जरा हटके

रक्षित सिंह की क्रांति के मायने

एडिटर अटैकः डॉ प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर [caption id="attachment_5638" align="alignleft" width="209"] रक्षित सिंह से संबंधित खबर[/caption] रक्षित सिंहः रक्षित एबीपी न्यूज के पत्रकार थे जिन्होंने अभी कुछ सप्ताह पहले ही किसान आंदोलन मेरठ की सभा में मंच पर चढ़कर भाषण देते हुए ये कहकर इस्तीफा दिया कि उनसे किसान आंदोलन की एकपक्षीय रिपोर्टिंग के लिए कहा गया था। किसानों का पक्ष न दिखाने की बात कही गई थी चैनल द्वारा। साथ ही वो कहते हैं कि उनसे कहा गया था कि जल्दी जाओ और दिखाओ कि किसान आंदोलन में कम भीड़ रही। बगैरह बगैरह। उन्होंने बाकायदा किसान सभा के मंच से चैनल की आईडी दिखाते हुए कहा कि नहीं... Read more
किसान आंदोलन

सेरोटोनिन जब बहता है तो….

(संदर्भः किसान आंदोलन) एडिटर अटैक- डॉ प्रशांत राजावत, सम्पादक, मीडिया मिरर (pratap.prashant@rediffmail.com) किसान आंदोलन। 26 जनवरी को किसान आंदोलन व किसानों की ट्रैक्टर रैली से उपजी अपार हिंसा। 300 से ज्यादा पुलिस वालों का हिंसा की चपेट में आना। कई पुलिस वालों का अति गंभीर अवस्था में अस्पतालों में पहुंचना। दिल्ली सीमाओं का आंदोलन के चलते लगातार बंद रहना। दिल्ली वासियों को आंदोलन के चलते अव्यवस्थाओं का सामना करना। 26 जनवरी की हिंसा को आग देने के लिए झूठ फैलाना देश के प्रबुद्ध पत्रकारों द्वारा और पकड़े जाना। फिर रोना और फिर शक्ति प्रदर्शन करना। ................ हम एक ऐसे समाज का हिस्सा हैं जहां या तो किसान आंदोलन को ही... Read more
मीडिया मिरर

नए साल की पाती.. विपक्षहीन राजनीति, विकल्पहीन देश

डॉ. प्रशांत राजावत, सम्पादक, मीडिया मिरर pratap.prashant@rediffmail.com ....................... मेरे निवास स्थान दिल्ली में भारी बारिश जारी है, कडकड़ाती सर्दी के दौर में मैं आपको नए वर्ष पर आदर और स्नेह प्रेषित करता हूं और आशा करता हूं शायद ये साल हमें आनंद और उन्नति दे। ये कैसा दौर है जब देश का किसान भारत सरकार से दो-दो हाथ करने राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं में महीनों से डटा है, सह धूप, घाम, पानी, पत्थर..। और देश के मुख्य विपक्षी दल के मुख्य नेता नानी के घर नया साल मनाने गए हैं। एक राजा के लिए जैसे राजधर्म प्रमुख है, वैसे ही एक राजनेता के लिए परिवार से पहले आम आदमी है।... Read more
मीडिया मिरर

ब्रेड पकौड़े से शादी भी टूट सकती है..

एडिटर अटैकः  डॉ प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर  pratap.prashant@rediffmail.com  आज सुबह दैनिक भास्कर में चेतन भगत का लिखा पढ़ रहा था वो कृषि कानूनों पर अपने विचार रख रहे थे। मैं सोच रहा था बताइए मसखरेपन की कहानियां लिखने वाला आदमी कृषि जैसे अतिसंवेदनशील विषयों पर भी लिखता है या लिख लेता है। कैसे दोमुंहा जमाना है। व्यापार करने के लिए सेक्स बेच रहे हैं और काबीलियत दर्ज कराने के लिए कृषि कानूनों पर बोल रहे हैं। ऐसे लोग बखूबी जानते हैं कि सेक्स बिकता है इसलिए जनता को वो परोसना है। बाकी कृषि कानून पर किताब पढ़ेगा कौन। हाहाहा। बड़ा अजीब दौर है। कल एक पत्रकार मित्र बता रही... Read more

जाति आधारित पत्रकारिताः कई दिलीप मंडलों की जरूरत

एडिटर अटैक डॉ प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर   दिलीप मंडल का आयां बायां क्या है ये और बात है। लेकिन जब जहां दिलीप मंडल का नाम आता है कहने की जरूरत नहीं कि हमारे दिलो दिमाग में क्या चलने लगता है। जाति के लिए काम करने वाला पत्रकार, जाति के लिए लिखने वाला पत्रकार, जाति के लड़ने वाला पत्रकार, जाति के शोषण, पिछड़ेपन व भेदभाव को उजागर करने वाला पत्रकार। हां ये औऱ बात है कि वो जाति विशेष के लिए लिखते हैं। वो निम्न जातियों व दलितों के मसीहा पत्रकार के तौर पर पहचाने जाते हैं। आर्थिक, सामाजिक व मानसिक तौर पर पिछड़ चुकी जातियां निम्न या नीची... Read more
मीडिया मिरर

 मीडिया में सरकार की घुसपैठ का खेल

एडिटर अटैक-डॉ प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर आजकल फेसबुक इंडिया की एक बड़ी अधिकारी सुर्खियों में हैं। नाम है अंखी दास। श्रीमती दास पर आरोप हैं कि उन्होंने फेसबुक के नियमों को हाशिए पर रखकर भाजपा नेताओं की हेट स्पीच यानी नफरत भरी पोस्ट या बयान चलने दिए। ये खुलासा चूंकि अमेरिका के प्रसिद्ध अखबार वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में हुआ तो देशभर में हो हल्ला मच गया। विपक्षी पार्टियों ने भी इस मुद्दे को काफी उछाला। और अंततः बहस चालू हो गई कि अंखी दास भाजपा की करीबी हैं। दास और भाजपा के संबंधों को जानने के लिए अतीत टटोला जाना लगा। जिसमें पाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र... Read more

मोदी राज में प्रेस स्वतंत्रता और प्रेस प्रबंधन

एडीटर अटैक- डॉ प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर    अभी हाल ही में हम भारत के लोग अपना स्वतंत्रता दिवस मनाकर रीते हैं। तो मैंने सोचा लगी ताक हम नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में प्रेस की स्वतंत्रता का एक खाका खींचें। वैसे भी सुनने में आ रहा कि नरेंद्र मोदी पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री बन चुके हैं जिसने इतना लम्बा कार्य़काल पूरा किया हो। निसंदेह वो बधाई के पात्र हैं। मोदी राज में अगर प्रेस स्वतंत्रता की बात करें तो 2019 में जारी रिपोर्टर्स विदाउट बार्डर संस्था ने भारत को 140 वें नम्बर पर रखा है। पर इस तकनीकी मुद्दे पर हम बात नहीं करेंगे। हम जमीनी बात करेंगे।... Read more

कांग्रेस प्रवक्ता का निधनः न्यूज चैनलों की डिबेट पर उठे सवाल

त्वरित टिप्पणी- डॉ प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर  बुधवार को आजतक चैनल की लाइव डिबेट के दौरान कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव त्यागी को हार्ट अटैक आया औऱ उनका निधन हो गया। जानकारी के अनुसार शाम को वो रोहित सरदाना के शो में घर से ही लाइव थे। ऐसा बताया जा रहा है कि बहस के दौरान ही वो थोड़ा असहज दिख रहे थे औऱ इसी दौरान उनकी ह्दयगति रुक गई। स्थिति देख परिवार वालों ने कुछ प्राथमिक उपचार दिया और गाजियाबाद के यशोदा हस्पिटल ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हादसे के बाद सोशल मीडिया में पत्रकारिता से जुड़े बुद्धजीवियों के बीच एक विमर्श, टीवी... Read more
रामंदिर

भारत औऱ रामः महाशोक की घड़ी में महाउत्सव कितना जायज ?

एडीटर अटैक डॉ.प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर  कोरोना की जद में आए 39 हजार से ज्यादा लोगों के शवों पर सिसकता भारत, चीन और नेपाल के अबतक के सबसे आक्रामक रुख के बीच खड़ा भारत, भयंकर बेरोजगारी, आर्थिक मंदी, अस्थिरताओं से घिरा भारत, कोरोना महामारी के शीर्ष आंकड़ों से सजा भारत क्या वाकई इस योग्य है कि वो एक महा उत्सव का आयोजन करे ? क्या दुनियी हंसेगी नहीं हमपर ? किसी भी सामान्य व्यक्ति से आप कहें कि आप ऊपर इंगित विकराल समस्याओं औऱ चुनौतियों से घिरे हुए हैं। तब आप एक महा उत्सव का उल्लास मना रहे हैं। जयघोष कर रहे हैं। शहरों को सजा रहे हैं। तोरणद्वार... Read more
राजेश खन्ना

फिल्मी किस्सेः काका का एरोगेंस!

काका (राजेश खन्ना) मूडी किस्म के आदमी थे। और जब सफ़लता के रथ पर सवार होकर मूडी आदमी रफ्तार पकड़ता है तो फिर उसके कहने ही क्या। वो आदमी को आदमी क्या समझेगा। यही काका को ले डूबा, चाहे फिर उनका प्रेम हो या फिल्मी करियर।   राजेश खन्ना अपनी पहली फ़िल्म की शूटिंग में ही 4 घण्टे लेट पहुंचे। प्रोड्यूसर और कई वरिष्ठ लोग बड़े नाराज औऱ हैरान थे कि एक नए कलाकार का ये रवैय्या है। राजेश पहुंचे तो प्रोड्यूसर ने सख़्त लहजे में कहा इस समय आ रहे हैं आप? तो राजेश बोले थे कि देखो साब फ़िल्म विलम अपनी जगह है, अपनी लाइफ तो ऐसे ही... Read more