जानिए अपने पत्रकार व लेखक को

दैनिक भास्कर डिजिटल के सम्पादक अनुज खरे,

पत्रकार से व्यंगकार बने अनुज खरे और पीयूष पांडेय की चर्चा

प्रसिद्ध व्यंगकार सुशील सिद्धार्थ व्यंगकारों का बचपन नाम से एक किताब सम्पादित कर रहे हैं जिसमें देशभर के व्यंगकारों का जिक्र है। मीडिया मिरर ने उसी कड़ी से दैनिक भास्कर डिजिटल के सम्पादक अनुज खरे व आजतक के पत्रकार पीयूष पांडेय के अंश को यहां आपके लिए प्रस्तुत किया है। इन दोनो पत्रकार साथियों की व्यंगबाण से सजी किताबें बाजार में हैं। यहां  जानकारी सुशील सिद्धार्थ जी के सौजन्य से हम प्रस्तुत कर रहे हैं।    व्यंग्यकारों का बचपन ' अंश 22 अनुज खरे हमारी नयी पीढ़ी के गजब व्यंग्यकार हैं।नया तेवर,नया कलेवर रखने वाला एक पेवर लेखक।तकनीक के नवीनतम रूपों से खेलते हैं।इसलिए विषय चयन में अप्रत्याशित रोचकता आती... Read more
नवभारत टाइम्स मुंबई के सम्पादक सुंदर चंद ठाकुर

सम्पादक सुंदर चंद ठाकुर के रचनाकर्म की चर्चा

स्मृति, जड़ों और अस्तित्व के लिए लड़े जा रहे युद्ध  (हिंदी लेखन में ‘देसी परंपरा’ बनाम ‘देसी आधुनिकता’ का संघर्ष) सुन्दर चंद ठाकुर का उपन्यास ‘पत्थर पर दूब’ 2012 में प्रकाशित हुआ था और लेखकों के एक खास तबके में उसकी थोड़ी-बहुत चर्चा भी हुई थी. संभव है कि उपन्यास पर हुई सभी चर्चाएँ मेरी नजरों से न गुजरी हों, पिछले दिनों जब मैं उपन्यास के संसार का हिस्सा बना, लगा कि इस उपन्यास पर विस्तार से बातें होनी चाहिए थीं. उपन्यास सरल-निश्छल सामाजिक ताने-बाने के बीच पले-बढ़े एक निम्न-मध्यवर्गीय महत्वाकांक्षी लड़के के फ़ौज का अफसर बनने के साथ ही अपनी स्थानीय जड़ों के अहसास के बीच आत्मीयता के अन्तरंग... Read more
खुशवंत सिंह

गंदा बूढ़ा आदमी दरअसल पूरा गंदा नहीं था

एडीटर अटैक- प्रशांत राजावत ..... डर्टी ओल्ड मैन जी हां हम बात कर रहे हैं प्रसिद्ध पत्रकार व लेखक खुशवंत सिंह की। खुशवंत सिंह को एक तबका डर्टी ओल्ड मैन नाम से भी जानता समझता है। हम इसी पर आज चर्चा करेंगे कि आखिर देश के प्रख्यात पत्रकार खुशवंत सिहं डर्टी ओल्ड मैन की छवि में कैसे कैद हुए, उन्हें ये नाम क्यों मिला। अतीत में थोड़ा ले चलते हैं खुशवंत सिंह मूलरूप से हदाली पंजाब में पैदा हुए जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। लंदन से बैरिस्टर की पढ़ाई की। लाहौर में वकालत की, दिल्ली में भी वकालत की। पर उन्हें लगा ये उनके रुचि का क्षेत्र नहीं और... Read more
रस्किन बांड अपने मसूरी स्थित घर में

दुनिया निश्चित तौर पर रहने लायक अच्छी जगह नहीं है: रस्किन बॉन्ड

- रस्किन मोबाइल नहीं रखते, लैपटॉप नहीं चलाते। किसी साहित्यिक गोष्ठी पर नियमित नहीं जाते, अमूमन जाते ही नहीं। मीडिया से दूर, लेखकों से भी दूर ही रहते हैं अपने पहाड़ी मकान में। अविवाहित हैं। टीवी नहीं देखते कहते हैं सब हिंसा दिखाने में मशगूल हैं और रस्किन मनोरंजन ढूढ़ते हैं।  रस्किन लोगों से मिलने में दिलचस्पी नहीं लेते। एक बार एक आदमी रस्किन के मसूरी स्थित घर पहुंचा मिलने, हालाँकि उसने रस्किन को कभी देखा नहीं था, वो घर पर पहुंचा, घण्टी बजाई, रस्किन बाहर आये मुंह से धूआँ निकालते, जाड़े के दिन थे और ऊपर से पहाड़ सर्दी ज्यादा होना लाज़िमी है न। रस्किन बोले बताइये क्या मदद... Read more
अरुंधति रॉय के युवावस्था के दिन

भारत की दिक्कत यही है कि यहां गरीबों की आवाज गरीब ही उठाते हैः अरुंधति रॉय

  [caption id="attachment_2205" align="alignleft" width="207"] अरुंधति रॉय[/caption] 1961 में जन्मी सुजन्ना अरुंधति रॉय  में कुछ भी ऐसा नहीं जो आम लड़की से अलग हो। उन्हें अपने कॉलेज में दिनों में पहली नजर में ही एक लड़के से प्यार हो जाता है और फिर वो उसको अपना जीवनसाथी बना लेती हैं। हालांकि ये शादी 4 साल तक ही चल पाती है। अरुंधति 1997 यानी द गॉड ऑफ स्माल थिंग्स किताब आने के पहले तक बिल्कुल साधारण सी, पतली, सांवली सी खूबसूरत आम लड़की थीं। जिसे कोई नहीं जानता था।   जो कभी एरोबिक्स क्लास लेती है तो कभी रोजगार के लिए कई अलग अलग जगहों पर नौकरी करती है। बाद में... Read more
दाएं से जया, तरुण कुमार (जया के पिता) और हरबंश राय बच्चन।

अमिताभ बच्चन के ससुर थे भोपाल के प्रसिद्ध पत्रकार

आज हम आपको बताने जा रहे हैं तरुण कुमार भादुड़ी के बारे में। तरुण कुमार अभिनेता अमिताभ बच्चन के ससुर थे और जया बच्चन के पिता। जया बच्चन को फिल्म जगत में पदार्पण कराने में तरुण कुमार की मुख्य भूमिका थी। तरुण कुमार फिल्म निर्देशक सत्यजीत रे के अच्छे मित्र थे।  पत्रकार तरुण कुमार भादुड़ी की तीन बेटियों में जया सबसे बड़ी हैं। तरुण कुमार का वास्तविक नाम सुधांशु भूषण था। सन 1936 में उनके पिता देवीभूषण दिल्ली से स्थानांतरित होकर नागपुर पहुंचे थे। वह रेवेन्यू विभाग में अकाउंट्स ऑफिसर थे। तरुण कुमार नागपुर-टाइम्स' में पत्रकार हो गए। सन 1956 में जब मध्य प्रदेश बना तो वह 'स्टेट्समैन' के प्रतिनिधि... Read more
अपने निवास प्रतीक्षा में फोटोग्राफर परेश को दुलारते अमिताभ बच्चन

सैफ-करीना के विश्वास को ही नहीं दिल को भी जीता बिग बी के फोटोग्राफर परेश ने

सैफ बोले मेरी शादी की फोटो खींचना तुम्ही परेश, पर एक भी फोटो लीक नहीं होना चाहिए, विवाह संपन्न हुआ फोटोग्राफी और वीडियाग्राफी परेश ने ही की और एक भी फोटो या फुटेज कहीं भी लीक नहीं हुआ और ऐसे दिल जीत लिया फोटोग्राफर परेश ने। विश्वास जब कोई जीतता है तो उसे घर में नहीं दिल में जगह मिलती है। सैफ-करीना कई बार परेश के इस भरोसे का जिक्र कर चुके हैं।  अमिताभ बच्चन के निजी फोटोग्राफर परेश मेहता की कहानी ः-   अमिताभ बच्चन के निजी फोटोग्राफर परेश मेहता 36 सालों से फोटोग्राफी जगत में हैं। अमिताभ बच्चन की जितनी भी तस्वीरें आप सोशल साइट या उनके ब्लॉग में... Read more
निहारिका

निहारिका मार्गेट अल्वा

Know your journalist निहारिका मार्गेट अल्वा,टाइम्स ऑफ़ इंडिया।। निहारिका प्रसिद्ध लेखक अनुजा चौहान की बेटी और कांग्रेस नेता मार्गेट अल्वा की नातिन हैं। Read more
प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय

प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय अपनी बेटियों अवनि, पूर्वी व पत्नी गुरमीत के साथ

Know your journalist प्रसिद्ध फोटोग्राफर रघु राय अपनी बेटियों अवनि, पूर्वी व पत्नी गुरमीत के साथ। अवनि फैशन फोटोग्राफर हैं। रघु जी क्रिएटिव इमेज पत्रिका के एडीटर हैं और फ़ोटोग्राफी प्रशिक्षण संस्थान भी चलाते हैं दिल्ली में।।। रघु रॉय द्वारा भोपाल गैस कांड की खींची तस्वीर बहुत चर्चित हुई थी। Read more
बरखा दत्त की बहन हैं ये

बरखा दत्त की बहन हैं ये

बहार दत्त, पूर्व पर्यावरण सम्पादक सीएनएन आईबीएन। जबरदस्त पशु प्रेमी हैं। क़ाबिल वीडियो जर्नलिस्ट हैं। पर्यावरण को क्या खूबी से कैमरे में कैद करती हैं। वाह। आनंद आ जाता है। और ये तो विदित ही है बरखा और बहार दोनों प्रख्यात पत्रकार प्रभा दत्त की बेटी हैं। Read more