जरा हटके

राखी बिरला

मीडिया में इंटर्नशिप नहीं मिल रही थी, समय बदला तो बन गईं मंत्री

[caption id="attachment_3176" align="alignleft" width="300"] राखी बिरला[/caption] आम आदमी पार्टी से दिल्ली की विधायक व दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष राखी बिरला की कहानी पूरी फिल्मी है। अभी केवल 30 साल की हैं और विधायक, मंत्री और अब विधानसभा उपाध्यक्ष हैं। ये तमाम पद पाने में अच्छे अच्छे राजनेता उम्र गुजार देते हैं पर राखी को सौगात में मिले। दिल्ली के बेहद गरीब दलित परिवार से वास्ता रखने वाली राखी को तनिक भी अहसास नहीं था कि उनकी जिंदगी में कभी ऐसा होगा, जब आईएएस और आईपीएस उन्हें सैल्यूट करेंगे। आपको आश्चर्य़ होगा कि दिल्ली सरकार में मंत्री बनने से महज कुछ महीनों पहले राखी दिल्ली के एक छोटे से न्यूज चैनल में... Read more
शिवराज सिंह चौहान ने

शिवराज जी शर्म है, मगर आती नहीं आपको

एडीटर अटैकः प्रशांत राजावत, सम्पादक मीडिया मिरर    आदरणीय शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश। हाल ही में आपके प्रदेश के भिण्ड जिले में एक टीवी चैनल के रिपोर्टर को खनन माफियाओं ने ट्रक से कुचलवा कर मरवा दिया। इस रिपोर्टर ने कुछ ही महीने पहले खनन माफिया से जुड़ा स्टिंग किया था। स्टिंग के बदले उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। स्थानीय पत्रकारों ने घटना के बाद प्रदर्शन करना शुरू किया और आपको भोपाल में घेरकर प्रेस से मिलिये कार्य़क्रम के बहाने मृतक पत्रकार के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। घटना तो आपके संज्ञान में पहले से थी क्योंकि आपने ही सीबीआई जांच की सिफारिश की... Read more
पत्रकार संदीप शर्मा का फाइल फोटो

एक पत्रकार की हत्या का मतलब है लोकतंत्र ख़तरे में है

एडीटर अटैकः प्रशांत राजावत    एक पत्रकार की हत्या का मतलब है कि लोकतंत्र ख़तरे में है। जनता की आवाज़ दबाई जा रही है। सत्ताधारी ताकतें उफान पर है। अपराध चरम पर है। जी हां यही मायने हैं एक पत्रकार की हत्या के। जब एक पत्रकार की हत्या होती है तो एक व्यक्ति नहीं मरता बल्कि मरती है जनता की आवाज, पत्रकारिता की साख और वजूद। उस दिन मरता नहीं व्यक्ति बल्कि मर जाती है मीडिया नाम की संस्था जिसे जनता की आवाज़ के रूप में देखा और समझा जाता है।    [caption id="attachment_3078" align="alignleft" width="169"] टीआरटी वर्ल्ड[/caption] [caption id="attachment_3079" align="alignleft" width="169"] विदेश का बड़ा अखबार[/caption] [caption id="attachment_3081" align="alignleft" width="169"] द... Read more
अखबारों

मीडिया की मौसम वैज्ञानिक हैं सुंदर युवतियां

(भेदभाव को लेकर अपील करेंगे युवक) [caption id="attachment_3041" align="alignleft" width="300"] दिल्ली से प्रकाशित आज के  नवोदय टॉइम्स में एक मौसम वैज्ञानिक गर्मी के आने का संकेत देते हुए [/caption] गर्मी आ रही है, अख़बारों में अब आप देखेंगे लड़कियों की तस्वीरें दुप्पट्टे से मुँह ढके हुए या रंग बिरंगे छाते से धूप से बचते हुए और कैप्शन लिखा होगा गर्मी का कहर: धूप से बचती युवतियां। तो हम सबको पता लगेगा की गर्मी आ गयी।। [caption id="attachment_3040" align="alignright" width="300"] बरसात के दिनों में[/caption] जब बरसात आएगी तब भी फुहारों के बीच अठखेलियां करती कोई युवती ही बताएगी की बरसात आ गयी, केप्शन होगा पानी की फुहारों में मस्ती करती युवतियां और... Read more
दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर

मीडिया बुरा है पर अच्छा भी करता है, देखो एक जिंदगी बचा ली

  मीडिया और पत्रकारों को बहुत गाली मिलती है। बहुत आलोचनाएं झेलनी पड़ती हैं। पर कभी सोचा है मीडिया न हो, पत्रकार न हों तो क्या हो। जैसे सेना, पुलिस, न्यायपालिका और चिकित्सक न होने पर अस्थिरता आ सकती है ठीक वैसे ही मीडिया न होने पर भी देश में अस्थिरता आ जाएगी। खबरों का कोई स्रोत नहीं होगा आपके पास। आपकी सुबह की चाय के साथ अखबार नहीं होंगे तो सोचो कैसा लगेगा।   बहरहाल हम ये सब इसलिए कह रहे हैं कि मीडिया को लाख गाली दो, पत्रकारों को कोसो पर उनके योगदान को सराहो, उनकी हत्या पर शोक व्यक्त करो। क्योंकि मीडिया काम तो समाज के लिए ही... Read more
बेटी पढ़ाओ और बेटी बचाओ

बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ वाले देश में बेटियों का नाम अनचाही

बेटे की चाह पूरी न होने पर बेटियों का नाम ही रख दिया ‘अनचाही’ इन दो ‘अनचाही’ नाम की लड़कियों में से एक बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा है, जबकि दूसरी छठी कक्षा में पढ़ती है.   मध्य प्रदेश में मंदसौर जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर बिल्लौद गांव में मन्नत मांगने पर भी जब दो परिवारों की बेटे की चाह पूरी नहीं हुई तो उन्होंने अपनी सबसे छोटी बेटियों का नाम ही ‘अनचाही’ रख दिया है. इन दोनों लड़कियों का नाम जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल एवं आधार कार्ड में भी ‘अनचाही’ लिखा गया है. जो भी इस नाम को देखता है, चौंक जाता है. गौरतलब है कि मध्यप्रदेश... Read more
आग के हवाले

तो क्या विज्ञापन के चलते जान से हाथ धो रहे कस्बाई पत्रकार

प्रभात खबर बिहार के वरिष्ठ पत्रकार पुष्य मित्र की कलम से, पुष्यमित्र बहुत बारीकी और गंभीरता से तथ्यों के साथ अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कस्बाई पत्रकारों की मौत के कारण को विज्ञापन की प्रक्रिया से जोड़ा है। पढ़िए।    बिहार में कल रात फिर दो पत्रकारों की हत्या हो गयी। सुबह फेसबुक खोलते ही यह खबर सामने आई। इस बार दो पत्रकारों को एक मुखिया द्वारा स्कार्पियो से कुचल कर मारने की बात सामने आ रही है। पत्रकार बाइक पर थे। कल की घटना को मिला दें तो पिछले डेढ़-दो साल में इस तरह पत्रकारों की हत्या के मामले दहाई में पहुंच गए होंगे। इस... Read more
यादों में आलोक कार्य़क्रम के दौरान मंचासीन पत्रकार।

कांग्रेस मीडिया को सलाह देती थी, बीजेपी आदेशः पुण्य प्रसून बाजपेयी

चम्बल (म.प्र.) क्षेत्र के तेजतर्रार पत्रकार रहे आलोक तोमर की याद में आयोजित समारोह में कल जाना हुआ था। आलोक जी की पत्नी सुप्रिया रॉय का विशेष आग्रह था कि मैं आऊं। मैं गया और पूरे समय तक वक्ताओं को सुनता रहा।  वक्ताओं में सर्वश्री पुण्य प्रसून बाजपेयी एबीपी न्यूज, राजदीप सरदेसाई, सलाहकार सम्पादक इंडिया टुडे समूह, राम बहादुर राय पूर्व सम्पादक जनसत्ता, उर्मिलेश मीडिया समीक्षक शामिल थे।    मैं इस कार्यक्रम को बड़े हल्के में ले रहा था, पर ये तो इतना भारी पड़ा कि अब तक भारी हूं। पहले सोचा था कि इस कार्यक्रम की खबर बनाकर मिरर पर डाल दूं आप लोग पढ़ लेंगे। पर फिर लगा... Read more
बाबा रामदेव

पुण्य प्रसून को क्या पूरा मीडिया हैक कर लें बाबा रामदेव!

बाबा रामदेव अपने ऊपर लिखी किताब पर भी बैन लगवा चुके हैं अदालत ने कहा था कि किताब पढ़कर लगता है कि बाबा ने व्यापार के लिए सारी हदें पार कर दी और वो अपराधी हैं पुण्य प्रसून पर साक्षात्कार के दौरान भड़क गए थे बाबा नोटबंदी की वजह से जहां 11 अरबपति सूची से बाहर हो गए, वहीं पतंजलि के बालकृष्ण की संपत्ति 173 प्रतिशत बढ़कर 70 हज़ार करोड़ रुपये हो गई है (एडीटर अटैक)  वरिष्ठ टीवी पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी के आजतक चैनल से इस्तीफे के तार बाबा रामदेव से जोड़कर देखे जा रहे हैं। कुछ लोग इसे महज अफवाह बता रहे हैं तो कुछ सही भी मान... Read more
एक साक्षात्कार के दौरान राजीव गांधी और अरुण पुरी।

जब राजीव गांधी बोले थे देखो मेरे पैरों पर प्रेस बैठी है

वरिष्ठ पत्रकार प्रशांत टंडन बता रहे आजतक के मुखिया अरुण पुरी औऱ राजीव गांधी के रिश्तों की कहानी। राजीव औऱ अरुण पुरी दून स्कूल में पढ़े हैं। दोनो सहपाठी और मित्र थे। पर कैसे एक घटना ने सब कुछ बदल दिया। ये आलेख तब प्रकाश में आया जब हाल ही में अरुण पुरी ने सोनिया गांधी का साक्षात्कार किया। एक दौर में कहा जाता था देश को दो दून ब्वायज चला रहे हैं वो थे अरुण पुरी औऱ राजीव गांधी।    सरकार और मीडिया के रिश्तों की अद्भुत कहानी के किरदार हैं गांधी परिवार और अरुण पुरी: कल इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में अरुण पुरी जब सोनिया गांधी का इंटरव्यू ले... Read more