जरा हटके

शोषण के खिलाफ चुप्पी

मीडिया में महिलाः शोषण पर चुप्पी महंगी पड़ेगी

  आज महिला दिवस है और देखिए मैंने जबसे ये पूर्व घोषणा की है कि मैं मीडिया में महिलाओं की स्थिति पर लिखूंगा तो महिला पत्रकार ही विरोध में उतर आई हैं। पता नहीं क्यों ये फितरत है महिलाओं की कि अपने खिलाफ हो रही हिंसा और शोषण को वर्षों से सहती आई हैं पर चुप हैं। कोई और बोले तब भी इन्हें कोई अंजान सा डर सताने लगता है। मुझे पता है आपका डर। मीडिया मिरर पर मैंने एक श्रृंखला शुरू की थी मीडिया में महिला। इस श्रृंखला में महिला पत्रकारों को खुद ये बताना था कि अगर कभी उनके साथ किसी तरह का दुरव्यवहार हुआ हो, हिंसा हुई... Read more
बरखा दत्त शीर्ष पर हैं।

दुनिया की बहादुर महिला पत्रकारों को जानिए

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बीबीसी पत्रकार दिव्या आर्य के ब्लॉग से साभार ये रिपोर्ट।  महिला पत्रकार और जंग का मैदान - "नामुमकिन है!" जंग के मैदान से रिपोर्टिंग करनेवाली कितनी महिला पत्रकारों को आप जानते हैं? इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप के लिए 'जंग के मैदान' की परिभाषा क्या है. 1999 के करगिल युद्ध के दौरान तब 'एनडीटीवी' से जुड़ीं बरखा दत्त की रिपोर्ट्स ख़ूब चर्चा में आईं और इसकी एक बड़ी वजह उनका महिला होने के 'बावजूद' ख़तरे से भरपूर सीमावर्ती इलाकों में काम करना था. उसके बाद भारत किसी युद्ध का हिस्सा तो नहीं बना लेकिन देश में चल रही कई और जंगों... Read more
अभिनेता इरफान खान

अभिनेता इरफान की बीमारी और मीडिया मित्र

जाने-माने फिल्म पत्रकार अजय ब्रम्हात्मज ने अपने और पत्रकारों के बीच हुई फोन बातचीत को अपने ब्लॉग चवन्नीचैप में लिखा है। ये संकेत है इस बात का कि किस तरह से एक सामान्य सी बात को खबर बनाने की होड़ मीडिया वालों में है। सबकुछ एकदम जाने लेने की जल्दी, खबरों को बिना ठोस जानकारी के प्रस्तुत करना। अजय जी की ये बातचीत इसी ओर इशारा करती है। आज जब सोशल मीडिया व मीडिया में ये बात छायी है कि इरफान को ब्रेन कैंसर है जबकि कहीं से कोई इस खबर की प्रमाणिकता नहीं है। आखिर जल्दबाजी किस बात की है। हम क्यों किसी की मृत्यु और जीवन में भी... Read more
रमा नागराजन, रिपोर्टर टाइम्स ऑफ इंडिया दिल्ली

महिला पत्रकार, जिसने विकलांग को आईएएस बनवाकर दम लिया

पत्रकार की छवि जब जेहन में आती है तो एक पढ़ांकू किस्म का तबका, जो हरसमय पढ़ने लिखने में तल्लीन ऐसा कुछ हम सोचते हैं। जो खबरों की दुनिया में खोया रहता है। रमा नागराज भी वैसी ही हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया दिल्ली की पत्रकार हैं, हार्वर्ड विश्वविद्यालय की फैलोशिप स्वास्थ्य पत्रकारिता के लिए प्राप्त कर चुकी हैं। पर ये आम पत्रकारों से जरा हटके हैं। जब जन कल्याण की बात होती है या जनहित की तो इन्हें खबर से पहले मानवता नजर आती है।  ऐसी ही मानवता की मिसाल पेश की रमा नागराज ने पढ़िए पूरी दास्तान- [caption id="attachment_2767" align="alignleft" width="300"] मनीराम शर्मा, आईएएस अधिकारी[/caption] राजस्थान के अलवर जिले... Read more
श्रीदेवी

श्रीदेवी कवरेज़ः वाशिंगटन पोस्ट में भारतीय मीडिया की थू थू

अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत से जुड़ी खबरों को लेकर भारतीय टीवी मीडिया की न सिर्फ देश में बल्कि विदेश में भी जमकर आलोचना हो रही है। भारत की प्रसिद्ध टीवी पत्रकार बरखा दत्त ने विश्व प्रसिद्ध अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट की वेबसाईट पर भारतीय मीडिया की जमकर खिंचाई की है। पढ़िए बरखा दत्त का आलेख। इस आलेख के बाद निश्चित ही विदेशों में भी भारतीय टीवी मीडिया की छवि को करार झटका लगेगा।    #NewsKiMaut: The way Indian media has covered Sridevi’s death has been shameful   The sudden and mysterious death of Sridevi Kapoor, a Bollywood superstar beloved to millions of Indians and a rare actor who bridged the... Read more
हार्वर्ड विश्वविद्यालय में रवीश कुमार।

गवर्नमेंट ऑफ मीडिया में बहुत कुछ अच्छा है : हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में बोले रवीश कुमार

[caption id="attachment_2706" align="alignleft" width="225"] नमस्कार, अभी से तीन घंटे बाद जब बॉस्टन में सुबह के आठ बजेंगे तो हम पचीस मिनट का एक संक्षिप्त भाषण देंगे। अंग्रेज़ी आती नहीं तो हिन्दी में ही बोलेंगे। अगर सब कुछ ठीक रहा तो इसी पेज से लाइव कर देंगें। यहाँ बहुत सर्दी है। सारा कपड़ा फेल हो गया है। बर्फ गिरी मिली और हम खड़े मिले! एक यूनिवर्सिटी को देखा। चार सौ साल पुरानी है, प्राइवेट है, बहुत महँगी है मगर ज्ञान को लेकर ज़बरदस्त बंदोबस्त है। ग़ज़ब लोकतांत्रिक माहौल है। हम भारतीय भाषाओं के लोगों को इनके बारे में ज़रूर जानना चाहिए। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी पर आराम से लिखेंगे। बस इतना कहूँगा कि... Read more
पंजाब केसरी दिल्ली के प्रधान सम्पादक अश्विनी कुमार

पंजाब केसरी के प्रधान सम्पादक के नाम खुला ख़त

आदरणीय अश्विनी कुमार जी, प्रधान सम्पादक महोदय, पंजाब केसरी दिल्ली। विषयः पंजाब केसरी के हेडर में प्रकाशित भद्दी तस्वीरों पर संज्ञान लेने बावत   आदरणीय, मैं सबसे पहले एक पाठक हूं आपके अखबार का, उसके बाद पत्रकारिता व जन संचार का शोधार्थी और उसके बाद थोड़ा सा पत्रकार और बचा कुचा जो भी हूं इंसान हूं। सर मेरा बिल्कुल भी ऐसा इरादा नहीं है कि मैं पंजाब केसरी दिल्ली की निंदा करूं या प्रतिष्ठा पर सेंध लगाऊं। और मुझमें इतनी क्षमता भी नहीं। मेरा तो बस इतना कहना है कि आपके अखबार के हेडर में क्या इन तस्वीरों का कोई और तस्वीर विकल्प नहीं हो सकती। या ऐसी ही तस्वीरों... Read more
बीबीसी के टीवी शो

ये कार्टून नहीं मीडिया का वास्तविक चेहरा है

-एडीटर अटैक- नमस्कार दोस्तों। आशा है आप कुशल मंगल होंगे। [caption id="attachment_2670" align="alignleft" width="300"] कार्टून जिनके माध्यम से मीडिया और मोदी की जुगलबंदी देख सकते हैं। हालांकि टाइम पत्रिका का कवर पेज महज लोकप्रियता के लिए उपयोग में लाया गया है।[/caption] मुद्दे पर आने से पहले मोटा मोटी मामले पर एक नज़र डाल लेते हैं। दरअसल ब्रिटिश पत्रकार पियरे मोर्गन ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का साक्षात्कार किया है। ये राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रम्प का पहला टीवी साक्षात्कार है। चूंकि अमेरिकी राष्ट्रपति हैं तो साक्षात्कार की विश्वभर में चर्चा होना लाजिमी है। मोर्गन की बात करें तो वो 52 साल के हैं और 1985 से मीडिया... Read more
डा सुरेश मेहरोत्रा

हर साल के पहले महीने में पांच लाख रूपये की मदद करते हैं सम्पादक जी

पैसा कमाना बड़ी बात नहीं है। बड़ी बात है पैसे का उपयोग। भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार डॉ सुरेश मेहरोत्रा 72 वर्ष की उम्र में जो नेक कार्य़ कर रहे हैं वो आदर्श है।  पढ़िए पूरी दास्तान एबीपी न्यूज भोपाल की विशेष संवाददाता ब्रजेश राजपूत की कलम सेः-   हमारे डाक साब को सलाम... मानो या मानो की तर्ज पर आपको मैं जो बताने जा रहा हूं उस पर भरोसा करना या ना करना आपके ऊपर है, हमारे भोपाल के पैंतालीस बंगले इलाके में रहते हैं डा सुरेश मेहरोत्रा, उम्र है 72 साल, वरिष्ठ पत्रकार हैं अपने शुरूआती दिनों में हिंदी और अंग्रेजी के कई अखबारों में संपादकी करने के बाद... Read more
अटल बिहारी बाजपेयी

अटल जी मैं आपकी मृत्यु की कामना करता हूं

[caption id="attachment_2579" align="alignleft" width="300"] अटल जी की कुछ वर्ष पुरानी अंतिम तस्वीर जो उपलब्ध है। इसके बाद अटल जी की कोई तस्वीर सार्वजनिक नहीं हुई।[/caption] ... अटल जी आप मेरे पसंदीदा राजनेता ही नहीं बल्कि मेरे और आपके कर्मक्षेत्र व गृहक्षेत्र भी एक हैं। मेरा आपका नाता भी एक ही विधा से है। आप ग्वालियर में पले बढ़े औऱ लढ़े। मैंने भी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर के पत्रकारिता की शुरूआत ग्वालियर से ही की। आप कानपुर पहुंचे। कालांतर में मैं भी शिक्षा लेने कानपुर पहुंचा। आपने पत्रकारिता को चुना और दिल खोलकर कविताएं लिखीं। मैंने भी पत्रकारिता को चुना और दिल खोलकर कविताएं लिखीं। परिस्थितियों के अनुरूप आप राजनीति में... Read more