सिर्फ़ झाग ही झाग रह गये हैं । आज पत्रकारिता पूरी तरह पूंजीपतियों, राजनेताओं, क्रिकेटरों, अभिनेताओं और धर्मगुरुओं की दास है । पत्रकारिता के पतन पर फिर कभी लिखेंगे । अभी तो भारतीय समाचार-पत्र एक बॉलीवुड अदाकारा की शादी से रंगे हुये हैं और आज के समाचार-पत्र भारत के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश... Read more
जागरण संवादी

राष्ट्रभक्ति के मुद्दे से घबराने की जरूरत नहींः हितेश शंकर

दैनिक जागरण संवादी 2018 लखनऊ में तीन दिवसीय आयोजन था जिसमें साहित्य, कला, रंगमंच, सिनेमा और संस्कृति जैसे तमाम  क्षेत्रों से जुड़े लेखक, विचारक चिंतक, साहित्यकार,कलाकार जैसे मुजफ्फर अली, सोनल मानसिंह, विलायक जाफरी,शैलेंद्र सागर, शाजिया इल्मी ,किश्वर देसाई ,यतींद्र मिश्रा ,अली फजल ,आशीष विद्यार्थी आदि ने भाग लिया । यह मीडिया जगत की एक महती जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने सामाजिक सरोकार निभाए l इसी दिशा में एक उदाहरण प्रस्तुत करता है जागरण संवादी। लखनऊ की गुनगुनी  धूप में 30 नवंबर से 1 और 2 दिसंबर तक चलने वाले तीन दिवसीय कार्यक्रम में लगभग 27 सत्र हुए. जिसमें संस्कार-संस्कृति से लेकर राजनैतिक मुद्दों जैसे 'हम लड़ते क्यों हैं, नए... Read more
पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के साथ रमेश ठाकुर।

पत्रकार रमेश ठाकुर बने एनआईपीसीसीडी के सदस्य

 राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन है मीडिया मिरर न्यूज, दिल्ली।   पीलीभीत जिले से ताल्लुक रखने वाले पत्रकार और स्वतंत्र टिप्पणीकार रमेश ठाकुर को राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान (एनआईपीसीसीडी) ने अपनी कार्यकारी समिति के सदस्य के तौर पर नामित किया है। इस आशय की जानकारी संस्थान के निदेशक एमए इमाम ने एक प्रेस बयान जारी कर दी है। उन्होंने बताया कि यह संस्थान भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन है। इसका मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है। इसके अलावा बेंगलुरु, गोहाटी, लखनऊ, इंदौर और मोहाली में इसके पांच क्षेत्रीय केंद्र हैं। कार्यकारी समिति... Read more
चित्रा

चित्रा मुद्गल को हिंदी लेखन के लिए साहित्‍य अकादमी अवार्ड

[caption id="attachment_3962" align="alignleft" width="239"] विभिन्न भाषाओं में मिले साहित्य अकादमी पुरस्कार की सूची[/caption] new delhi. स्त्री विमर्श के फॉर्मूला लेखन से कोई क्रांति संभव नहीं मानने वाली चित्रा मुदगल को हिंदी लेखन के लिए साहित्‍य अकादमी अवार्ड से सम्‍मानित किया गया। चित्रा जी के तेरह कहानी संग्रह, तीन उपन्यास, तीन बाल उपन्यास, चार बाल कथा संग्रह, पांच संपादित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। आठ भाषाओं में अनूदित उनके उपन्यास ‘आवां’ को देश के छह प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। ‘आवां’ पर 2003 में ‘व्यास सम्मान’ मिला था। 10 सितम्बर 1943 को जन्मी एक आधुनिक शैली की लेखिका, जिनकी कलम हमेशा समाज के दबे और कमजोर वर्ग के साथ खड़ी रही,... Read more
job

हरिभूमि, टीवी9, IANS, Etv में वेकेंसी

पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी आईएएनएस (IANS) से जुड़ने का अच्छा मौका है। दरअसल, एजेंसी को प्रशिक्षु उपसंपादक की जरूरत है। यह पद विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में रुचि रखने वाले युवा पत्रकार के लिए है। टेक्नोलॉजी, विज्ञान एवं स्वास्थ्य में रुचि रखने वालों को वरीयता दी जाएगी। इस पद के लिए अनिवार्य योग्यता के तहत अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में दक्षता होनी चाहिए। इसके अलावा हिंदी टाइपिंग की स्पीड कम से कम 50 शब्द प्रति मिनट होनी चाहिए। बताया जाता है कि चुने गए अभ्यर्थियों को लिखित टेस्ट के लिए आमंत्रित किया जाएगा। केवल चयनित आवेदकों को ही ईमेल से सूचना... Read more
रवीश कुमार

रवीश कुमार बोले मुझे कार्यक्रमों में न बुलाएं

कृपया मुझे लिट फेस्ट और अन्य फेस्ट में बुलाने से परहेज़ करें रवीश कुमार- कार्यकारी सम्पादक एनडीटीवी मैं हर साल लिखता हूँ कि मुझे न बुलाया जाए। इसके बाद भी मेरे ये लेख बुलाने वालों तक क्यों नहीं पहुँच पाते हैं। पाँच दिनों तक सघन काम करने के बाद दो दिन अपने शरीर और परिवार के लिए ज़रूरी होते हैं। मैं समझता हूँ कि बुलाने और बोलवाने के इस उत्सव में कुछ ऐसे लोग भी शामिल होते हैं जो वाक़ई अच्छा काम करते हैं, पर उन्हें भी समझना चाहिए कि कोई कितना वक़्त दे सकता है। यह उचित भी नहीं है। कहीं जाने की तैयारी में कई दिन पढ़ने और लिखने... Read more
मीडिया मिरर

द डायरी ऑफ अ यंग जर्नलिस्ट-भाग-2

प्रशांत राजावत- सम्पादक मीडिया मिरर डायरी के पहले भाग में हमने आपको बताया था कि कैसे हम गांव से दिलवालों के शहर दिल्ली आए और वहां मीडिया की पढ़ाई के नाम फर्जी कालेज के जाल में फंसे। डायरी की दूसरी कड़ी में हम आपको बताएंगे कि कैसे प्रशिक्षु पत्रकार यानि ट्रेनी जर्नलिस्ट बनने के लिए हमने एक नहीं, दो नहीं बल्कि तीन-तीन राज्यों की खाक छानी और मिला क्या शून्य बटे शून्य। ----         दिल्ली, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ से लाइव..                                                      ... Read more