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शैलेश भारतवासी और केट

गूगल बुक्स भारतीय भाषाओँ की ई किताबों की तैयारी में

हिन्द युग्म प्रकाशन के संचालक मिले गूगल बुक्स की प्रमुख से दिल्ली: हिन्द युग्म प्रकाशन के संचालक शैलेश भारतवासी ने गुड़गांव स्थिति गूगल दफ़्तर में गूगल बुक्स की प्रमुख केट ज़मां से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान किन बिंदुओं पर चर्चा हुई बता रहे हैं शैलेश: आज गूगल के गुरुग्राम कार्यालय में गूगल बुक्स की प्रमुख Kate Zeman से भारतीय भाषाओं में ई किताबों के वर्तमान-भविष्य-चुनौतियाँ आदि पर चर्चा हुई। केट पहली बार भारत आई हैं और गूगल बुक्स को भारतीय भाषाओं की ई पुस्तकों के लिए तैयार करना चाहती हैं। संकेत मिले कि गूगल इस क्षेत्र बड़े निवेश और विस्तार की सम्भावनाएँ तलाश रहा है। गूगल का मुख्य ज़ोर... Read more
कार्यकम को सम्बोधित करते ब्रजेश राजपूत

मीडिया और पुलिस के रिश्तों पर संवाद आयोजित

भोपाल: एबीपी न्यूज़ भोपाल के मुख्य संवाददाता ब्रजेश राजपूत ने भोपाल ने पुलिस अधिकारीयों को मीडिया के बारे में जानकारी दी। ब्रजेश ने बताया की मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी में प्रशिक्षु डीएसपी से मीडिया और पुलिस के रिश्तों पर बात की, जिज्ञासु पुलिस अफसरों ने ढेरों सवाल किये मीडिया के काम करने के तरीकों पर, मीडिया को लेकर उनकी शिकायतें भी कम ना थीं मगर सूचना क्रांति के इस दौर में मीडिया के साथ कैसे चलें ये समझना भी बेहद जरूरी है। प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया और सोशल मीडिया को कैसे समझें और उनकी मदद से कैसे समाज में बेहतर काम हो यही चर्चा का सार रहा। एक अच्छे संवाद के... Read more
राजनाथ सिंह

हिंदी सेवियों का प्रतिनिधिमंडल मिला गृह मंत्री से

दिल्ली: हिंदी को अपनी सह भाषाओँ में बिखरने से बचाने के लिए और संविधान की आठवीं अनुसूची की यथास्थिति बनाये रखने के लिए हिंदी सेवियों का एक प्रतिनिधि मण्डल गृह मंत्री से दिल्ली में मिला। हिंदी प्रेमियों ने कहा की हमने गृह मंत्री को भोजपुरी और राजस्थानी के संविधान के आठवीं अनुसूची में शामिल होने से हिंदी को होने वाली क्षति के बारे में बताया। प्रतिनिधि मण्डल ने गृह मंत्री से आग्रह किया की हिंदी की किसी भी बोली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल न करें। प्रतिनिधि मण्डल में कोलकाता से डॉ अमरनाथ शर्मा, राहुल देव, चित्रा मुदगल, पद्मश्री श्याम सिंह शशि, प्रो करुणाशंकर उपाध्याय, राकेश पाण्डेय, दर्शन... Read more
प्रभाष जोशी की स्मृति में आयोजन

किसानों की नहीं कृषि मंत्री की होती है रिपोर्टिंग: पी.साईंनाथ

प्रभाष जोशी की स्मृति में आयोजन दिल्ली: देश के किसान परेशान हैं, आत्महत्या कर रहे हैं। जबकि देश का अधिकांश मीडिया हॉउस टॉप के 5 प्रतिशत लोगों की रिपोर्टिंग में लगा हुआ है। मीडिया संस्थानों में कृषि बीट कवर करने वाले संवाददाता बदहाल किसान को छोड़कर कृषि मंत्री की रिपोर्टिंग में लगे रहते हैं। वरिष्ठ पत्रकार स्व.प्रभाष जोशी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में ये बात पत्रकार पी साईनाथ ने कही। साईनाथ ने मीडिया में किसानों की उपेक्षा होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा की अख़बार के पहले पेज और टीवी हेडलाइन की स्टोरी में एक प्रतिशत से भी कम खबरें किसानों से जुड़ी होती हैं। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार... Read more
‘मन की बात-रेडियो पर सामाजिक क्रांति’ पुस्तक पर IGNCA में हुई लंबी परिचर्चा

‘मन की बात-रेडियो पर सामाजिक क्रांति’ पुस्तक पर परिचर्चा

           ‘मन की बात-रेडियो पर सामाजिक क्रांति’ पुस्तक पर IGNCA में हुई लंबी परिचर्चा delhi: रेडियो पर अपने मन की बात के जरिये प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने पूरे देश को एकसूत्र में बांध दिया है। दिल्ली के इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र-IGNCA में ‘मन की बात- रेडियो पर सामाजिक क्रांति पुस्तक’ पर परिचर्चा में सभी वक्ता इस बात पर सहमत दिखे। वरिष्ठ पत्रकार और IGNCA के चेयरमैन रामबहादुर राय ने कहा कि देश में स्वामी विवेकानंद की धारा से पुनर्जागरण का एक दौर शुरू हुआ था जिससे हमें आजादी मिली थी और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पुनर्जागरण का एक नया दौर है जो देश को एक नये सांचे में गढ़ने वाला साबित होगा। राम बहादुर राय ने... Read more
किताब का लोकार्पण करते बाएं से वरुण जोशी, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व स्टेट्समैन के मुखिया।

छा गए फोटोग्राफर वरुण जोशी, राष्ट्रपति पर कॉफी टेबल बुक बनाई

विमोचन समारोह में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत अन्य हस्तियां मौजूद   [caption id="attachment_1691" align="alignleft" width="300"] एक यात्रा के दौरान राष्ट्रपति के साथ उनके विशेष विमान में वरुण जोशी[/caption] दिल्ली: स्टेट्समेन अख़बार के चीफ फोटो एडीटर वरुण जोशी के खाते में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज हो गई। वरुण जोशी ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की उतारी तस्वीरों का संकलन अब एक कॉफी टेबल बुक के रूप में पेश किया है। किताब का नाम है प्रेजिडेंट प्रणव मुखर्जी, अ स्टेट्समैन। किताब स्टेट्समैन अख़बार ने प्रकाशित की है। किताब का लोकार्पण समारोह राष्ट्रपति भवन में भव्य तरीके से आयोजित किया गया, जहाँ पहली प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भेंट की। इस... Read more
साहित्य अकादमी ने मांगे युवा पुरस्कार के लिए आवेदन

साहित्य अकादमी ने मांगे युवा पुरस्कार के लिए आवेदन

दिल्ली: साहित्य अकादमी ने वर्ष 2018 के युवा पुरस्कारों के लिए आवेदन मांगे हैं। 24 भाषाओँ में 35 वर्ष तथा इससे कम युवा भारतीय लेखकों व प्रकाशकों की पुस्तकों व रचनाओं को अकादमी ने आमंत्रित किया है। आवेदक/लेखक की उम्र 1 जनवरी 2018 को 35 वर्ष या उससे कम होनी चाहिए। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2017 है। ये पुरस्कार प्रतिवर्ष विभिन्न भाषाओँ के युवा लेखकों को प्रोत्साहन स्वरूप दिए जाते हैं। पुरस्कार की राशि 50 हजार रूपये है। ज्यादा जानकारी http://sahitya-akademi.gov.in पर ले सकते हैं। Read more
छात्रों के साथ लोकसभा टीवी के प्रधान सम्पादक आशीष जोशी व प्रोफेसर सौरभ मालवीय

पत्रकारिता के छात्रों ने की लोकसभा टीवी के प्रधान सम्पादक से मुलाकात

दिल्ली:माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय नॉएडा के छात्रों ने कल लोकसभा टीवी के प्रधान सम्पादक आशीष जोशी से मुलाकात की। जोशी ने पत्रकारिता से जुड़े अपने अनुभव छात्रों से साझा किये। इस दौरान विश्वविद्यालय के सहायक शिक्षक सौरभ मालवीय भी मौजूद थे। Read more
राष्ट्रपति ने दिया पत्रकारों को भोज

राष्ट्रपति ने दिया पत्रकारों को भोज

दिल्ली: राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी कार्यकाल के बिल्कुल अंतिम चरण में हैं। पत्रकारों से उनका तालमेल सही रहा है। श्री मुखर्जी ने कल राष्ट्रपति भवन में वरिष्ठ पत्रकारों को भोज पर आमंत्रित किया। इस दौरान राष्ट्रपति के निवर्तमान प्रेस सचिव वेणु राजमणि भी मौजूद रहे। Read more
एंकर श्वेता सिंह

एंकर श्वेता सिंह की पसन्दीदा कविता

आजतक की स्टार एंकर साहित्यप्रेमी भी हैं। उनकी पसन्दीदा कविता कौन है आप भी जानिए   यह हार एक विराम है जीवन महासंग्राम है तिल-तिल मिटूँगा पर दया की भीख मैं लूँगा नहीं। वरदान माँगूँगा नहीं | स्‍मृति सुखद प्रहरों के लिए अपने खंडहरों के लिए यह जान लो मैं विश्‍व की संपत्ति चाहूँगा नहीं। वरदान माँगूँगा नहीं | क्‍या हार में क्‍या जीत में किंचित नहीं भयभीत मैं संघर्ष पथ पर जो मिले यह भी सही वह भी सही। वरदान माँगूँगा नहीं | लघुता न अब मेरी छुओ तुम हो महान बने रहो अपने हृदय की वेदना मैं व्‍यर्थ त्‍यागूँगा नहीं। वरदान माँगूँगा नहीं | चाहे हृदय को ताप... Read more