साथी की ख़ूबी

रमेश भट्ट

इस उत्तराखंडी को मैंने एक पूर्ण समर्पित पत्रकार के रूप में पाया

[caption id="attachment_2261" align="alignleft" width="131"] पद्मपति शर्मा, खेल विशेषज्ञ[/caption] वरिष्ठ खेल पत्रकार पद्मपति शर्मा बता रहे हैं अपने साथी रमेश भट्ट की खूबी। आप भी पढ़िए। रमेश टीवी पत्रकारिता छोड़ अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव हैं।    ओज से दीप्त इस उत्तराखंडी को मैंने एक पूर्ण समर्पित पत्रकार के रूप में पाया. पिछले 13 वर्षों के टीवी अनुभव के दौरान मैने जिन एंकरों को देखा उनमें रमेश अपनी ओजस्वी वाणी और समर्पण के लिहाज से मेरी किताब में पहली पायदान पर रहा है. उसकी गूंजती तार्किक आवाज श्रोताओं के सीधे दिल में उतरा करती थी. टीवी पत्रकारों की जिंदगी मैने देखी है. उनके पास आज की आपाधापी में पढ़ने... Read more
दैनिक भास्कर इंदौर कार्यालय में कल्पेश याग्निक से चर्चा करते आनंद कुमार

ज्ञान और सौम्यता का मिश्रण हैं कल्पेश याग्निक: आनंद कुमार, सुपर-30

पटना निवासी सुपर-30 के संचालक आनंद कुमार को कौन नहीं जानता। आनंद की हाल ही में दैनिक भास्कर समूह के सम्पादक कल्पेश याग्निक से इंदौर में मुलाकात हुई। कल्पेश जी के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर आनंद जी ने कुछ लिखा है। उन्ही के शब्दों में:- पिछले दिनों जब मैं इंदौर गया हुआ था तब उनके आमंत्रण पर उनसे मिलने का मौका मिला तो उनकी सादगी ने चौकने पर मजबूर कर दिया | भास्कर जैसे बड़े अख़बार के ग्रुप एडिटर को एक मामूली टेबल-कुर्सी पर बिना किसी केबिन के कुछ सहर्मियों के साथ बैठा देख सुखद आश्चर्य हुआ | ज्ञान और सौम्यता जब एक ही सांचे में ढल जाये और फिर... Read more
उदय शंकर स्टार इंडिया के सीईओ

उदय ने सही मायने में हिन्‍दी चैनलों को न्‍यूज कवर करना सिखाया: अरुण पुरी

उदय शंकर स्टार इंडिया के सीईओ हैं. बिहार से हैं। नब्बे के दशक में टाइम्स इंस्टिट्यूट से पढ़कर निकले उदय पटना के टाइम्स ऑफ़ इंडिया में पहली बार नौकरी में आये थे। उदय जी टीवी टुडे नेटवर्क का हिस्सा थे और जब उन्होंने ये समूह छोड़ दिया तो टीवी टुडे नेटवर्क के मुखिया अरुण पुरी ने एक पत्र उदय शंकर की तारीफ़ में लिखा। अरुण पुरी ने पत्र में क्या लिखा पढ़ लीजिये                                              ------------------------------------------------ मुझे अपनी इस खूबी पर काफी गर्व है कि मैं टैलेंट को बहुत अच्‍छे से... Read more
इरशाद क़ामिल

मैं कुलदीप नैय्यर नहीं बन सकता मैं अरुण शौरी नहीं बन सकता तो गीतकार बनूंगा: इरशाद कामिल

इरशाद क़ामिल जो कभी पत्रकार थे, पर उन्हें लगा की वो पत्रकारिता में बड़ा नाम नहीं बन सकते, तब उन्होंने तय किया मुम्बई जाना है और गीतकार बनना है। आज क़ामिल मुम्बई में स्थापित हैं और बॉलीवुड में लोकप्रिय गीतकार हैं। जब वी मेट, चमेली,लव आजकल, रॉकस्टार, आशिकी 2 और रांझणा के गाने इरशाद ने लिखे।।  कैसे वो पत्रकार से गीतकार बने बता रहे वरिष्ठ पत्रकार ईश मधु।  ऐसे एक पत्रकार बना गीतकार इरशाद कामिल के साथ यह तस्वीर जयपुर में शाम से बदलती रात के झुरमुट की है। इस समय बॉलीवुड के नंबर एक गीतकार इरशाद कामिल जब जयपुर आये तो मैं चंडीगढ़ की पुरानी यादों में चला गया जहाँ... Read more
मुम्बई नवभारत टाइम्स दफ़्त

कुछ नया जानने की ललक ऐसी की युवाओं को भी शर्मिंदा होना पड़े

नवभारत टाइम्स मुम्बई के रिपोर्टर विजय पाण्डेय बता रहे हाल ही में मुम्बई दफ़्तर से रिटायर हुए सतीश मिश्रा के बारे में नवभारत टाइम्स में आए करीब 5 साल हो गए लेकिन किसी की विदाई का उत्सव पहली बार देखा। सतीश सर की कल विदाई का जश्न भी मनाया जा रहा था और दुख भी। पिछले दो दिनों से एनबीटी मुंबई में मानो कोई उत्सव चल रहा हो, कुछ इस तरह का माहौल था। हर कोई अपनी ओर से कुछ अलग करने की सोच में लगा हुआ था। दामू भाई ने इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तय कर इसे बेहतरीन बना दिया। फिर कल जब सतीश सर को कुछ क्रिकेटिया... Read more
गीत चतुर्वेदी।

गीत की कविता असाध्यवीणा की तरह हमारे कौशल का इम्तहान लेती हुई दिखती है

साथी की ख़ूबी प्रसिद्ध लेखक, कवि ओम निश्चल गीतकार गीत चतुर्वेदी कविताओं के अनुवाद और अद्भुत कविताओं के लिए जाने जाते हैं।के बारे बता रहे हैं। गीत मुम्बई रहते हैं और ओम जी दिल्ली। गीत साहित्य जगत का युवा चेहरा हैं, विदेशी  ----//---- मिलने का मुहूर्त और मैत्री । न उनकी कविता अपने समय से ओझल होती है न अपनी परंपरा से प्राप्त सबसे उर्वर कल्पलनाशील कविता को अपना दयनीय चेहरा दिखाती है। गीत की कविता किन्तु केवल कोमल कोमल गुलाबी पंखुड़ियों की तरह नहीं, वह असाध्यवीणा की तरह हमारे कौशल का इम्तहान लेती हुई भी दिखती है। जैसा कि कभी जायसी ने कहा है, तपनि मृगशिरा जे सहहिं आर्द्रा... Read more
राजीव रंजन सिंह

एक पत्रकार के तौर पर ज़मीनी हक़ीक़त के समझदार और ग़ज़ब के विश्लेषक राजीव

साथी की ख़ूबी इंडिया टीवी के प्रबंध सम्पादक अजीत अंजूम की कलम से: जिन चंद लोगों की संगति मुझे बहुत पसंद है , उनमें राजीव रंजन सिंह भी है ..ग़ज़ब की ज़िंदादिली है इनमें...Positive energy से लबरेज़ ...हर हाल में राजीव की मौजूदगी एक ख़ुशनुमा अहसास देती है ...एक पत्रकार के तौर पर ज़मीनी हक़ीक़त के समझदार और ग़ज़ब के विश्लेषक .... बाकपटु तो हैं ही ...न्यूज 24 पर माहौल क्या है के नाम से एक शो करते हैं ..कभी देखिए तो इनके अंदाज के शायद आप भी मुरीद हो जाएँ ... 2014 के चुनाव के दौरान राजीव ने दिल्ली एक्सप्रेस के नाम से एक शो किया था ...हर एपिसोड... Read more
तस्वीर में नीली कमीज में दयानन्द और योगेश जी

लखनऊ के हुस्न का हाल जानना हो तो योगेश प्रवीन से मिलिए

साथी की ख़ूबी दयानंद पाण्डेय गोरखपुर की ज़ुबानी लखनऊ के हुस्न का हाल जानना हो तो योगेश प्रवीन से मिलिए। जैसे रामकथा बहुतों ने लिखी है, वैसे ही लखनऊ और अवध का इतिहास भी बहुतों ने लिखा है। पर अगर रामकथा के लिए लोग तुलसीदास को जानते हैं तो लखनऊ की कथा के लिए हम योगेश प्रवीन को जानते हैं। अब यही योगेश प्रवीन अब की अट्ठाइस अक्टूबर को पचहत्तर वर्ष के हो रहे हैं तो उन की कथा भी बांचने का मन हो रहा है। कभी नवाब वाज़िद अली शाह ने कुल्लियाते अख्तर में लिखा था : लखनऊ हम पर फ़िदा है हम फ़िदा-ए-लखनऊ आसमां की क्या हकीकत जो छुड़ाए... Read more
उमेश चतुर्वेदी

उमेश जी मीडिया इंडस्ट्री के जाने माने लिक्खाड़ हैं

साथी की ख़ूबी आजतक दिल्ली में प्रोड्यूसर विकास मिश्र बता रहे वरिष्ठ पत्रकार उमेश चतुर्वेदी के बारे में। उमेश जी दिल्ली रहते हैं। प्रसिद्ध स्तंभकार हैं। ----//----- उमेश जी मीडिया इंडस्ट्री के जाने माने लिक्खाड़ हैं। हम सब आपके कायल हैं। मुझे याद है कि हिमालय दर्पण में हम लोग साथ काम कर रहे थे। किसी साहित्यकार का निधन हो गया था। तब गूगल देवता भी नहीं थे। उस वक्त आपने बीस मिनट के भीतर चार कॉलम की बेहतरीन रिपोर्ट लिखी थी। कोई भी विषय हो आपकी लेखनी के लिए हमेशा ही वो साध्य होता है। Read more

जितने बढ़िया एंकर, उतने ही बेहतरीन इंसान सईद अंसारी

साथी की ख़ूबी (ये मीडिया मिरर का नया कालम है, जिसमे आप भी अपने साथी की ख़ूबी की चर्चा कर सकते हैं) आजतक के प्रोड्यूसर विकास मिश्रा बता रहे अपने साथी की ख़ूबी। पढ़िये सईद अंसारी...नाम तो सुना होगा..। जितने बढ़िया एंकर, उतने ही बेहतरीन इंसान भी। हमेशा हंसते हुए और गर्मजोशी के साथ मिलते हैं। हर किसी की मदद के लिए तैयार, पक्के यारबाज। मुझे नहीं लगता कि दुनिया में कोई ऐसा भी इंसान होगा, जिसने कभी ये शिकायत की हो कि सईद अंसारी ने मुझसे कोई गलत बात की, तल्ख आवाज में बात की। जमीन से बिल्कुल जुड़े हुए, बिल्कुल इगोलेस, कमाल के इंसान। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अगर... Read more