यात्रा

रवीश कुमार

रवीश कुमार करा रहे कोलंबिया ज़र्नलिज्म स्कूल का दीदार

[caption id="attachment_3813" align="alignleft" width="300"] कोलंबिया स्कूल की तस्वीर[/caption] एनडीटीवी के कार्य़कारी सम्पादक रवीश कुमार आजकल अमेरिका की यात्रा पर हैं। कल वो कोलंबिया स्कूल ऑफ जर्नलिज्म गए थे। विस्तार से उन्होंने इस स्कूल के बारे में लिखा है। कम से कम पत्रकारिता के छात्रों और शिक्षकों को जरूर ये आलेख पढ़ना चाहिए।   1912 में जब हम अपनी आज़ादी की लड़ाई की रूपरेखा बना रहे थे तब यहाँ न्यूयार्क में जोसेफ़ पुलित्ज़र कोलंबिया स्कूल ऑफ़ जर्नलिज़्म की स्थापना कर रहे थे। सुखद संयोग है कि 1913 में गणेश शंकर विद्यार्थी कानपुर में प्रताप की स्थापना कर रहे थे। तो ज़्यादा दुखी न हो लेकिन यह संस्थान पत्रकारिता की पढ़ाई के... Read more
शिलांग पीक

यात्रा संस्मरणः शिलांग का मौसम और गुवाहाटी की लड़कियां दोनो भरोसेमंद नहीं

[caption id="attachment_3577" align="alignleft" width="119"] डॉ किर्ति सिंह[/caption] ऱांची झारखंड की डॉ कीर्ति सिंह का ये यात्रा संस्मरण बड़ा रोचक है, आप भी पढ़िए। कीर्ति भोपाल दूरदर्शन का हिस्सा रही हैं।    हमारी शिलांग घूमने की योजना कुछ यूं रोचक मोड़ से गुज़री जैसे निकले थे जापान... पहुंच गए चीन! हम दो दिन गुवाहाटी घूमकर रांची लौटना चाहते थे। लेकिन शिलांग की ख़ूबसूरती के इतने क़सीदे गढ़े जा रहे थे कि टूरिस्ट परमिट वाली 3800 रूपए में एक टैक्सी बुक की। समय प्रबंधन करते हुए एक दिन में शिलॉंग का बॉड़ा पानी, एलिफ़ेंटा फॉल, शिलांग पीक, पुलिस बाज़ार, लेक गार्डन और कैथड्रल चर्च को कवर किया। मेघालय की गोद में बसा... Read more
कामख्या मंदिर।

यात्रा संस्मरण गुवाहटी- कामख़्या मंदिर तांत्रिक साधना का भी मुख्य केंद्र

  [caption id="attachment_3551" align="alignleft" width="300"] कामख्या मंदिर।[/caption] डॉ कीर्ति सिंह रांची झारखंड में रहती हैं। हाल ही में गुवाहटी औऱ शिलांग की यात्रा पर थीं। उन्होंने इस यात्रा को बहुत ही खूबसूरत तरीके से शब्दों में संजोया है। इस यात्रा संस्मरण को पढ़ते वक्त आप भी उनके साथ यात्रा के सहभागी हो जाएंगे।   यात्रा संस्मरण 1- रांची से गुवाहटी भारत का उत्तर-पूर्वी इलाक़ा ‘नॉर्थ-ईस्ट’ के नाम से सैलानियों में ज्यादा जाना जाता है। इस वर्ष जून महीने में संयोग से हमारा असम जाना हुआ। भारत के इस हिस्से को छूकर महसूस करने की बहुप्रतिक्षित इच्छा थी। वैसे तो गुवाहाटी तक ट्रेन भी जाती हैं, लेकिन समय की बचत के... Read more
सिंगापुर का यूनिवर्सल स्टूडियो

सिंगापुर प्रवासः निश्चित ही राम राज्य ऐसा ही होता होगा

लखनऊ की पत्रकार प्रीती सिंह पिछले दिनो सिंगापुर की यात्रा पर थीं। मिरर के विशेष अनुरोध पर उन्होंने  सिंगापुर को जैसा देखा औऱ जाना वो बता रही हैं। बता रही हैं कि सिंगापुर महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर है। वहां घर से बाहर जाने पर भी घरों में कोई ताला नहीं लगाता। तमाम रोचक बातें...  हां, मैंने राम राज्य देखा है ! [caption id="attachment_3540" align="alignleft" width="225"] सिंगापुर की कुछ तस्वीरे[/caption] जब छोटी थी तो बाबा-दादी से अक्सर राम राज के बारे में सुनती थी। अयोध्या, राम और उनके राज्य के बारे में बाबा बहुत सी कहानियां सुनाते थे। वह बताते थे कि राम के राज में सब बहुत सुखी थे।... Read more
खूबसूरत दुबई

दुबई से हम क्या सीखें बता रहे वेदप्रताप वैदिक

प्रसिद्ध पत्रकार डॉ वेदप्रताप वैदिक की कलम सेः- मैं पिछले तीन दिन से दुबई में हूं। जिस कारण से मैं यहां आया, उसके बारे में बाद में बात करेंगे लेकिन फिलहाल मैं कहना यह चाहता हूं कि जो यह देश है, संयुक्त अरब अमारात, इससे हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। यह ठीक है कि भारत के मुकाबले यह बहुत छोटा है। भारत इससे सवा सौ गुना बड़ा है। इसकी जनसंख्या मुश्किल से एक करोड़ है और यह सात राज्यों का संयुक्त संघ है। लेकिन इसकी खूबी यह है कि दुनिया की लगभग 200 राष्ट्रीयताओं के लोग यहां रहते हैं याने दुनिया के हर देश का आदमी आपको यहां मिल... Read more
त्रिनिडाड में मालिनी अवस्थी।

मालिनी अवस्थी की नजर से देखिए त्रिनिडाड को

लोकगायिका मालिनी अवस्थी हाल ही में त्रिनिडाड से लौटी हैं। तीन संक्षिप्त हिस्सों में उन्होंने त्रिनिडाड का जिक्र किया है। उन्ही की कलम से   १) हज़ारों मील की दूरी, विदेशी भूमि, विदेशी भाषा, खान-पान, पहनावा, विश्वास, संस्कृति भी उनकी भारतीयता को मिटा न सकी। वे श्रमिक बन कर यहां पहुँचे थे, उन्होंने त्रिनिडाड में पहले से बसे अफ्रीकन नागरिकों के विरोध को सहा, शासको के अत्याचार को सहा, लेकिन अपनी सनातन संस्कृति को न छोड़ा।  दत्तात्रेय सनातन धर्म मंदिर में पच्चासी फीट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति को देख जब मैंने अपना शीश झुकाया तो मंदिर के मुख्य पुजारी बोले, हम अब अपने पुर्वजों की भाषा नही जानते लेकिन... Read more

श्रीलंका में सीता मंदिर की कहानी

दैनिक भास्कर के सहायक सम्पादक दीपावली कवरेज के लिए श्रीलंका हाल ही में गए थे। उनकी कलम से यात्रा संस्मरण।   पांच साल तक लगातार भारत घूमने के बाद 2015 की शुरुआत में स्थिर हुआ। ढाई साल बाद अचानक दीपावली कवरेज के लिए  श्रीलंका जाने का योग बना। कारण था दीपावली पर वहां से सीता मंदिर की एक जगमगाती तस्वीर और कहानी। इस सफर में पहले फोटो एडिटर ओपी सोनी साथ जाने वाले थे लेकिन पासपोर्ट नहीं होने से वे पिछड़ गए और उदयपुर के ताराचंद गवारिया भारी बहुमत से नेता चुने गए। वे पासपोर्ट सहित दिल्ली में ही मौजूद थे। दिल्ली से सवा तीन घंटे की उड़ान से शाम सात... Read more
अनुराधा बेनीवाल एथेंस में

यात्रा संस्मरणः इस शहर में एक बेचैनी है, ख़ाली सड़कों पर अकेले चलते हुए भी शांति नहीं है

अनुराधा बेनीवाल मूलतः हरियाणा रोहतक की हैं, लंदन रहती हैं। लंदन में चेस की कोच हैं। हाल ही चर्चित किताब आजादी मेरा ब्रांड की लेखिका हैं। विश्व भ्रमण करती रहती हैं। उनकी किताब भी घुमक्कड़ी पर ही थी। आजकल एथैंस और इंस्तानबुल की यात्रा पर हैं। घूमती हैं साथ साथ लिखती भी जाती हैं। एथेंस के बारे में पढ़िए उनकी कलम से।   इस शहर में एक बेचैनी है। ख़ाली सड़कों पर अकेले चलते हुए भी शांति नहीं है। आवाज़ें हैं, बहुत सारे संवाद हैं, बहुत सारे लोग बहुत कुछ कह रहे हैं। ये भाषा ना समझते हुए भी मुझे लगता है कोई लगातार मुझसे कुछ कहने की कोशिश कर रहा... Read more
gopa sanyal

यात्रा संस्मरण: एशिया का क्लीन सिटी भी मौजूद है मावलीनोंग में

Day-2 Mawlynnong..   यात्रा संस्मरण: डीडी न्यूज़ रायपुर की एंकर गोपा सान्याल पिछले दिनों मेघालय घूमने गयी थीं। बहुत दिलचस्प यात्रा संस्मरण लिखा है मीडिया मिरर के लिए। पहला भाग हम दे चुके हैं। आज दूसरा भाग। मेघालय यात्रा के दूसरे दिन हम मावलीनोंग पहुँचे। मावलीनोंग में देखने के लिए एक से बढ़कर एक स्थल हैं।मेघालय में जगहों के नामो के उच्चारण में खासी दिक्कत आती है,अधिकतर नाम लंबे और मिलते जुलते से होते हैं।मावलीनोंग में देखने के लिए कैन्यन रेंगें वैली व्यू, बैलंसिंग रॉक,स्काई व्यू पॉइंट, रिवाई में लिविंग रूट ब्रिज के अलावा एशिया का क्लीन सिटी भी मौजूद है,हालांकि सिटी के लिहाज से वहाँ ऐसा कुछ नही दिखा,... Read more
नेपाल

यात्रा वृत्तान्त नेपाल: जिस अंदाज से कोई पुरुष आकर व्हिस्की खरीदता उसी अंदाज और मस्ती में लड़कियां भी

नेपाल की राजधानी काठमांडू तो और भी विचित्र। पहले तो भैरहवा दाखिल होते ही हमें चाय की दूकानों पर चाय कम बियर और व्हिस्की ज्यादा बिकती मिलीं और बेचने वाला कोई पुरुष नहीं बल्कि महिलाएं ही होतीं। जिस अंदाज से कोई पुरुष आकर व्हिस्की खरीदता उसी अंदाज और मस्ती में लड़कियां भी। लेकिन क्या मजाल कि कोई छेडख़ानी हो जाए। यह कोई कम आश्चर्य की बात नहीं कि इस छोटे से देश नेपाल के लोग इतने संयमी व अनुशासन के पाबंद हैं कि हमारे फेसबुक मित्र और काठमांडू वासी श्री राजीव मिश्र ने बताया कि पिछले पंद्रह वर्ष से वे काठमांडू में रह रहे हैं पर आज तक किसी रेप... Read more