जरा हटके

सर्वप्रिया सांगवान

क्राइम रिपोर्टर ध्यान देंः रेप की घटना का फॉलोअप ऐसे किया जाता है

 जाने माने टीवी पत्रकार रवीश कुमार के शब्दः- इस रिपोर्ट को अंत तक पढ़ जाइये और दुआ कीजिए कि समाज और सिस्टम के भीतर की क्रूरता आप तक कभी न पहुँचे। जो भुगत रहे हैं, उन्हें दुआओं से भी कोई लाभ नहीं मिलने वाला। इस रिपोर्ट से काफी कुछ सीखा कि बलात्कार की घटना का फोलोअप कैसे किया जाना चाहिए। कहां कहां जाना चाहिए और किन किन संस्थाओं से पूछा जाना चाहिए। बर्बाद कर दी गई रिपोर्टिंग की संस्था को मेहनत से की गई ऐसी ही रिपोर्ट से हासिल की जा सकेगी। सर्वप्रिया की ये रिपोर्ट है मगर पढ़ कर आप भी कहेंगे कि मैंने तारीफ कुछ कम ही की... Read more
नरेंद्र मोदी

मोदी राज में दूरदर्शन को आजादी मिली कि नहीं बताएं अशोक श्रीवास्तव

26 मई 2014 का  दिन मतलब देश में एक तरफ नरेंद्र मोदी नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ की तैयारी में जुटे थे, तो दूसरी ओर भारत के सबसे पुराने व सबसे प्रभावी चैनल दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार और एंकर अशोक श्रीवास्तव नई सरकार से ये सवाल कर रहे थे  कि क्या दूरदर्शन को आजादी मिलेगी। उन्होंने 26 मई 2014 को लिखे अपने आलेख में ये भी कहा था  कि केंद्र में सत्तारूढ़ दलों ने आकाशवाणी और दूरदर्शन का जमकर दुरुपयोग किया।  दूरदर्शन जो कि सूचना प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के अधीन चैनल है। उसके किसी पत्रकार द्वारा सीधे सीधे सरकार पर ऐसे आरोप लगाना कोई सामान्य बात नहीं थी।... Read more
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ

संघ और संघी में जो बहुत अच्छा है वो ये है..

पत्रकार जफर इरशाद बता रहे हैं राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उसके कार्यकर्ता के बारे में आंखों देखी। ये कितना सच है ये तो वो ही जानें पर अगर सच है तो हर व्यक्ति को संघ कार्यकर्ता से प्रेरणा लेनी चाहिए।    अपना यह अनुभव मुझसे मेल पर साझा किया, पढने के लिए. यह इतना spontaneous and sentimental है कि शेयर करना जरूरी लगा. "एक पत्रकार की हैसियत से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम कई बार कवर करने गया लेकिन संघ के बारे में ज़्यादा जानकारी मुझे नहीं है. अब पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के संघ मुख्यालय नागपुर जाने पर जो स्यापा मचा हैं उससे कुछ अजीब लग रहा है,... Read more
वीरे दि वेडिंग

महिलाओं के मस्टरबेसन पर बवाल क्यों

- हिंदी फीचर फिल्म वीरे दि वेडिंग रिलीज हो चुकी है। बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियां सोनम कपूर, करीना कपूर के साथ स्वरा भास्कर भी इसमें जलवा दिखा रही हैं। फिल्म ने अच्छा कारोबार किया है। निधि मेहरा औऱ मेहुल ने इस फिल्म की कहानी लिखी है। शशांक घोष इसके निर्देशक हैं। और ढेर सारे लोग अनिल कपूर, एकता कपूर आदि इसके निर्माता हैं।   खैर काम की बात करते हैं। इन सबसे आपको क्या मतलब। मतलब कि बात ये कि फिल्म से ज्यादा फिल्म में दी जा रही मां-बहन की गालियों की चर्चा है जो कि अभिनेत्रियां दे रही हैं। इन सबसे ज्यादा भी जिस बात की चर्चा है वो... Read more
पत्रकार

अगर आपका ब्वॉयफ्रेंड है पत्रकार, तो आप हैं बेहद खास

  संक्षेप: पत्रकार ब्वॉयफ्रेंड के है कई फायदे भरोसेमंद होते है पत्रकार ब्वॉयफ्रेंड रखते है हर बात का ख्याल रिलेशनशिप को लेकर हर कोई उत्सुक रहता है। वहीं अगर आपका ब्वॉयफ्रेंड पत्रकार हो तो फिर क्या बात है.. जी हां, पत्रकार ब्वॉयफ्रेंड दूसरे ब्वॉयफ्रेंड से किहीं ज्यादा खास होते है। ऐसे क्यों.. तो आईये जानते है कुछ लाइनों में..   पत्रकार ब्वॉयफ्रेंड आपकी पसंद का रखते है ज्यादा ख्याल     पत्रकार से डेट करने का मतलब है कि वो आपकी हर बात का ध्यान रखेगा। आपको क्या खाना पसंद है। कहां घूमना पसंद है और कब घूमना है। हर एक जानकारी उसके पास होती है। वो आपको शहर की... Read more
parched movie

एमसी-बीसी महिलाओं में लोकप्रियः गालियों के अस्तित्व और विकास की गाथा

मैंने लीना यादव निर्देशित पार्च्ड फिल्म देखी जिसमें राजस्थान के एक गांव की महिलाएं की कहानी को दिखाया गया है जिसमें महिलाओं पर उनके पति और पुरुष वर्ग घोर अत्याचार करते हैं। गाली गलौज, मारपीट से लेकर जबरन सेक्स तक। फिल्म में एक दृश्य है जब फिल्म की मुख्य तीन महिला किरदार शोषित औऱ पीड़ित जीवन छोड़कर भाग आती है स्वतंत्र जीवन जीने की चाह में। अपने पतियों को छोड़कर आ जाती हैं। उसके बाद वो खुलकर मां बहन की गालियां देती हैं। जब आप फिल्म में ये दृश्य देखेंगे तो आपको लगेगा कि ये महिलाएं गालियां देकर स्वतंत्रता का जश्न मना रही हैं। गालियां देकर खुशी साझा कर रही... Read more
बीबीसी रिपोर्टर दिव्या आर्य

बीबीसी स्पेशलः क्या रेप की रिपोर्टिंग में ‘रस’ होता है?

बीबीसी हिंदी संवाददाता दिव्या आर्य की रिपोर्ट है ये। हम बीबीसी से साभार इस रिपोर्ट को यहां प्रस्तुत कर रहे हैं।  "रेप की ख़बर लगातार चलाई जाती है, पीड़िता से बार-बार सवाल पूछे जाते हैं, उस पर बहुत मानसिक दबाव पड़ता है." "परिवार वाले एफ़आईआर करने से ही घबराते हैं, कि पुलिस में शिकायत की तो कहीं बेटी का नाम मीडिया के ज़रिए सामने ना आ जाए, बदनामी होगी." "मीडियावाले अड़ोसी-पड़ोसी से सवाल-जवाब करते हैं, बात खुल जाती है, लड़की के जाननेवालों में उसकी पहचान ज़ाहिर हो जाती है," पटना के मगध महिला कॉलेज की लड़कियों ने जब अपने मन की कहनी शुरू की तो लगा, मानो तय कर के... Read more
गांव कनैक्शन

मैं पत्रकार हूं, एक लड़की हूं, लेकिन कठुआ जैसी ख़बरें मुझे भी डराती हैं

गांव कनैक्शन मीडिया समूह लखनऊ की पत्रकार नीतू सिंह महिला अपराधों की रिपोर्टिंग पर अपने अनुभव साझा कर रही हैं। उनका ये आलेख गांव कनैक्शन से साभार हम प्रस्तुत कर रहे हैं।   खबरें जो समसामायिक घटनाओं पर आधारित हो...कुछ नई जानकारी देती हों...हर किसी से सरोकार रखती हों...पत्रकारिता में कुछ ऐसी ही परिभाषा खबर की बताई गयी थी...लेकिन अब मैं जो खबरें पढ़ती हूँ, लिखती हूँ, जिनकी रिपोर्टिंग करती हूँ। ये खबरें अब उस परिभाषा से बिलकुल विपरीत हैं...ये खबरें अब हमें डराती हैं, असहनीय पीड़ा देती हैं, ऐसी घटनाओं से हमारा अपनों से और समाज से भरोसा उठता है। ये खबरें हमें घर के अन्दर कैद होने को... Read more
राखी बिरला

मीडिया में इंटर्नशिप नहीं मिल रही थी, समय बदला तो बन गईं मंत्री

[caption id="attachment_3176" align="alignleft" width="300"] राखी बिरला[/caption] आम आदमी पार्टी से दिल्ली की विधायक व दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिरला की कहानी पूरी फिल्मी है। अभी केवल 30 साल की हैं और विधायक, मंत्री और अब विधानसभा उपाध्यक्ष हैं। ये तमाम पद पाने में अच्छे अच्छे राजनेता उम्र गुजार देते हैं पर राखी को सौगात में मिले। दिल्ली के बेहद गरीब दलित परिवार से वास्ता रखने वाली राखी को तनिक भी अहसास नहीं था कि उनकी जिंदगी में कभी ऐसा होगा, जब आईएएस और आईपीएस उन्हें सैल्यूट करेंगे। आपको आश्चर्य़ होगा कि दिल्ली सरकार में मंत्री बनने से महज कुछ महीनों पहले राखी दिल्ली के एक छोटे से न्यूज चैनल में... Read more
शिवराज सिंह चौहान ने

शिवराज जी शर्म है, मगर आती नहीं आपको

एडीटर अटैकः प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर    आदरणीय शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश। हाल ही में आपके प्रदेश के भिण्ड जिले में एक टीवी चैनल के रिपोर्टर को खनन माफियाओं ने ट्रक से कुचलवा कर मरवा दिया। इस रिपोर्टर ने कुछ ही महीने पहले खनन माफिया से जुड़ा स्टिंग किया था। स्टिंग के बदले उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। स्थानीय पत्रकारों ने घटना के बाद प्रदर्शन करना शुरू किया और आपको भोपाल में घेरकर प्रेस से मिलिये कार्य़क्रम के बहाने मृतक पत्रकार के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। घटना तो आपके संज्ञान में पहले से थी क्योंकि आपने ही सीबीआई जांच की सिफारिश की... Read more