किताब चर्चा

अहा जिंदगी पत्रिका

अहा जिंदगी से आलोक का जाना…

-एडीटर अटैक- --- नमस्कार, आदाब, शब्बा खैर। मैं प्रशांत राजावत। कैसे हैं आप लोग। हम मुद्दे पर आएं इससे पहले अहा जिंदगी के बारे में संक्षेप में जान लीजिए। अहा जिंदगी दैनिक भास्कर समूह की हिंदी भाषा की मासिक पारिवारिक पत्रिका है। 12 राज्यों में इसकी मौजूदगी है। दैनिक भास्कर के अनुसार 2012 में ही ये पत्रिका 4 लाख पाठकों के बीच और 1.25 लाख कॉपी के साथ उपलब्ध थी। पत्रिका की नींव 2004 में पड़ी थी। संस्थापक सम्पादक थे यशवंत व्यास। इसका प्रकाशन जयपुर से लगातार होता रहा। निवर्तमान सम्पादक आलोक श्रीवास्तव ने बतौर सम्पादक 2011 से अहा जिंदगी में आमद दी और हाल ही में सम्पादक पद से... Read more
रेखना मेरी जान उपन्यास के लेखक रत्नेश्वर सिंह अपनी किताब के साथ

पौने दो करोड़ के अनुबंध वाली हिंदी किताब भी गुम गई

एडीटर अटैक-प्रशांत राजावत   आशा है आपलोग ठीक होंगे। तो फिर शुरू किया जाए अपना अटैक। यानी एडीटर अटैक। अच्छा ये बताइए रेखना मेरी जान क्या है। ये महज शब्द समूह है या किसी फिल्म या किताब का नाम। किसी जगह का नाम या कुछ और। कभी सुना है ये। ..... ओके। मैं बता देता हूं। रेखना मेरी जान एकदम नई नवेली किताब है। जिसका प्रकाशक है ब्लूवर्ड। हिंदी की किताब है। अब जब आपने किताब का नाम नहीं सुना तो लेखक को नहीं ही जानते होंगे। किताब के लेखक हैं रत्नेश्वर सिंह। आगे बढ़ने से पहले बताते चलें कि रेखना मेरी जान के संदर्भ में दैनिक भास्कर की खबर... Read more
वो किताब जिसमें ताजमहल को हिंदू मंदिर बताया गया है

एक किताब, जो कहती है ताजमहल हिंदू राजभवन था

[caption id="attachment_2379" align="alignleft" width="169"] ऐतिहासिक किताब के पन्ने[/caption] [caption id="attachment_2380" align="alignleft" width="169"] ऐतिहासिक किताब के पन्ने[/caption] लेखकः पुरुषोत्तम नागेश ओक- किताब का नामः ताजमहल हिन्दू-राज भवन था   किताब के बारे में  विस्तार से चर्चा कर रहे पांचजन्य के पत्रकार प्रखर अश्विनी प्रखर।  यह 1971 का संस्करण है। बड़ी मुश्किल से अपने पैतृक पुस्तकालय से इसे खोज निकाला है।...किताब के पन्ने पीले पड़ गए हैं, पर इसमें उदृत तथ्य अभी भी ज्वलंत हैं। दरअसल कुछ दिन से ताजमहल का विवाद जोरों पर है। मस्जिद-मन्दिर की आवाजें बुलन्द हैं। पर जब आप ओक साहब की पुस्तक पढ़ेंगे तो पता चलेगा कैसे झूठे-मक्कार इतिहासकारों ने समाज को ऐतिहासिक सत्य से दूर रखा। किताब की... Read more
Saragarhi And The Defence Of The Samana Forts

सारागढ़ी की लड़ाई पर लिखी कैप्टन अमरिंदर सिंह की खास किताब

पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह  इंगलैंड में एक समारोह के दौरान सारागढ़ी की लड़ाई विषय पर लिखी गई अपनी किताब को रिलीज करेंगे। इसे मुख्यमंत्री पहले ही भारत में रिलीज कर चुके हैं। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह काे लोग इतिहासकार के रूप भी देखेंगे। उन्‍होंने पंजाब के मशहूर सारागढ़ी के जंग पर पुस्‍तक लिखी है। भारत के सैन्य इतिहास में सारागढ़ी की लड़ाई आज भी एक प्रतिष्ठित पल के रूप में दर्ज है और अब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस जंग के इर्द-गिर्द इस किताब को बुन डाला। उनकी 'सारागढ़ी एंड दि डिफेंस ऑफ समाना फोट्र्स' पुस्‍तक का विमोचन भारत में हो चुका है।  कैप्‍टन अमरिंदर की इस पुस्तक में... Read more
पत्रकार विनोद मेहता द्वारा लिखी मीना कुमारी की जीवनी

मीना कुमारी स्वर्ग में मुस्कुरा रही होंगी, विनोद मेहता से ये सुन कि तुमपर लिखकर ही मरा मैं

विनोद मेहता आज मीना कुमारी से जरूर बोले होंगे की तुम पर लिखकर ही मरा   मीना कुमारीः क्लासिकल बॉयोग्राफी के लिखने के पीछे भी बड़ा मार्मिक वृतांत है। कहा जाता था मीना कुमारी के मेकअप आर्टिस्ट ने रोते हुए पत्रकार विनोद मेहता से आग्रह किया था कि मीना कुमारी की जीवनी आप जरूर लिखें। ताकि दुनिया उनको अच्छे से जान पाए और तब ये जीवनी विनोद मेहता ने लिखनी शुरू की।   विनोद मेहता ने एक वादा निभाया. जो उन्होंने दस साल तक मीना कुमारी का मेकअप करने वाले मेकअप मैन से विदा लेते समय किया था, जिसने हाथ जोड़कर और आंखों में आंसू भरकर विनोद मेहता से कहा... Read more
नवाज

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की आत्मकथा पूरी, पत्रकार रितुपर्णा चटर्जी ने किया लेखन सहयोग

2 साल पहले शुरू हो गया था आत्मकथा पर काम , 2 महीने बाद होनी है रिलीज दिल्लीः शानदार फिल्म अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की आत्मकथा आप जल्द ही पढ़ पाएंगे।  ये एक किताब की शक्ल में 2 महीने बाद रिलीज होगी। आत्मकथा का नाम है द इन्क्रेडबल लाइफ ऑफ द ड्रामा किंग ऑफ इंडिया। नवाज की आत्मकथा को पत्रकार रितुपर्णा चटर्जी और उनकी बातचीत के रूप में लिखा गया है। इस आत्मकथा में नवाज के जीवन के कठिन दौर को खासतौर पर दिखाया गया है।   नवाज कहते हैं कि लगभग 2 साल पहले किताब पर काम करना शुरू किया था। मेरे गांव में रहने से लेकर बॉलीवुड तक के सफर... Read more
करीना कपूर लिखेंगी किताब

करीना कपूर लिखेंगी किताब

मुम्बई: फ़िल्म अभिनेत्री करीना कपूर अब एक नई भूमिका में नजर आएंगी। वो जल्द ही एक किताब लिखने की भूमिका बना रही हैं। करीना इस किताब में अपने प्रेग्नेंसी से जुड़ी यादें और एक माँ बनने से हुए बदलावों पर चर्चा करेंगी। उन्होंने कहा मैं चाहती हूँ मैं अपने प्रेग्नेंसी के समय को किताब के रूप में सामने लाऊँ, उन्होंने कहा की 7 महीने की प्रेग्नेंसी में भी उन्होंने काम जारी रखा, कई शूट किये, ये दिलचस्प अनुभव था। इसे वो किताब के रूप में लाएंगी। Read more

ओबामा की अधिकृत जीवन कथा: गर्लफ्रेंड के लिए खुद डिनर तैयार करते थे ओबामा

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अधिकृत जीवन कथा राइजिंग स्टारः मेकिंग ऑफ बराक ओबामा में खुलासा, किताब हाल ही में आई है। लेखक हैं डेविड गेर्रो, पुलित्जर पुरस्कार विजेता। यह जीवन कथा ओबामा के बारे में लिखी गई सबसे प्रमाणिक और सबसे बड़ी (1078 पेज) किताब है। बराक ओबामा के फैन हैं तो ये किताब जरूर पढ़िए। उनकी निजी जिंदगी को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।   किताब के अनुसार ओबामा की सबसे पहली गर्लफ्रेंड एलेक्स मैक्कनियर जो लॉस एंजल्स के अक्सीडेंटल कॉलेज में पढ़ा करती थी। वह एक बहुत खूबसूरत श्वेत लड़की थी। जिसके पीछे कॉलेज के ढेर सारे लड़के घूमते थे।   किताब के अंशः पूर्व... Read more
उपन्यास ‘फसक’

‘फसक’ उपन्यास का एक अंश: धुंध में घुला सुबह का गीत

[caption id="attachment_1556" align="alignleft" width="148"] राकेश तिवारी वरिष्ठ पत्रकार और कथाकार[/caption] राकेश तिवारी वरिष्ठ पत्रकार और कथाकार हैं। दो कहानी संग्रह ‘उसने भी देखा ’ और ‘मुकुटधारी चूहा ’, एक उपन्यास ‘फसक ’, एक बाल उपन्यास ‘तोता उड़ ’ और पत्रकारिता पर एक पुस्तक ‘पत्रकारिता की खुरदरी ज़मीन ’ प्रकाशित है। तीसरा कहानी संग्रह और साक्षात्कारों का एक संग्रह जल्दी ही प्रकाशित होने जा रहे हैं। उनकी कुछ कहानियों का दूसरी भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ है, एक कहानी पर फिल्म भी बनी है। हाल ही में आये उनके उपन्यास ‘फसक’ की काफ़ी चर्चा है और उसे रोचक व पठनीय माना जा रहा है। वरिष्ठ आलोचक संजीव कुमार का कहना है कि... Read more
नन्दन की सम्पादक जयंती रंगनाथन की किताब बॉम्बे मेरी जान

हीरा अंतत: उससे सहानुभति रखने वाली पत्रकार के प्रेम में पड़ जाता है

हिंदुस्तान समूह की बाल पत्रिका नन्दन की सम्पादक जयंती रंगनाथन की किताब बॉम्बे मेरी जान की चर्चा वरिष्ठ पत्रकार लेखक गीता श्री के शब्दों में ज़िंदगी की सच्ची कथाएं ज़्यादा रोमांचक होती हैं. चौंका देने वाली. कहानी की कल्पनाओं से ज़्यादा काल्पनिक और ज़िंदगी के यथार्थ से ज़्यादा यथार्थ...अवास्तविक से लगने वाले किरदार अक्सर ज़िंदगी में मिल जाते हैं जो उम्र भर स्मृतियों में साथ चलते हैं. कोई शहर अपनी सांस्कृतिक रंगों और ख़ास तरह के गंधों के साथ हमारी चेतना में दर्ज हो जाता है और हम उम्र भर उससे पीछा नहीं छुड़ा पाते. उस विलुप्त गंध की खोज निरंतर भीतर चलती रहती है...उस सांस्कृतिक चेतना को ख़ुद से... Read more