prashant rajawat

मीडिया मिरर

द डायरी ऑफ अ यंग जर्नलिस्ट

   मीडिया पढ़ाई के नाम पर गोरखधंधा प्रशांत राजावत. सम्पादक मीडिया मिरर दरअसल हमलोग निरे देहाती किस्म के लोग थे। शहर आया जाया करते थे पर शहर को समझा-जाना कभी नहीं और यहां के फ़रेबी लोगों से वास्ता नहीं पड़ा। इसलिए जब शहर पढ़ने के लिए आए तो हमें फ़रेबी इंसान भी पहले भलामानुष ही लगा। हम बीए की पढ़ाई खत्म करके अपने मित्र के साथ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली आ पहुंचे। पापा ने कहा था पत्रकार बन जाओ, हमारे यहां एक पत्रकार थे उनका बड़ा जलवा था। मंत्री मिनिस्टर सब जानते थे। बस पापा ने ठान लिया पत्रकार बनाएंगे। हम भी अपना बैग उठाए और आ गए। फिर क्या पश्चिमी... Read more
पत्रकार संदीप शर्मा का फाइल फोटो

एक पत्रकार की हत्या का मतलब है लोकतंत्र ख़तरे में है

एडीटर अटैकः प्रशांत राजावत    एक पत्रकार की हत्या का मतलब है कि लोकतंत्र ख़तरे में है। जनता की आवाज़ दबाई जा रही है। सत्ताधारी ताकतें उफान पर है। अपराध चरम पर है। जी हां यही मायने हैं एक पत्रकार की हत्या के। जब एक पत्रकार की हत्या होती है तो एक व्यक्ति नहीं मरता बल्कि मरती है जनता की आवाज, पत्रकारिता की साख और वजूद। उस दिन मरता नहीं व्यक्ति बल्कि मर जाती है मीडिया नाम की संस्था जिसे जनता की आवाज़ के रूप में देखा और समझा जाता है।    [caption id="attachment_3078" align="alignleft" width="169"] टीआरटी वर्ल्ड[/caption] [caption id="attachment_3079" align="alignleft" width="169"] विदेश का बड़ा अखबार[/caption] [caption id="attachment_3081" align="alignleft" width="169"] द... Read more