नई किताब/फ़िल्म

'डेविल्स ऐडवोकेट- द अनटोल्ड स्टोरी

प्रसिद्ध पत्रकार करण थापर की किताब ‘डेविल्स ऐडवोकेट- द अनटोल्ड स्टोरी के अंश

प्रसिद्ध टीवी पत्रकार करण थापर की किताब  'डेविल्स ऐडवोकेट- द अनटोल्ड स्टोरी प्रकाशित हो गई है। चूंकि करण थापर अद्भुत व्यक्तित्व हैं और भारत के श्रेष्ठ पत्रकारों में से एक हैं। ऐसे में उनकी ये किताब बहुत ही महत्वपूर्ण होगी। ये किताब जरूर पठनीय होगी।  फिलहाल बीबीसी के रेहान फजल जी ने किताब को लेकर करण थापर से लम्बी बातचीत की। यही बातचीत बीबीसी हिंदी से साभार मिरर अपने पाठकों के लिए प्रस्तुत कर रहा है।  ऐसा बहुत कम होता है कि दुनिया के दो मशहूर विश्वविद्यालयों की यूनियन के अध्यक्ष भारतीय उप-महाद्वीप से हों वो भी एक साथ और उनमें से एक भारतीय हो और दूसरा पाकिस्तानी. ऐसा विचित्र संयोग... Read more
इमरान खान

रेहम की किताब ने इमरान खान को बताया गे

नई दिल्लीः पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर इमरान खान पर उनकी पूर्व पत्नी रेहम खान ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके पहले पति इमरान खान एक 'गे' हैं।  रेहम ने इस बात का खुलासा अपनी एक लिखी किताब द्वारा किया है जिसका अभी लाॅन्च होना बाकी है। पर किताब के मार्केट में आने से पहले इमरान पर लगे इस आरोप के कारण पाकिस्तान की राजनीति में सनसनी पैदा हो गई है। पार्टी के सदस्य के साथ करते थे सेक्स  रेहम का कहना है कि इमरान खान अपने पॉलिटिकिल पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के एक सदस्य मुराद सईद के साथ भी सेक्स करते थे। हालांकि रेहम के इस बयान पर... Read more
कैलाश सत्यार्थी

कैलाश सत्यार्थी की पुस्तक ‘एवरी चाइल्ड मैटर्स’ का विमोचन

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने देश में बाल यौन हिंसा के मामलों को लेकर बीते शुक्रवार को चिंता प्रकट की और कहा कि देश की न्याय व्यवस्था आमूलचूल बदलाव की गुहार लगा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा समय में जो संस्थागत ख़ामी दिख रही हैं उसकी वजह से भविष्य में बच्चों को विरासत में चुनौतीपूर्ण हालात मिलेंगे. नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की पुस्तक ‘एवरी चाइल्ड मैटर्स’ के विमोचन के मौके पर जस्टिस गोगोई ने कहा, ‘बच्चों के पास मतदान का अधिकार भले ही न हो, लेकिन आने वाले समय में होगा. कल वे अपने नेता चुनेंगे और फिर ख़ुद भी... Read more
किताब का मुखपृष्ठ एवं उसकी लेखिरा प्रियंका

बाबा रामदेव पर लिखी प्रतिबंधित किताब पर रोक हटी

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्लीः  मुंबई की पत्रकार  प्रियंका पाठक-नारायण की किताब गॉडमैन टू टायकून: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बाबा रामदेव  अब आप पढ़  सकेंगे। गौरतलब है कि  इस किताब पर रोक लगाने के लिए दिल्ली की अदालत में केस हुआ था।  कड़कड़डूमा अदालत में केस चल रहा था लेकिन अब अदालत ने किताब पर से रोक हटा ली है। अब किताब जगरनॉट बुक्स ऐप पर निशुल्क पढ़ी जा सकती है. पिछले साल यह रोक दिल्ली की एक अदालत द्वारा एकतरफा तौर पर तब लगाई गई थी, जब बाबा रामदेव ने अदालत में किताब को चुनौती दी थी. किताब बाजार में आने के बाद बाबा की मुश्किले बढ़ सकती हैं क्योंकि किताब में बाबा... Read more
भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता

किताब जो कहती है राजगुरू आरएसएस से जुड़े थे

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्लीः  आजकल एक किताब बड़ी चर्चा में है। नाम है भारतवर्ष की सर्वांग स्वतंत्रता। लेखक हैं संघ प्रचारक एवं एबीवीपी के हरियाणा में संगठन मंत्री रहे नरेंद्र सहगल। चर्चा में इसलिए है कि लेखक ने किताब में लिखा है कि शहीद राजगुरु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। संघ के कार्यकर्त्ता थे।   एनबीटी दिल्ली ने इस खबर को ब्रेक किया, क्या कहती है एनबीटी की स्टोरी पढ़िएः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शहीद राजगुरु को संघ का स्वयंसेवक बताया है। संघ प्रचारक और एबीवीपी के हरियाणा में संगठन मंत्री रहे नरेंद्र सहगल की किताब में दावा किया गया है कि राजगुरु संघ की मोहिते बाड़े शाखा के स्वयंसेवक... Read more
दिल्ली के कांस्टीट्यूशनल

टीवी पत्रकार दीपक चौरसिया की किताब बताएगी कूड़े से धन के उपाय

मीडिया मिरर न्यूज, नई दिल्ली. मंगलवार को दिल्ली में  इंडिया न्यूज के प्रधान सम्पादक दीपक चौरसिया की पुस्तक ‘कूड़ा-धन’ का विमोचन किया गया.ये उनकी पहली किताब है। इस कार्यक्रम के दौरान बतौर अतिथि लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी उपस्थित रहे. कार्यक्रम में पुस्तक पर बात करते हुए दीपक चौरसिया ने कहा कि ‘मैं चाहता हूं कि लोग इसको पढ़ें और इसकी एक सार्थक पहले को समझने की कोशिश करें.’ कचरे से धन पैदा करने के तरीकों के बारे में पुस्तक में चर्चा  प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई ‘कूड़ाधन’ दीपक चौरसिया द्वारा लिखी गई पहली पुस्तक है. जिसमें कचरे से धन पैदा करने के तरीकों के बारे... Read more
'द पोस्ट' सम्पादक औऱ गंभीर पत्रकार ज़रूर देखें

‘द पोस्ट’ सम्पादक औऱ गंभीर पत्रकार ज़रूर देखें

स्टीवन स्पीलबर्ग की फिल्म द पोस्ट की बहुत चर्चा है। प्रसिद्ध मीडिया विश्लेषक उर्मिलेश ने फिल्म देखने के बाद खासतौर पर कहा कि ये फिल्म बड़े सम्पादकों, मीडिया संस्थानों के मालिकों के साथ युवा और गंभीर पत्रकारों को देखना चाहिए। फिल्म के बारे में कुछ आवश्यक टिप्पणियां जिनसे आपको पता लगेगा कि फिल्म आखिर इतनी खास क्यों है।   अगर पत्रकारिता में यकीन है तो यकीन मानिए ये फिल्म देखने के बाद आपका यकीन कंक्रीट की तरह पुख्ता हो जाएगाः अतुल चौरसिया     कई दिन से देखने की योजना बन रही थी। आज शाम स्टीवन स्पीलबर्ग की महान् फिल्म The Post देखने का मौका निकाल ही लिया। साथ में... Read more
“सिटीजन दिल्ली: माय टाइम्स, माय लाइफ”

शीला दीक्षित की आत्मकथा बोरिंग नहीं होगी, वरना वो कचरे में फेंक देतीं

मीडिया मिरर न्यूज, दिल्लीः कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित की आत्मकथा पूरी हो चुकी है। 27 जनवरी को जयपुर साहित्य उत्सव में इसका विमोचन है। आत्मकथा अंग्रेजी में है। नाम है सिटीजन दिल्लीः माई टाइम्स-माई लाइफ। प्रकाशक है ब्लूम्सबरी। 3 साल लगे लिखने में पूरे 3 साल में इस आत्मकथा को लिखा गया है। फरवरी 2015 में शीला दीक्षित ने इसे लिखना शुरू कर दिया था। शीला दीक्षित का मानना है कि जबरदस्त शोध के बाद ये किताब लिखी गई है। निश्चित है किसी आत्मकथा में पूरे 3 साल लगना इसी बात का परिणाम है। आत्मकथा बोरिंग होगी तो कचरे में डाल... Read more
प्रियंका ओम की नई किताब का मुखपृष्ठ।

प्रियंका ओम के नए कहानी संग्रह से एक कहानी

तंजानिया में रहीं भारतीय लेखिका प्रियंका ओम का दूसरा कहानी संग्रह बाजार में है। उनका दूसरा कहानी संग्रह मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है नाम से प्रकाशित हुआ है। प्रकाशक है रेड ग्रेब। प्रियंका अपने पहले कहानी संग्रह वो अजीब लड़की से ही काफी नाम कमा चुकी हैं। बेबाक लेखन के लिए जानी जाती हैं। मूलरूप से जमशेदपुर से हैं।    “लास्ट कॉफ़ी” उस दिन पहली बार उसे लिफ़्ट में देखा ! 21वें फ़्लोर से ग्राउंड फ़्लोर तक आते आते कुछ दो चार मिनट तक उसके साथ रही ! उसके हाथ में लैप टॉप था जो उसके साइज़ के अनुपात का ही था, स्लीक और छोटा सा ! B का... Read more
फिल्म कड़वी हवा के एक दृश्य में अभिनेता संजय मिश्र।

अच्छी फिल्में वो, जो कम देखी जाती हैं, जैसे कड़वी हवा

अच्छी फिल्में वो जिन्हें कम प्रचार मिलता है। अच्छी फिल्में वो जिन्हें कम दर्शक मिलते हैं और अच्छी फिल्में वो जिनमें बड़े स्टार भी नहीं होते। जैसे न्यूटन, हिंदी मीडियम, रागदेश। रागदेश तो कहां खो गई पता भी नहीं चला। जबकि तिग्मांशु धूलिया जैसे निर्देशक ने जो फिल्म बनाई हो वो बेकार कैसे हो सकती है। खैर दर्शक सलमान, शाहरुख, वरुण, कैट के दीवाने होते हैं। एक सीमित दर्शक होता है जिसे सीधे तौर पर अभिनय से मतलब होता है। वो दर्शक नसीरुद्दीन, मनोज वाजपेयी, स्मिता पाटिल, ओम पुरी, संजय मिश्रा, नवाजुद्दीन जैसे कलाकारों का प्रशंसक होता है। ऐसी ही एक फिल्म है। संभवाना है शाहरुख औऱ अमिताभ बच्चन या... Read more