बात-मुलाकात

नुज खरे।

डिजिटल की अच्छी समझ के लिए तीन ‘T’ पर कमांड जरूरीः अनुज खरे

[caption id="attachment_2452" align="alignleft" width="243"]  अनुज खरे, साथ हैं शाहरुख खान।[/caption] मीडिया मिरर की साक्षात्कार श्रृंखला बात-मुलाकात में इस बार हमारे अतिथि हैं दैनिक भास्कर डॉट कॉम के सम्पादक अनुज खरे। अनुज खरे पत्रकार के साथ साथ व्यंगकार भी हैं। व्यंग पर 3 किताबें लिख चुके हैं। अभी एकदम ताजा उनकी किताब है बातें-बेमतलब। व्यंग लिखते हैं निश्चित ही मजेदार इंसान हैं पर संजीदा भी। दैनिक भास्कर डॉट कॉम में काम कर रहे आदित्य मिश्रा का कहना है कि उन्हें खुशी है की वो अनुज खरे की टीम का हिस्सा हैं। आदित्य कहते हैं कि 7 साल की पत्रकारिता में इतना बेहतर सम्पादक नहीं देखा। बेहतर से आशय पेशेवर व निजी... Read more
पत्रिका छत्तीसगढ़ के ब्यूरो प्रमुख राजकुमार सोनी

छत्तीसगढ़ में पत्रकार व पत्रकारिता दोनो संकट मेंः राजकुमार सोनी 

मीडिया मिरर की साक्षात्कार श्रंखला बात मुलाकात में इस बार हमारे अतिथि हैं  छत्तीसगढ़ राजस्थान पत्रिका अखबार के स्टेट ब्यूरो हेड राजकुमार सोनी। श्री सोनी से मीडिया मिरर ने लम्बी बातचीत की। छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता की चुनौतियां, पुलिस और नक्सलियों के बीच पत्रकारों के सामंजस्य आदि प्रमुख मुद्दों पर बातचीत हुई।    मीडिया मिरर सम्पादक प्रशांत राजावत के सवाल पत्रिका के स्टेट ब्यूरो हेड राजकुमार सोनी के जवाब   सवालः आपकी तीन नई किताबें आ रही हैं। उनके बारे में कुछ बताइए। किस विषय पर हैं ये किताबें। खासतौर पर लाल गलियारे से और बदनाम गली के बारे में बताइए। बड़े दिलचस्प नाम हैं। जवाब- जी... वर्ष २०१८ में तीन किताबें... Read more
मुनव्वर राणा

ख़राब खाना, ख़राब शायरी और ख़राब आदमी मैं टालरेट नहीं कर सकताः मुनव्वर राणा

कुलदीप मिश्र और मुनव्वर राणा की खास बातचीत   दावर-ए-हश्र तुझे मेरी इबादत की कसम ये मेरा नाम-ए-आमाल इज़ाफी होगा नेकियां गिनने की नौबत ही नहीं आएगी मैंने जो मां पर लिक्खा है, वही काफी होगा मां और तमाम मुक़द्दस रिश्तों पर सबसे मकबूल शेर कहने वाले मुनव्वर राना आज 62 साल के हो गए. रायबरेली में जन्मे और अब लखनऊ में रहने वाले मुनव्वर से नाचीज की मुलाकात 23 सितंबर 2012 को अंबाला में हुई थी. उनके जन्मदिन पर उन्हें उनकी गजलों के साथ इस इंटरव्यू से भी जानिए, क्योंकि न मैं कंघी बनाता हूं न मैं चोटी बनाता हूं ग़ज़ल में आपबीती को मैं जगबीती बनाता हूं ग़ज़ल... Read more
युवा लेखक और पत्रकार सुशोभित सक्तावत।

मेरा काफ़ी समय सोचने में ही बीत जाता हैः सुशोभित सक्तावत

[caption id="attachment_2436" align="alignleft" width="300"] सुशोभित के साथ अभिनेत्री दीप्ति नवल।[/caption] मीडिया मिरर की साक्षात्कार श्रंखला बात-मुलाकात में इस बार हमारे अतिथि हैं  इंदौर के युवा लेखक और पत्रकार सुशोभित सक्तावत। सुशोभित फेसबुक का चर्चित नाम हैं। इसके साथ ही अभिनेत्री दीप्ति नवल की आत्मकथा के सम्पादक भी हैं। आत्मकथा अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित होगी। हाल ही में सुशोभित तब चर्चा में आए जब इनके आलेख के अंश साहित्यिक चोरी के अंतर्गत प्रसिद्ध पत्रिका हंस में पाए गए।  सुशोभित माइकल जैक्सन की जीवनी लिख चुके हैं। सत्यजीत रॉय पर किताब लिख चुके हैं। पर दोनों किताबें अप्रकाशित हैं। वो कहते किताबों का प्रकाशन बहुधा अपने हाथ में नहीं होता। सुशोभित फिलवक्त... Read more
मुख संजय कुमार सिंह।

पत्रकारिता योग्य लोगों को डिजर्व नहीं करतीः संजय सिंह

मीडिया मिरर की साक्षात्कार श्रंखला बात मुलाकात में इस बार हमारे अतिथि हैं वरिष्ठ पत्रकार व अनुवाद कम्युनिकेशन के संस्थापक संजय कुमार सिंह। संजय जी प्रभात खबर, आज और लम्बे समय तक जनसत्ता दिल्ली का हिस्सा रहे। फिलहाल पत्रकारिता से दूर हैं अपनी अनुवाद संस्था चलाते हैं। मूलरूप से जमशेदपुर से हैं अभी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में रहते हैं। संजय जी ने हाल ही में अपने पत्रकारिता अनुभवों पर आधारित किताब लिखी है, उनका कहना है ये किताब पत्रकारिता के छात्रों को जरूर पढ़नी चाहिए।   संजय कुमार सिंह से मीडिया मिरर सम्पादक प्रशांत राजावत की विशेष बातचीतः-     सवालःआपने हाल ही में पत्रकारिता पर किताब लिखी है सबसे... Read more
फिल्म शूटिंग के दौरान राजनेता अमर सिंह और अभिनेता गोविंद नामदेव से चर्चा करते शैलेंद्र पांडे।

मीडिया से हूं पर मीडिया के लोगों ने ही सीरियसली नहीं लिया मुझेः  शैलेंद्र पांडे

[caption id="attachment_2188" align="alignleft" width="327"] शैंलेद्र पांडे की फिल्म का पोस्टर[/caption] मीडिया मिरर की साक्षात्कार श्रृंखला बात मुलाकात में इस बार हमारे अतिथि हैं राजस्थान पत्रिका दिल्ली के फोटो एडीटर शैलेंद्र पांडे। शैलेंद्र ने बतौर निर्माता-निर्देशक जेडी नाम की फिल्म बनाई है जो अगले महीने 22 सितम्बर को देशभर में रिलीज होगी। फिल्म की पृष्ठिभूमि पत्रकारिता पर आधारित है। फिल्म में राजनेता अमर सिंह, अभिनेता अमन वर्मा, गोविंद नामदेव, संजय दत्त को सजा सुनाने वाले जस्टिस कोडे जैसे दिग्गज लोग काम कर रहे हैं। शैलेंद्र मूलरूप से बीघापुर उन्नाव उत्तरप्रदेश से वास्ता रखते हैं। शैलेंद्र एक मिसाल हैं इस संदर्भ में कि जब पत्रकारों के पास खुद के लिए वक्त नहीं... Read more
dr.nirmala mani adhikary

Nepali media is the most independent media in the world- dr. adhikary

बात मुलाकात में अतिथि हैं डॉ. निर्मलमणि अधिकारी मीडिया मिरर की साक्षात्कार श्रंखला बात मुलाकात में इस बार अतिथि हैं काठमांडू विश्वविद्यालय नेपाल में पत्रकारिता के प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ.निर्मल मणि अधिकारी। उनसे विशेष बातचीत की मीडिया मिरर के सम्पादक प्रशांत राजावत ने। Today, Shri Nirmala Mani Adhikary, Professor and HOD of Journalism in Kathmandu University is the guest in the Interview Series of the BAT MULAKAT of the Media Mirror. His special conversation with Prashant Rajawat Editor Media Mirror.     सवाल-  सबसे पहले अपने बारे में कुछ बताइए। शिक्षा कहां से हुई। नेपाल में मूलतः कहां के रहने वाले हैं। मीडिया शिक्षक बनने का ख्याल कैसे आया। Question-... Read more
तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल के साथ अर्चना दत्ता

राष्ट्रपति के विशेष विमान में 25 से ज्यादा पत्रकारों की एंट्री नहीः अर्चना दत्ता

[caption id="attachment_1945" align="alignleft" width="300"] विदेश यात्रा के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के विशेष विमान में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस की तस्वीर। जिसमें अर्चना दत्ता और पत्रकार साथी दिख रहे हैं।[/caption] मीडिया मिरर की साक्षात्कार श्रृंखला बात-मुलाकात में अतिथि हैं अर्चना दत्ता। श्रीमती दत्ता तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल की प्रेस सचिव व दूरदर्शन व आल इंडिया रेडियो की महानिदेशक रही हैं। फिलहाल खाली समय में कविताएं लिखती हैं, फोटोग्राफी करती हैं। हाल ही में उनका एक कविता संग्रह भी प्रकाशित हुआ है। मीडिया कॉलेजों में अतिथि शिक्षक के तौर पर जाती रहती हैं। मीडिया मिरर के सम्पादक प्रशांत राजावत से उन्होंने दिल्ली स्थित अपने निवास पर लम्बी बातचीत की। बातचीत के... Read more
 मैन बुकर पुरस्कार 2017 की दौड़ में अरुंधति रॉय

मैं तब तक नहीं लिखूंगी जब तक मुझे लिखने की जरूरत महसूस नहीं होगीः अरुंधती रॉय

22 वर्ष पहले द गॉड ऑफ स्माल थिंग्स के लिए मैन बुकर अवार्ड जीतने वाली अरुंधती रॉय एक बार फिर साहित्य जगत के प्रतिष्ठित पुरस्कार मैन बुकर की दौड़ में शामिल हैं। इस बार उनके हालिया प्रकाशित उपन्यास मिनिस्ट्री ऑफ अटमोस्ट हैप्पिनेस के लिए उनका नाम शार्ट लिस्टेड है। बहुत लम्बे अंतराल बाद किताबें सामने लाती हैं अरुंधति। इसका कारण भी वो साफ करती हैं कि उपन्यास उनके लिए प्रार्थना की तरह हैं। वो कारखाने की तरह काम नहीं करना चाहतीं। अरुंधती साफतौर पर इस साक्षात्कार में कहती हैं कि वो तब तक नहीं लिखतीं जब तक लिखने की जरूरत महसूस न हो। आउटलुक से साभार ये शानदार साक्षात्कार आपको... Read more
सियोल में कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते सतेंद्र त्रिपाठी

हिंदी में ही बोलना चाहता था, पर विदेशी हिंदी नहीं जानते ना: सतेंद्र त्रिपाठी

पंजाब केसरी दिल्ली के मुख्य संवाददाता सतेंद्र त्रिपाठी हाल में दक्षिण कोरिया सियोल गए थे एशियन पॉलिटिकल पार्टीज के मीडिया फोरम द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ़्रेन्स में। कांफ्रेंस से लौटकर उन्होंने मीडिया मिरर सम्पादक प्रशांत राजावत से चर्चा की। सवाल: कोरिया कैसा लगा जवाब: बहुत बढ़िया, बहुत ही बढ़िया। बहुत विनम्र लोग हैं वहां के। इतने प्यार से बोलते हैं की क्या कहने। हाँ जो शाकाहारी हैं उनके लिए ज़रूर थोड़ा परेशानी है। सवाल: भारत से क्या और भी पत्रकार इस कॉन्फ़्रेन्स में गए थे जवाब: नहीं, मैं और मेरे सहयोगी सज्जन चौधरी ही बतौर पत्रकार भारत से वहां थे। सवाल: दरअसल क्या चर्चा हुई इस फ़ोरम में जवाब: देखिए ये... Read more